विभाग ने सतत स्वच्छता पहलों के माध्यम से कार्यालय की स्वच्छता और स्थान प्रबंधन को बेहतर बनाया
वित्त मंत्रालय के अंतर्गत निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) विशेष अभियान 5.0 के ढाँचे के तहत सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और लंबित मामलों को न्यूनतम करने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। डीआईपीएएम के अधीन कोई संबद्ध या अधीनस्थ कार्यालय अथवा स्वायत्त निकाय नहीं है।
नवंबर 2025 से अगस्त 2026 की अवधि के दौरान, डीआईपीएएम ने लंबित मामलों, जिनमें जन शिकायतें एवं अपीलें, अंतर-मंत्रालयी एवं पीएमओ संदर्भ तथा संसदीय आश्वासन शामिल हैं, के समयबद्ध निपटान पर विशेष ध्यान दिया। प्रक्रियाओं के सरलीकरण, प्रभावी रिकॉर्ड प्रबंधन तथा कार्यालय के रखरखाव संबंधी गतिविधियों पर भी निरंतर जोर दिया गया।
इस अवधि के दौरान प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं:
लंबित मामलों में कमी: विभाग ने लंबित लोक शिकायतों, अपीलों, अंतर-मंत्रालयी और पीएमओ संदर्भों तथा संसदीय आश्वासनों का सफलतापूर्वक समाधान कर दिया है। आज की तारीख तक, डीआईपीएएम के पास कोई भी अंतर-मंत्रालयी समिति (आईएमसी) संदर्भ, लोक शिकायत या पीएमओ संदर्भ लंबित नहीं है।
स्वच्छता पहल: कार्यालय परिसर में स्वच्छता और साफ-सफाई के मानकों को बेहतर बनाने के लिए विभाग के प्रसाधन कक्षों (वॉशरूम) में यूरिनल सेंसर लगाए गए।
परिसंपत्ति प्रबंधन और जगह का बेहतर इस्तेमाल: विभाग ने बेकार हो चुके वाहन को स्क्रैप करने का काम पूरा कर लिया है। इससे विभाग के परिसर के भीतर मूल्यवान पार्किंग स्थान खाली हो गया है और बेहतर स्थान प्रबंधन में योगदान मिला है।
जागरूकता और भागीदारी: डीआईपीएएम ने जनवरी 2026 में ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ आयोजित किया, जिसके दौरान अधिकारियों के बीच स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के लिए कई प्रतियोगिताएं और जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।
इन निरंतर प्रयासों से कार्यालय परिसर की स्वच्छता में सुधार, बेहतर स्थान उपयोग और संदर्भों तथा शिकायतों की प्रमुख श्रेणियों में शून्य लंबित मामले सुनिश्चित हुए हैं।
डीआईपीएएम स्वच्छता और लंबित मामलों को कम करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए विशेष अभियान 6 (2 से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले) के उद्देश्यों के प्रति प्रतिबद्ध है और स्वच्छता तथा प्रशासनिक दक्षता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना जारी रखेगा।
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