वर्तमान में पश्चिम बंगाल के 90,276 सरकारी कर्मचारी आई-गॉट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर अभी तक हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
अब तक पश्चिम बंगाल सरकार के प्राथमिकता वाले विभागों के लिए आठ क्षमता निर्माण योजनाओं (सीबीपी) के मसौदे तैयार किए जा चुके हैं। आई-गॉट कर्मयोगी डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म पर 5,600 से अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों, कार्यों और व्यवहारों से संबंधित दक्षताओं को शामिल किया गया है। ये पाठ्यक्रम पश्चिम बंगाल सहित सभी पंजीकृत उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध हैं। आज तक पश्चिम बंगाल के शिक्षार्थियों द्वारा 10,493 पाठ्यक्रम पूर्ण किए जा चुके हैं। इसके अलावा, केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों और अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों, जिनमें पश्चिम बंगाल में कार्यरत अधिकारी भी शामिल हैं, को आई-गॉट पर निर्धारित पाठ्यक्रम प्रतिवर्ष अनिवार्य रूप से पूर्ण करने होते हैं, जो संबंधित अवधि के लिए उनके संबंधित एपीएआर में दर्ज हो जाते हैं।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग मिशन कर्मयोगी की अन्य कार्यान्वयन एजेंसियों – क्षमता निर्माण आयोग (सीबीसी) और एसपीवी कर्मयोगी भारत (केबी) के साथ मिलकर पश्चिम बंगाल सरकार की क्षमता निर्माण पहलों में सहयोग कर रहा है। इन पहलों में भूमिका-आधारित दक्षता ढांचे को अपनाने में मार्गदर्शन, आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण और आई-गॉट को अन्य मानव संसाधन प्लेटफॉर्म/उपकरणों के साथ एकीकृत करना शामिल है। इस उद्देश्य के लिए पश्चिम बंगाल राज्य के नोडल अधिकारी के रूप में सीबीसी से एक कार्यक्रम समन्वयक और केबी से एक सहायक प्रबंधक कार्यरत हैं। विभाग, पश्चिम बंगाल सहित सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में ‘सभी के लिए प्रशिक्षण’ (टीएफए) योजना के माध्यम से लक्षित क्षमता निर्माण गतिविधियों में भी सहयोग करता है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष विभाग राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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