भारत की प्रमुख कोयला गैसीकरण परियोजना को गति मिलने के साथ ही अदानी एंटरप्राइजेज, एनटीपीसी, तालचर फर्टिलाइजर्स, गैलेंट इस्पात और श्याम सेल एंड पावर लिमिटेड सहित कई कंपनियों ने आवेदन किया
सतही कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने के लिए 37,500 करोड़ रूपए की योजना का पहला चरण उद्योग जगत से मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया के साथ संपन्न हुआ है। भारत के कुछ सबसे बड़े कॉरपोरेटों और प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से सात (7) आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो योजना में कोयला मंत्रालय के विश्वास को निर्णायक रूप से पुष्ट करते हैं। यह प्रतिक्रिया भारत की ऊर्जा सुरक्षा, आयात प्रतिस्थापन और औद्योगिक विकास रणनीति के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में कोयला गैसीकरण में बढ़ते उद्योग के विश्वास को रेखांकित करती है।
पहले चरण में प्राप्त आवेदन निम्नलिखित हैं:
| क्रम संख्या | आवेदक | अंतिम उत्पाद |
| अदानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड– परियोजना 1 | यूरिया | |
| अदानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड– परियोजना 2 | यूरिया | |
| अदानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड– परियोजना 3 | यूरिया | |
| गैलेंट इस्पात लिमिटेड | प्रत्यक्ष रूप से कम किया गया लौह और सिंथेटिक गैस | |
| एनटीपीसी लिमिटेड | सिंथेटिक प्राकृतिक गैस | |
| श्याम सेल एंड पावर लिमिटेड | सिंथेटिक गैस | |
| तालचर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड | यूरिया |
कोयला मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि हमें पूर्ण भरोसा था कि इस पर उद्योग जगत की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिलेगी और उसने निर्णायक रूप से प्रतिक्रिया दी है। पहले ही दौर के सात आवेदनों में भारत के कुछ सबसे बड़े औद्योगिक घरानों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के आवेदन शामिल हैं और यह योजना और देश के कोयला गैसीकरण मिशन में स्पष्ट विश्वास का प्रतीक हैं। बाजार ने अपना निर्णय बहुत ही स्पष्ट रूप से दिया है।
कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाएं बड़े पैमाने पर, पूंजी-गहन निवेश हैं जिनके लिए व्यापक तैयारी की आवश्यकता होती है, जिसमें पूर्व-व्यवहार्यता अध्ययन, प्रौद्योगिकी मूल्यांकन, पर्यावरणीय विचार और विस्तृत वित्तीय योजना शामिल हैं। पहले दौर में सात आवेदनों का जमा होना इस बात का प्रमाण है कि 7 जुलाई, 2026 को प्रस्ताव के लिए अनुरोध जारी होने के बाद से उद्योग ने इस योजना में कितनी गंभीरता दिखाई है। इन परियोजनाओं में एक मजबूत घरेलू कोयला गैसीकरण पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने की क्षमता है, जिसमें से आठ गैसीकरण परियोजनाएं पहले से ही 8,500 करोड़ रूपए की वित्तीय प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत कार्यान्वयन में हैं।
योजना की पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 13 मई, 2026 को सतही कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने की योजना को स्वीकृति दी, जिसका कुल वित्तीय परिव्यय 37,500 करोड़ रूपए है। इस योजना का उद्देश्य निम्नलिखित है:
- घरेलू कोयले और लिग्नाइट को सिंथेटिक गैस, मेथनॉल, अमोनिया, यूरिया और हाइड्रोजन जैसे उच्च मूल्य वाले उत्पादों में परिवर्तित करने को बढ़ावा देना।
- भारत की एलएनजी, यूरिया, अमोनिया और मेथनॉल के आयात पर निर्भरता को कम करना, जिनका वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान कुल आयात लगभग 2.77 लाख करोड़ रूपए था।
- वर्ष 2030 तक 100 मिलियन टन कोयला गैसीकरण क्षमता प्राप्त करने के राष्ट्रीय लक्ष्य का समर्थन करें, जिसमें इस योजना के अंतर्गत 75 मिलियन टन क्षमता का विकास शामिल है।
- इससे अनुमानित 2.5-3 लाख करोड़ रूपए के निवेश को बढ़ावा मिलेगा और मूल्य श्रृंखला में पर्याप्त प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।
यह योजना राष्ट्रीय कोयला गैसीकरण मिशन और जनवरी 2024 में स्वीकृत 8,500 करोड़ रुपये की योजना पर आधारित है, जिसके तहत वर्तमान में आठ परियोजनाएं कार्यान्वयन के अधीन हैं।
भविष्य का मार्ग
पहले दौर के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का अब योजना के दिशानिर्देशों और निविदा प्रस्ताव (आरएफपी) के अनुसार विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा।
मंत्रालय ने 8 सितंबर, 2026 से योजना के दूसरे चरण के खुलने की घोषणा की। निविदा के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया दो-दो महीने के अंतराल पर जारी रहेगी, जिससे पात्र संस्थाओं को नियमित रूप से भाग लेने का अवसर मिलेगा। कई संभावित आवेदक वर्तमान में परियोजना की तैयारी के उन्नत चरणों में हैं और आगामी चरणों में प्रस्ताव प्रस्तुत करने की आशा है।
मंत्रालय सभी आवेदकों की भागीदारी और योजना में उनके विश्वास की सराहना करता है। मंत्रालय भारत में कोयला गैसीकरण प्रौद्योगिकियों के विकास में तेजी लाने, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और आयात प्रतिस्थापन को बढ़ावा देने तथा स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियों में देश को वैश्विक अग्रणी के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रतिबद्ध है।
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