LIVE

वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण

जल के राज्य का विषय होने के कारण, जल संरक्षण सहित जल संसाधनों से संबंधित पहलुओं का अध्ययन, आयोजना, वित्तपोषण और निष्पादन राज्य सरकारों द्वारा उनके स्वयं के संसाधनों और प्राथमिकताओं के अनुसार किया जाता है। केन्द्र सरकार राज्य सरकारों द्वारा किए जा रहे उपायों और प्रयासों में सहायता प्रदान करती है।

“जल संचय जन भागीदारी” (जेएसजेबी) पहल 6 सितंबर 2024  को सूरत, गुजरात में शुरू की गई थी। जून 2025 में, जेएसजेबी 2.0 शुरू किया गया था। जेएसजेबी 2.0 के लिए कार्यान्वयन चक्र 1 जून 2025 को शुरू हुआ और 31 मई 2026 को समाप्त हुआ।

जल संचय जन भागीदारी: कैच द रेन (जेएसजेबी: सीटीआर) – 2026, 1 जून 2026 को जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) पहल के क्षेत्र को बढ़ाने और साथ ही इसे जल शक्ति अभियान: कैच द रेन (जेएसए: सीटीआर) अभियान के साथ एकीकृत करने के लिए शुरू किया गया था। जेएसजेबी पहल कम लागत और संतृप्ति मोड में कम लागत वाली वर्षा जल संचयन संरचनाओं के निर्माण के लिए सामुदायिक कार्रवाई और एकत्रीकरण को तेज करने पर बल देता है। जेएसजेबी 1.0, जेएसजेबी 2.0 और जेएसजेबी: सीटीआर 2026 पहलों का विवरण अनुलग्नक-I में दिया गया है।

यह पहल स्थानीय रूप से उपलब्ध सामग्री का उपयोग करके, वर्षा जल संचयन के लिए, भूजल स्तर को बढ़ावा देने और जल के मुद्दों के लिए स्थानीय रूप से समाधान प्रदान करने के लिए बोरवेल, रिचार्ज शाफ्ट, रिचार्ज पिट जैसी कम लागत वाली संरचनाओं के निर्माण के लिए सामुदायिक निधि, व्यक्तिगत दान, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व कोष और अन्य का उपयोग करती है। इस पहल में केंद्रीय, राज्य और स्थानीय निकायों की विभिन्न योजनाओं जैसे विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन के लिए गारंटी (ग्रामीण) (वीबी-जीरामजी), अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत), पर ड्रॉप मोर क्रोप, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) के तहत मरम्मत, नवीकरण और पुनरूद्धार घटक, प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (सीएएमपीए) और वित्त आयोग अनुदान से अभिसरण (कनवर्जेंट) वित्तपोषण पर भी बल दिया गया है।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जल की एक-एक बूंद को सामूहिक प्रयासों के माध्यम से, संपूर्ण समाज और संपूर्ण-सरकार के दृष्टिकोण से संरक्षित किया जाए। सामुदायिक स्वामित्व को बढ़ावा देकर, यह पहल जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के लिए सूक्ष्म स्तर पर लागत प्रभावी, स्थानीय समाधान विकसित करना चाहती है। यह पहल 3सी सिद्धांत – समुदाय, सीएसआर और लागत द्वारा निर्देशित है, जो प्रभावी अभिसरण (कनवर्जेंस) और अधिकतम लाभ को सुनिश्चित करती है। सरकार इसकी व्यापक पहुंच और जागरूकता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों और स्थानीय प्राधिकरणों के साथ भागीदारी में इस पहल को बढ़ावा देती है। इस पहल का उद्देश्य व्यापक समुदाय को प्रभावी ढंग से जोड़ने के लिए गैर सरकारी संगठनों, ट्रस्टों, सिविल सोसायटी और शैक्षणिक संस्थानों जैसे हितधारकों के साथ साझेदारी करना है। इस अभियान की प्रगति की निगरानी ऑनलाइन पोर्टल – जेएसजेबी: सीटीआर (https://jsjb.mowr.gov.in) के माध्यम से की जाती है।

