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दीनदयाल उपाध्याय-ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) 2.0 के अंतर्गत अक्टूबर 2026 से राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में 70,000 ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा


ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के कार्यान्वयन में तेजी लाई

ग्रामीण विकास मंत्रालय अक्टूबर 2026 से अधिकांश राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में दीनदयाल उपाध्याय-ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) 2.0 प्रशिक्षण बैच शुरू करने जा रहा है।

डीडीयू-जीकेवाई 2.0 पोर्टल (https://kaushal.rural.gov.in) के अनुसार, 24 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों (पीआईए) को 1,200 से अधिक परियोजनाओं के लिए 5.6 लाख लक्ष्य आवंटित किए जा चुके हैं। अन्य राज्य लक्ष्य आवंटन के उन्नत चरणों में हैं। देशभर के 24 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 70,000 ग्रामीण युवाओं के 2,015 बैचों का प्रशिक्षण अक्टूबर 2026 में शुरू होने की उम्मीद है।

डीडीयू-जीकेवाई एक केंद्र प्रायोजित योजना है जो गरीब ग्रामीण युवाओं को रोजगार से जुड़ा कौशल प्रशिक्षण प्रदान करती है। प्रशिक्षण की अवधि 3 महीने से 12 महीने तक की होती है। डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के अंतर्गत 2026-28 की दो वर्षीय अवधि के लिए सभी 31 भागीदार राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को 9 लाख से अधिक लक्ष्य आवंटित किए गए हैं। राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को ग्रामीण युवाओं को संगठित करना होगा और मांग के अनुसार, सार्वजनिक-निजी भागीदारी में राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप पाठ्यक्रमों में रोजगार से जुड़ा कौशल प्रशिक्षण आयोजित करना होगा जिससे लाभार्थियों की सतत रोजगार क्षमता सुनिश्चित हो सके। मंत्रालय ने कहा है कि यह राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों की कार्रवाई के लिए एक महत्वपूर्ण चरण है। मंत्रालय ने परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों (पीआईए) को लक्ष्य आवंटित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने और तय समयसीमा के अनुसार बैच शुरू करने के लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया। राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रशिक्षण शुरू करने के लिए पीआईए को 31 अक्टूबर 2026 तक लक्ष्य आवंटित कर दिए जाएं।

बैच शुरू होने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के साथ चरणबद्ध तरीके से समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

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