गढ़चिरौली (एजेंसी)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने गुरुवार को दावा किया कि नक्सली गतिविधियां पूर्वी महाराष्ट्र के दूरदराज के इलाकों तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि राज्य के बड़े शहरों में शहरी नक्सलीकरण भी देखा जा रहा है। पवार राज्य के गढ़चिरौली जिले में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे जहां शनिवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मिलिंद तेलतुमड़े समेत 27 नक्सली मारे गए थे।

जिले में नक्सली खतरे के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा कि स्थिति में सुधार हो रहा है, लेकिन कुछ नई घटनाएं हो रही है जिसमें कुछ तत्व राज्य के अन्य हिस्सों में भी सरकार के खिलाफ नफरत का भाव भरने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हम इसे शहरी नक्सलीकरण कह सकते हैं। इसी तरह की कुछ ताकतें नागपुर, पुणे, मुंबई और सहयाद्री पर्वतमाला के हिस्सों और यहां तक कि केरल में भी सक्रिय हैं। एक ऐसा वर्ग है जो सरकार के खिलाफ नफरत भरने और जनमत बनाने की कोशिश कर रहा है।’

बता दें कि पवार की पार्टी महाराष्ट्र की सरकार में एक घटक है और गृह मंत्रालय उनकी पार्टी के मंत्री के पास है। चार बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके पवार ने कहा, ‘इस पहलू के बारे में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है अन्यथा नई समस्या खड़ी हो जाएगी।’ याद दिला दे कि भाजपा नेता अक्सर ही यह दावा करने के लिए शहरी नक्सलवाद शब्द का इस्तेमाल करते हैं कि शहरी क्षेत्रों में उनके समर्थक और हमदर्द छिपे हुए हैं।

इस बीच, पवार ने गढ़चिरौली के सुरजागढ़ में खनन के जरिये औद्योगिक विकास की वकालत की। हाल में इस इलाके में खनन के खिलाफ स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए थे। इस सवाल पर कि खनन से स्थानीय जनजातियों को प्राकृतिक संसाधनों से आजीविका छिन जाने का डर है, पवार ने कहा कि नौकरियों के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए कृषि में सुधार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि यहां की युवा पीढ़ी की निराशा दूर करने के लिए उन्हें नौकरियों के अवसर मिलने चाहिए। सुरजागढ़ उन्हें बड़े पैमाने पर यह अधिकार और अवसर देगा और यहां एक महत्वपूर्ण व स्थायी उद्योग विकसित होगा।’

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