वर्ष 2019 में, जल शक्ति मंत्रालय ने देश के जल की कमी वाले 256 जिलों में समयबद्ध, मिशन-मोड जल संरक्षण अभियान के रूप में जल शक्ति अभियान (जेएसए) शुरू किया। भारत के माननीय प्रधानमंत्री ने वर्ष 2021 में जल शक्ति अभियान: कैच द रेन (जेएसए: सीटीआर) के रूप में इस अभियान की शुरुआत “कैच द रेन: व्हेयर इट फॉल्स, व्हेन इट फॉल्स” संदेश के साथ की। तब से, जेएसए: सीटीआर एक राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में विकसित हुआ, जिसने स्थानीय कार्रवाई और संस्थागत अभिसरण (कनवर्जेंस) के माध्यम से जल सुरक्षा के लिए भारत की सामूहिक प्रतिबद्धता को मजबूत किया। जेएसए: सीटीआर अभियान को देश भर में लागू किया गया था और प्रत्येक संस्करण में सर्वोत्तम प्रभावों के लिए वर्ष 2023 से एक लक्षित फोकस को शामिल किया गया था।

जेएसए: सीटीआर 2023, “पेयजल के लिए स्रोत स्थिरता” विषय के साथ, जल जीवन मिशन द्वारा पहचाने गए 150 विशेष फोकस जिलों को प्राथमिकता दी गई। जेएसए: सीटीआर 2024 अभियान, जिसका विषय “नारी शक्ति से जल शक्ति” है, केंद्रीय भूजल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) द्वारा पहचाने गए 151 जिलों पर विशेष फोकस के साथ देश भर में चलाया गया। जेएसए: सीटीआर 2025 को “जल संचय जन भागीदारी: जन जागरूकता की ओर” विषय के साथ शुरू किया गया था, जो सीजीडब्ल्यूबी द्वारा पहचाने गए 148 जिलों पर विशेष फोकस के साथ जमीनी स्तर पर गहरी भागीदारी, अंतर-क्षेत्रीय अभिसरण (कनवर्जेंस) और नवीन वित्तपोषण तंत्र पर बल देता है।

भारत सरकार ने खेत में पानी की वास्तविक पहुंच बढ़ाने और सुनिश्चित सिंचाई के तहत खेती योग्य क्षेत्र का विस्तार करने, खेत के जल उपयोग दक्षता में सुधार करने, सतत जल संरक्षण प्रथाओं को शुरू करने के लिए “प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई)” शुरू की। हर खेत को पानी (एचकेकेपी) पीएमकेएसवाई के घटकों में से एक है। इस घटक के तहत, सतही लघु सिंचाई (एसएमआई) और जल निकाय योजनाओं की मरम्मत, नवीकरण और पुनरूद्धार (आरआरआर) योजना को शामिल किया गया था। जल शक्ति मंत्रालय जल निकाय योजनाओं के एसएमआई और आरआरआर के अंतर्गत सिंचाई क्षमता (आईपी) के सृजन और पुनरूद्धार के लिए राज्यों को केन्द्रीय सहायता (सीए) प्रदान करता है। दिनांक 31.07.2026 तक पीएमकेएसवाई-एचकेकेपी के तहत जल निकायों के एसएमआई और आरआरआर के लिए सृजित/बहाल की गई राज्य-वार रूप से जारी केंद्रीय सहायता और सिंचाई क्षमता का विवरण अनुलग्नक-II में दिया गया है।

ग्रामीण विकास विभाग द्वारा दी गई सूचना के अनुसार, सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के लिए पिछले तीन वर्षों और चालू वर्ष के दौरान मनरेगा के अंतर्गत जल संबंधी कार्यों पर किए गए कुल व्यय का ब्यौरा अनुलग्नक-III में दिया गया है।

जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग द्वारा तैयार की गई राष्ट्रीय जल नीति (2012) में अन्य बातों के साथ-साथ वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण की सिफारिश की गई है और वर्षा के प्रत्यक्ष उपयोग के माध्यम से जल की उपलब्धता बढ़ाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है।

