उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के अकराबाद थाना इलाके में 16 वर्षीय दलित किशोरी की हत्या के मामले में सोमवार को दिनभर हंगामा होता रहा। हालांकि परिजनों की सहमति से पुलिस ने अंतिम संस्कार कर दिया। सोमवार की शाम को अलीगढ़ के एसएसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की जानकारी दी। 

एसएसपी मुनिराज ने बताया कि पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ है कि दुष्कर्म के प्रयास में दलित किशोरी की हत्या गला व मुंह दबाकर की गई है। बच्ची के गर्दन पर चोट के निशान मिले हैं। मुंह पर भी खरोंच हैं, हाथ पैरों पर लाश को खींचने  के कारण खरोंच के निशान पड़े हैं।

उन्होंने बताया कि शव पर कई जगह नाखून के निशान मिले हैं। दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। इंटरनल पार्ट पर कोई निशान नहीं मिला है। फिर भी सीमेन की जांच के लिए स्लाइड फॉरेंसिक लैब भेजी जा रही है।

एसएसपी मुनिराज ने मीडिया के सामने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इंटरनल पार्ट पर कोई चोट नहीं है। माइक्रो स्कोपी जांच में स्वाब से और तस्दीक कराई जा रही है। उसकी फाइनल रिपोर्ट आने के बाद बाकी जानकारी साझा की जाएगी। अभी तक डॉक्टरों के पैनल ने दुष्कर्म नहीं माना है। 

उन्होंने बताया कि मां, बुआ और वकील की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया। गौरतलब है कि थाना अकराबाद क्षेत्र के एक गांव में अपने ननिहाल में रह रही 16 वर्षीय दलित किशोरी की हत्या कर शव गेहूं के खेत में फेंक दिया गया था। इस वारदात को रविवार दोपहर उस समय अंजाम दिया गया था, जब वह अपने खेत में चारा लेने गई थी। 

देर शाम उसका शव मिलने के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए थे। वे अपराधियों के नाम उजागर होने तक शव नहीं ले जाने देने की जिद पर अड़ गए थे। इस दौरान पुलिस की गाड़ियों के आगे आग जलाकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था और ईंट-पत्थर भी फेंके थे। ग्रामीणों को काफी समझाने के बाद रात करीब साढ़े दस बजे पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जा सकी थी।

पोस्टमार्टम हाउस पर परिजनों की मौजूदगी में पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद किशोरी का शव पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ सुरक्षा घेरे में सासनी गेट क्षेत्र के जयगंज स्थित पैतृक घर के लिए रवाना कर दिया गया।

पैतृक घर से दलित किशोरी की शव यात्रा पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में भारी संख्या पुलिस बल के साथ सुरक्षा घेरे में काली दह श्मशान घाट के लिए रवाना हुई। इस दौरान आगरा रोड केपी स्कूल के सामने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया गया। 
 

काफी प्रसास के बाद भी पुलिस शवयात्रा को आगे नहीं बढ़वा सकी। आरोपियों को फांसी की मांग करते हुए भीम आर्मी वाले नारेबाजी करते रहे। महिलाएं भी जाम में शामिल हो गई हैं। हालांकि काफी सझाइश के बाद जाम खोल दिया गया और शवयात्रा आगे के लिए रवाना हो गई। 

अलीगढ़ के अकराबाद क्षेत्र के एक गांव के जंगल में मिले किशोरी के शव का रविवार को पोस्टमार्टम हाउस पर परिजनों की मौजूदगी में पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद किशोरी का शव पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ सुरक्षा घेरे में सासनी गेट क्षेत्र के जयगंज स्थित पैतृक घर के लिए रवाना कर दिया गया।

पैतृक घर से दलित किशोरी की शव यात्रा पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में भारी संख्या पुलिस बल के साथ सुरक्षा घेरे में काली दह श्मशान घाट के लिए रवाना हुई। आगरा रोड केपी स्कूल के सामने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया गया। आरोपियों को फांसी की मांग करते हुए भीम आर्मी वाले नारेबाजी की। हालांकि काफी सझाइश के बाद जाम खोल दिया गया और शवयात्रा आगे के लिए रवाना हो गई। 

इस दौरान आगरा रोड पर शव को लेकर खींचतान भी हुई। पुलिस ने जैसे-तैसे शव श्मशान पहुंचाया। पुलिस के रुख को देख युवकों में भगदड़ मच गई। बताया जा रहा है कि पुलिस को आंबेडकर पार्क पर लाठियां फटकारनी पड़ीं। कुछ युवक शव ले जाने का विरोध कर रहे थे। श्मशान घाट में भी हंगामा हुआ। बुआ के कहने पर नेता शांत हुए। इसके बाद अंतिम संस्कार किया गया। 

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