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भारत का ऊर्जा परिदृश्य भारत का ऊर्जा परिदृश्य ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और स्वच्छ भविष्य का समर्थन करते हुए बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए विकसित हो रहा है। इस परिवर्तन में नवीकरणीय ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, कोयला और उभरती हुई प्रौद्योगिकियाँ शामिल हैं। नीतियों का समर्थन, बुनियादी ढांचे का विकास, घरेलू उत्पादन, विनिर्माण विस्तार और व्यापक ऊर्जा पहुंच इस परिवर्तन को आकार दे रहे हैं। भारत गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता का विस्तार कर रहा है, घरेलू ऊर्जा संसाधनों को मजबूत कर रहा है और भविष्य के लिए नई प्रौद्योगिकियों एक साथ विकास कर रहा है। संक्षिप्त आंकड़े: कोयले से ऊर्जा सुरक्षा को सशक्त बनाना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और बिजली आपूर्ति में कोयला एक प्रमुख भूमिका निभा रहा है। यह देश की लगभग 55 प्रतिशत प्राथमिक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करता है और 70 प्रतिशत से अधिक बिजली उत्पादन का समर्थन करता है। भारत के पास लगभग 4,00,715 मिलियन टन (एम टी) कोयला भंडार है और यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक और उपभोक्ता है।…
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खनिज कराधान में निश्चितता और एकरूपता खनिज विनियम: एक नज़र खनिज मजबूत भू-राजनीतिक महत्व के साथ महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन हैं। वे बुनियादी ढांचे, डिजिटल प्रणालियों, विनिर्माण, ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय आर्थिक विकास में मदद करते हैं। सभी क्षेत्रों में संतुलित और सतत खनिज विकास जनहित और दीर्घकालिक समृद्धि को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण आधार बना हुआ है।…
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भारत के विनिर्माण लक्ष्यों को सुदृढ़ बनाना: भारत की विकास…
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