सरकार ने देश भर में भवनों और विकास परियोजनाओं में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और संस्थागत बनाने के लिए विभिन्न नियामक और सक्षम प्रावधान निर्धारित किए हैं, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

(i) जल शक्ति मंत्रालय ने उद्योगों, अवसंरचना और खनन परियोजनाओं द्वारा भूजल निष्कर्षण के विनियमन के लिए दिनांक 24.09.2020 के दिशा-निर्देशों और दिनांक 29.03.2023 के संशोधनों को अधिसूचित किया।

(ii) आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) ने मॉडल बिल्डिंग उप-नियम, 2016 प्रकाशित किया, जो 100 वर्ग मीटर या उससे अधिक के भूखंड आकार वाले सभी प्रकार के भवनों के लिए वर्षा जल संचयन प्रावधानों की सिफारिश करता है, ऐसी इमारतों को अनुमोदन के लिए भवन योजना प्रस्तुत करते समय वर्षा जल संचयन के लिए एक व्यापक प्रस्ताव शामिल करने के लिए अधिदेशित करता है, चाहे भवन का उपयोग कुछ भी हो।

केंद्रीय भूमि जल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) ने जल की कमी वाले क्षेत्रों सहित देश में लगभग 25 लाख वर्ग किलोमीटर के पूरे मानचित्रण योग्य क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय जलभृत मानचित्रण और प्रबंधन कार्यक्रम (नैक्‍यूम) पूरा कर लिया है। सीजीडब्ल्यूबी ने राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के परामर्श से भूजल के कृत्रिम पुनर्भरण के लिए मास्टर प्लान-2020 भी तैयार किया है। यह एक वृहद-स्तरीय योजना है जो जल की कमी वाले क्षेत्रों सहित विभिन्न क्षेत्रों और जल भूवैज्ञानिक स्थितियों के लिए उपयुक्त वर्षा जल संचयन और कृत्रिम पुनर्भरण संरचनाओं को दर्शाती है।

सीजीडब्ल्यूबी, राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकारों के समन्वय से भूजल पुनर्भरण, निष्कर्षण योग्य भूजल संसाधनों, भूजल निष्कर्षण और भूजल निष्कर्षण के चरण का अनुमान लगाने और समय के साथ उसमें परिवर्तनों का आकलन करने के लिए समय-समय पर सक्रिय भूजल संसाधन मूल्यांकन करता है। मूल्यांकन परिणामों के अनुसार, देश में कुल वार्षिक भूजल पुनर्भरण वर्ष 2017 में लगभग 432 बीसीएम से बढ़कर वर्ष 2025 में 448.52 बीसीएम हो गया। इसी अवधि के दौरान, ‘सुरक्षित’ के रूप में वर्गीकृत मूल्यांकन इकाइयों का अनुपात 62.6% से बढ़कर 73.14% हो गया, जबकि ‘अति-दोहित’ मूल्यांकन इकाइयों का अनुपात 17.2% से घटकर 10.8% हो गया, जो भूजल परिदृश्य में समग्र सुधार का संकेत देता है। मूल्यांकन से यह भी संकेत मिलता है कि टैंकों, तालाबों और अन्य जल-संरक्षण संरचनाओं से पुनर्भरण में 12.93 बीसीएम की वृद्धि हुई, जो वर्ष 2017 में 13.98 बीसीएम से बढ़कर वर्ष 2025 में 26.91 बीसीएम हो गई। यह इस अवधि के दौरान भूजल पुनर्भरण में ऐसी संरचनाओं के योगदान में वृद्धि को दर्शाता है।

