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वाणिज्यिक कोयला खदानों की 15वें दौर की नीलामी तथा 13वें दौर के दूसरे प्रयास में छह कोयला ब्लॉकों की सफल नीलामी

कोयला मंत्रालय ने वाणिज्यिक कोयला खदानों की 15वें दौर की नीलामी तथा 13वें दौर के दूसरे प्रयास के अंतर्गत छह कोयला ब्लॉकों की सफलतापूर्वक नीलामी की है। मंत्रालय ने इन वाणिज्यिक कोयला ब्लॉक नीलामी दौरों की शुरुआत 17 अप्रैल, 2026 को की थी। इसके बाद अगस्त से अगस्त, 2026 तक अग्रिम नीलामी आयोजित की गई, जिसके दौरान इन छह कोयला ब्लॉकों की सफलतापूर्वक नीलामी संपन्न हुई। नीलाम किए गए छह कोयला ब्लॉकों में से चार पूर्ण रूप से अन्वेषित तथा दो आंशिक रूप से अन्वेषित हैं। इन सभी ब्लॉकों में संयुक्त रूप से लगभग 1,503.93 मिलियन टन का भूवैज्ञानिक भंडार है तथा इनकी संचयी अधिकतम निर्धारित उत्पादन क्षमता (पीक रेटेड कैपेसिटी-पीआरसी) 11.62 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) है।

नीलामी का ब्लॉक-वाइज नतीजा इस तरह है:

क्रम संख्याब्लॉकराज्यपीआरसी(एमटीपीए)भूवैज्ञानिक भंडार (एमटी)अंतिम बोली किसके द्वारा प्रस्तुत की गईआरक्षित मूल्य (%)अंतिम प्रस्ताव (%)
1पीकेओसी का डिप साइड एक्सटेंशनतेलंगाना2.5 181.95 सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड4.006.50
2डोंगेरी ताल-II 2.90 158.45 गैलेंट ‘पैट लिमिटेड5.006.50
3मंडला दक्षिणमध्य प्रदेश0.22 4.627 क्यूब कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड4.004.50
4मार्गो वेस्टमध्य प्रदेशNA415.00झारखंड एक्सप्लोरेशन एंड माइनिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड4.006.50
5मार्गो ईस्टझारखंडNA450.00झारखंड एक्सप्लोरेशन एंड माइनिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड4.0010.25
6तारा (संशोधित)झारखंड6.00 293.91सीजी सिन-गैस एंड केमिकल्स लिमिटेड4.0037.50

इन छह कोयला ब्लॉकों से प्रतिवर्ष लगभग 1,983.67 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की संभावना है। इसके अलावा, इनसे लगभग 1,743 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश आकर्षित होने तथा 15,710 रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

वर्ष 2020 में वाणिज्यिक कोयला खनन की शुरुआत से अब तक कुल 147 कोयला ब्लॉकों की सफलतापूर्वक नीलामी की जा चुकी है, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 377.974 मिलियन टन प्रति वर्ष है। परिचालन शुरू होने के बाद ये कोयला ब्लॉक घरेलू कोयला उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि करेंगे और कोयला क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। सामूहिक रूप से इन कोयला ब्लॉकों से प्रतिवर्ष 48,215 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने, 54,315 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश आकर्षित होने तथा कोयला उत्पादक क्षेत्रों में 4,89,552 रोजगार अवसर सृजित होने का अनुमान है।

ये उपलब्धियां कोयला मंत्रालय की उस दृढ़ प्रतिबद्धता की पुनर्पुष्टि करती हैं, जिसके तहत कोयला क्षेत्र को आर्थिक विकास का प्रमुख आधार बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर सृजित करने के माध्यम से मंत्रालय एक मजबूत, अधिक सुदृढ़ और वास्तविक अर्थों में आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।

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