अनुलग्नक-I

 (जेएसजेबी: सीटीआर 2026) के तहत राज्यवार विवरण – 04 अगस्त 2026 तक
क्रम संख्याराज्यपूर्ण कार्य
1आंध्र प्रदेश43
2बिहार9
3छत्तीसगढ़59652
4गुजरात1396
5हरियाणा291
6हिमाचल प्रदेश3466
7जम्मू और कश्मीर1482
8कर्नाटक30
9केरल0
10मध्य प्रदेश39
11महाराष्ट्र740
12मणिपुर1
13मिजोरम3
14ओडिशा12
15पंजाब1944
16राजस्थान60190
17तमिलनाडु811
18तेलंगाना2417
19त्रिपुरा432
20उत्तर प्रदेश386
21उत्तराखंड380
कुल योग :133724
जेएसजेबी 2.0 के तहत राज्यवार विवरण
क्र.सं.राज्यपूर्ण कार्य
1आंध्र प्रदेश3108879
2छत्तीसगढ़2307768
3मध्य प्रदेश2190928
4तेलंगाना1588187
5राजस्थान582082
6बिहार542442
7ओडिशा281683
8उत्तर प्रदेश274960
9गुजरात220909
10तमिलनाडु206123
11कर्नाटक107797
12पंजाब61193
13त्रिपुरा55532
14महाराष्ट्र49886
15जम्मू और कश्मीर12652
16हरियाणा10562
17झारखंड8550
18मेघालय4748
19हिमाचल प्रदेश4257
20उत्तराखंड3980
21केरल3423
22नागालैंड870
23असम526
24पुडुचेरी476
25मणिपुर225
26लद्दाख149
27गोवा109
28सिक्किम89
29मिजोरम81
30अंडमान और निकोबार द्वीप समूह73
31लक्षद्वीप27
32दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव24
33दिल्ली19
34चंडीगढ़16
35पश्चिम बंगाल14
36अरुणाचल प्रदेश6
कुल11629245
जेएसजेबी 1.0 के तहत राज्यवार विवरण
क्र.सं.राज्यपूर्ण कार्य
1अंडमान और निकोबार द्वीप समूह119
2आंध्र प्रदेश36338
3असम1715
4बिहार134930
5छत्तीसगढ़405563
6चंडीगढ़11
7दिल्ली201
8दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव92
9गोवा7
10गुजरात133522
11हिमाचल प्रदेश148
12हरियाणा7465
13झारखंड2798
14जम्मू और कश्मीर6129
15कर्नाटक115303
16केरल5396
17लद्दाख1
18महाराष्ट्र7149
19मेघालय3356
20मणिपुर34
21मध्य प्रदेश278852
22मिजोरम1
23नागालैंड63
24ओडिशा101174
25पंजाब6093
26पुडुचेरी161
27राजस्थान364968
28सिक्किम18
29तेलंगाना520362
30तमिलनाडु73394
31त्रिपुरा12305
32उत्तराखंड2333
33उत्तर प्रदेश141055
34पश्चिम बंगाल27
कुल2361083

अनुलग्नक-II

पी.एम.के.एस.वाईएच.के.के.पी के तहत डब्ल्यूबी के एस.एम.आई और आर.आर.आरघटक के तहत जारी राज्यवार केंद्रीय सहायता (सीए)

 सतही लघु सिंचाई (एसएमआई) 
  पीएमकेएसवाई 1.0पीएमकेएसवाई 2.0वर्ष 2026-27 (#)
क्र.सं.राज्यवर्ष 2016-17वर्ष 2017-18वर्ष 2018-19वर्ष 2019-20वर्ष 2020-21वर्ष 2021-22वर्ष 2022-23वर्ष 2023-24वर्ष 2024-25वर्ष 2025-26
1अरुणाचल प्रदेश20.5210.2622.2517.49104.69142.7341.95138.777.27173.3917
2असम87.86375.77428.34414.06205.62275.271.5452.09125.03127.4752
3बिहार  32.2816.1410.65 4.48    
4हिमाचल प्रदेश1.1349.2866.2147.9159.860.3140.5142.338.6395.879
5जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख 104.4831.7168.5897.59      
6कर्नाटक      3037.537.5111.5311
7मणिपुर2022.23  69.2675.9826.4619.85 51.07 
8मेघालय 44.4431.522.2257.07100.4746.5274.2157.0957.674
9मिजोरम 8.25 11.347.654.66 0.81 8.54 
10नागालैंड18.59.2535.3320.4635.9940.8921.0187.147.6839.43 
11सिक्किम 916.619.139.339.7112.8829.259.443.894
12त्रिपुरा   9       
13उत्तराखंड 32.46131.78 29.6317.293.47648.685
 कुल एसएमआई148665.35725.2768.11657.65739.58312.54675.22468.6757.54102
जल निकाय योजना की मरम्मतनवीनीकरण और पुनरूद्धार (आरआरआर) 
  पीएमकेएसवाई 1.0पीएमकेएसवाई 2.0वर्ष 2026-27 (#)
क्र.सं.राज्यवर्ष 2016-17वर्ष 2017-18वर्ष 2018-19वर्ष 2019-20वर्ष 2020-21वर्ष 2021-22वर्ष 2022-23वर्ष 2023-24वर्ष 2024-25वर्ष 2025-26*
1आंध्र प्रदेश  2.7      3.022
2असम         52.995.4
3बिहार  6.2611.82 8.627.287.78 6.13
4गुजरात  8.81   3.162.57   
5मणिपुर   24.26   3.7   
6मेघालय 2.66         
7नागालैंड       5.6110.133.381
8ओडिशा 3  34.54 11.156.2546.67597
9राजस्थान 14.3 11.96  9.310.4635.9943.554
10तमिलनाडु  7.0316.751.2517.4327.749.626.9867.594
11तेलंगाना 59.68       0.78 
 कुल आरआरआर079.6524.864.7935.7926.0558.54135.97119.77236.4126.4
कुल योग (एसएमआई आरआरआर)148745750832.9693.44765.63371.08811.19588.36993.95128.4

(#) वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अब तक जारी की गईमूल स्वीकृति

  वर्षवार सृजित/बहाल की गई सिंचाई क्षमता (आईपीकी स्थिति
       (हजार हेक्टेयर में आईपी)
 सतही लघु सिंचाई (एसएमआईयोजना
  पीएमकेएसवाई 1.0पीएमकेएसवाई 2.0
क्रम संख्याराज्यवर्ष 2016-17वर्ष 2017-18वर्ष 2018-19वर्ष 2019-20वर्ष 2020-21वर्ष 2021-22वर्ष 2022-23वर्ष 2023-24वर्ष 2024-25
1आंध्र प्रदेश         
2अरुणाचल प्रदेश1.660.513.310.004.824.542.824.873.96
3असम47.1210.5613.3911.00 23.063.2011.3917.57
4बिहार 14.079.708.662.150.070.00  
5छत्तीसगढ़3.570.800.50      
6हिमाचल प्रदेश1.61 2.155.467.763.621.620.3510.94
7जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख7.122.7112.342.24 8.69  1.17
8झारखंड0.411.084.60      
9कर्नाटक       3.488.25
10मध्य प्रदेश31.83        
11महाराष्ट्र         
12मणिपुर1.000.800.70 5.79  9.64 
13मेघालय5.420.88 3.943.664.761.875.943.37
14मिजोरम0.16  1.260.490.04  0.22
15नागालैंड0.48 0.002.02 2.403.104.840.52
16ओडिशा         
17राजस्थान         
18सिक्किम2.500.600.250.83    1.00
19त्रिपुरा         
20उत्तराखंड4.062.161.964.612.581.943.600.368.65
21पश्चिम बंगाल         
 कुल106.9434.1748.9240.0027.2549.1216.2140.8755.65
           
जल निकाय योजना की मरम्मतनवीनीकरण और पुनरूद्धार (आरआरआर)
क्रम संख्याराज्यवर्ष 2016-17वर्ष 2017-18वर्ष 2018-19वर्ष 2019-20वर्ष 2020-21वर्ष 2021-22वर्ष 2022-23वर्ष  2023-24वर्ष 2024-25
1आंध्र प्रदेश        1.47
2बिहार    17.873.920.00 0.02
3छत्तीसगढ़         
4गुजरात   0.141.690.721.150.20 
5हरियाणा         
6कर्नाटक         
7मध्य प्रदेश 8.00       
8महाराष्ट्र         
9मणिपुर     0.000.000.62 
10मेघालय0.580.27 0.03     
11ओडिशा21.00 2.511.46  0.452.5012.44
12राजस्थान7.030.072.85   1.763.623.68
13तमिलनाडु1.730.720.740.610.820.101.565.991.69
14तेलंगाना 2.548.513.620.800.450.39 9.24
15उत्तर प्रदेश  2.35      
 कुल30.3411.6016.965.8621.185.195.3112.9328.54
 कुल योग एसएमआई आरआरआर)137.2745.7765.8845.8648.4354.3121.5353.8084.19

अनुलग्नक-III

मनरेगा के तहत पिछले तीन वर्षों और चालू वर्ष के दौरान जल से संबंधित कार्यों पर किए गए कुल व्यय का राज्यवार विवरण (30 जून 2026 तक)
क्र.सं.राज्यवर्ष 2026-27वर्ष 2025-26वर्ष 2024-25वर्ष 2023-24
कुल व्यय (रुपये लाख में)कुल व्यय(रुपये लाख में)कुल व्यय (रुपये लाख में)कुल व्यय (रुपये लाख में)
1आंध्र प्रदेश3,62,583.204,23,743.725,11,880.315,14,379.93
2अरुणाचल प्रदेश1,059.8612,814.3313,639.7612,951.16
3असम9,662.8730,092.8053,745.4249,578.82
4बिहार1,26,359.982,54,134.303,44,334.452,92,387.84
5छत्तीसगढ़80,500.581,15,646.531,86,348.141,97,062.26
6गोवा39.64177.76238.31124.58
7गुजरात14,835.2535,689.5352,708.0860,509.55
8हरियाणा1,938.6119,811.6632,764.9228,135.99
9हिमाचल प्रदेश1,836.2618,808.8030,639.8528,556.19
10जम्मू और कश्मीर12,319.4164,445.1546,436.3439,892.44
11झारखंड16,843.211,37,349.491,66,297.001,60,742.10
12कर्नाटक63,000.711,96,425.943,02,732.062,65,944.87
13केरल26,354.2463,323.4466,497.8192,957.08
14लद्दाख543.553,314.112,902.292,845.97
15मध्य प्रदेश67,590.532,96,290.683,56,886.323,61,629.38
16महाराष्ट्र42,617.032,14,455.122,39,754.331,44,460.63
17मणिपुर21,561.6748,466.6545,477.4232,111.43
18मेघालय7,289.1620,059.9124,622.7022,061.18
19मिजोरम6,072.7324,349.9522,409.5416,237.72
20नागालैंड1,100.653,834.664,973.8414,048.16
21ओडिशा35,072.872,18,176.511,91,790.792,18,509.20
22पंजाब6,460.7643,996.7656,827.2052,704.32
23राजस्थान1,02,737.152,99,567.984,54,760.484,84,784.94
24सिक्किम363.242,261.882,272.232,761.51
25तमिलनाडु78,561.723,69,323.285,88,808.199,60,527.77
26तेलंगाना1,58,320.0794,712.171,73,339.791,30,435.70
27त्रिपुरा13,736.1024,045.4322,550.2422,581.67
28उत्तर प्रदेश55,097.742,74,515.943,29,090.582,97,403.77
29उत्तराखंड3,112.2716,633.4219,738.0524,723.20
30पश्चिम बंगाल70.133.035.73
31अंडमान और निकोबार31.1992.6693.59236.37
32दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव65.1054.798.61
33लक्षद्वीप10.16
34पुदुचेरी733.363,461.693,373.615,763.27
 कुल13,18,470.8433,30,080.0743,47,942.2545,37,064.89

\यह सूचना जल शक्ति राज्यमंत्री श्री राज भूषण चौधरी द्वारा लोकसभा में लिखित प्रश्न के उत्तर में प्रदान की गई है।

Comments

Comments (0)

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »