सरकार एक खुले, सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह साइबरस्पेस सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार के डिजिटल प्लेटफॉर्म और नागरिक सेवा पोर्टलों की साइबर सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने, डिजिटल बुनियादी ढांचे की सुरक्षा करने और साइबर सुदृढ़ता को बढ़ाने के लिए कई कानूनी, तकनीकी और प्रशासनिक नीतिगत उपाय लागू किए गए हैं।
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 70बी के तहत साइबर सुरक्षा घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने के लिए भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (सीईआरटी-इन) को राष्ट्रीय एजेंसी के रूप में नामित किया गया है।
सीईआरटी-इन द्वारा प्राप्त और ट्रैक की गई जानकारी के अनुसार, पिछले तीन वर्षों के दौरान हुई साइबर सुरक्षा घटनाओं की कुल संख्या नीचे दी गई है:
| वर्ष | घटनाओं की संख्या |
| 2023 | 15,92,917 |
| 2024 | 20,41,360 |
| 2025 | 29,44,248 |
सीईआरटी-इन सरकार से प्रबंधित प्लेटफार्मों से संबंधित घटनाओं सहित साइबर सुरक्षा घटनाओं को देखते हुए संबंधित संगठनों को उपचारात्मक उपायों की सलाह देता है और प्रभावित संगठनों, सेवा प्रदाताओं, संबंधित क्षेत्र के नियामकों के साथ-साथ कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ घटना प्रतिक्रिया उपायों का समन्वय करता है।
सरकार ने देश में साइबर हमलों से निपटने के लिए एक राष्ट्रव्यापी एकीकृत और समन्वित प्रणाली को संस्थागत रूप दिया है। इन उपायों में अन्य बातों के अलावा निम्नलिखित शामिल हैं:
ए. राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (एनएससीएस) के अधीन राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक (एनसीएससी) की नियुक्ति विभिन्न एजेंसियों के बीच साइबर सुरक्षा संबंधी समन्वय सुनिश्चित करने के लिए की जाएगी।
बी. सीईआरटी-इन द्वारा कार्यान्वित राष्ट्रीय साइबर समन्वय केंद्र (एनसीसीसी) साइबर सुरक्षा के लिए खतरों का पता लगाने के लिए साइबरस्पेस की जांच करता है और उचित कार्रवाई करने के लिए संबंधित संगठनों, राज्य सरकारों और हितधारक एजेंसियों के साथ खतरे की जानकारी साझा करता है।
सी. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 70ए के तहत महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना (सीआईआई) के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र (एनसीआईआईपीसी) की स्थापना की गई है।
डी. एनसीआईआईपीसी लगभग तत्क्षण खतरे की खुफिया जानकारी और स्थितिजन्य जागरूकता प्रदान करता है, महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना (सीआईआई)/संरक्षित प्रणाली (पीएस) संस्थाओं को नियमित अलर्ट और सलाह जारी करता है, समय-समय पर सीआईआई/संरक्षित प्रणालियों का भेद्यता और जोखिम मूल्यांकन करता है और संबंधित संस्थाओं को प्रतिक्रिया प्रदान करता है।
ई. साइबर स्वच्छता केंद्र (सीएसके)
- सीईआरटी-इन द्वारा प्रदान की जाने वाली नागरिक-केंद्रित सेवा, जो स्वच्छ भारत के दृष्टिकोण को साइबर स्पेस तक जोड़ता है।
- यह बॉटनेट क्लीनिंग और मैलवेयर एनालिसिस सेंटर है और यह दुर्भावनापूर्ण प्रोग्रामों का पता लगाने में मदद करता है तथा उन्हें हटाने के लिए मुफ्त उपकरण प्रदान करता है।
- यह नागरिकों और संगठनों के लिए साइबर सुरक्षा संबंधी सुझाव और सर्वोत्तम अभ्यास भी प्रदान करता है।
एफ. क्षेत्रीय कंप्यूटर सुरक्षा घटना प्रतिक्रिया दल (सीएसआईआरटी)
- बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में साइबर घटनाओं की प्रतिक्रिया के समन्वय हेतु सीईआरटी-इन के अंतर्गत वित्त क्षेत्र में सीएसआईआरटी (सीएसआईआरटी – वित्त) मई 2022 से कार्यरत है।
- सीएसआईआरटी-पावर सितंबर 2024 से सीईआरटी-इन के विस्तारित अंग के रूप में कार्यरत है, जिसका उद्देश्य विद्युत क्षेत्र की संस्थाओं के भीतर साइबर सुरक्षा संबंधी मुद्दों का समन्वय करना है।
जी. सीईआरटी-इन एक स्वचालित साइबर खतरे की खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान करने वाला मंच संचालित करता है, जिसका उपयोग विभिन्न क्षेत्रों के संगठनों के साथ अनुकूलित अलर्ट साझा करने और सक्रिय रूप से खतरों को कम करने के लिए किया जाता है।
एच. सीईआरटी-इन ने सभी मंत्रालयों/विभागों, राज्य सरकारों और उनके संगठनों द्वारा कार्यान्वयन हेतु साइबर हमलों और साइबर आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए एक साइबर संकट प्रबंधन योजना (सीसीएमपी) तैयार की है।
आई. सरकारी और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संगठनों की साइबर सुरक्षा स्थिति और तैयारियों का आकलन करने के लिए, सीईआरटी-इन नियमित रूप से साइबर सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित करता है।
जे. सीईआरटी-इन ने सरकारी और महत्वपूर्ण क्षेत्रों के विभिन्न संगठनों के कंप्यूटर सिस्टम, नेटवर्क, वेबसाइटों और अनुप्रयोगों की सुरक्षा संबंधी कमजोरियों का आकलन और पैठ परीक्षण सहित ऑडिट करने के लिए ‘सूचना सुरक्षा ऑडिटिंग संगठनों’ का एक पैनल बनाया है। सीईआरटी-इन ने 237 सूचना सुरक्षा ऑडिटिंग संगठनों को पैनल में शामिल किया है ताकि सूचना सुरक्षा सर्वोत्तम प्रथाओं के कार्यान्वयन का समर्थन और ऑडिट किया जा सके।
के. सभी सरकारी वेबसाइटों और एप्लिकेशनों की शुरूआत से पहले साइबर सुरक्षा के संबंध में ऑडिट की जाती है। होस्टिंग के बाद भी वेबसाइटों और एप्लिकेशनों की ऑडिट नियमित रूप से की जाती है।
एल. सीईआरटी-इन कंप्यूटर, नेटवर्क और डेटा की सुरक्षा के लिए नवीनतम साइबर खतरों/कमजोरियों और प्रति उपायों के संबंध में निरंतर आधार पर अलर्ट और सलाह जारी करता है।
एम. सरकार ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के तहत एक वैधानिक ढांचा स्थापित किया है। इसके तहत बनाए गए नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कानून प्रवर्तन उद्देश्यों के लिए नागरिकों के डिजिटल व्यक्तिगत डेटा को साझा और संसाधित करना कानूनी, सुरक्षित और जवाबदेह तरीके से हो।
एन. सूचना सुरक्षा शिक्षा एवं जागरूकता (आईएसईए) कार्यशालाएं
● इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सूचना सुरक्षा में मानव संसाधन उत्पन्न करने और आम जनता के बीच साइबर स्वच्छता तथा साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं के बारे में सामान्य जागरूकता पैदा करने के लिए आईएसईए परियोजना को लागू कर रहा है।
● देशभर में 6,650 जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की गई हैं, जिनमें छात्रों, शिक्षकों, कानून प्रवर्तन कर्मियों, सरकारी अधिकारियों और आम जनता सहित 11.37 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया है। इनमें केरल में आयोजित 70 जागरूकता कार्यशालाएं भी शामिल हैं, जिनमें 9481 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
● इसके अलावा, पुस्तिकाओं, लघु वीडियो, पोस्टर, ब्रोशर, बच्चों के लिए कार्टून कहानियों आदि के रूप में बहुभाषी जागरूकता सामग्री प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम, सोशल मीडिया और www.isea.gov.in तथा https://staysafeonline.in/ के माध्यम से प्रकाशित और प्रसारित की गई।
ओ. राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता गतिविधियां
सरकार देश भर में नागरिकों के साथ-साथ तकनीकी साइबर समुदाय के लिए कार्यक्रम और गतिविधियां आयोजित करती है। इनमें से कुछ इस प्रकार हैं:
● हर साल अक्टूबर में राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह (एनसीएसएएम)।
● फरवरी के दूसरे मंगलवार को सुरक्षित इंटरनेट दिवस।
● स्वच्छता पखवाड़ा (1-15 फरवरी), और
● हर महीने के पहले बुधवार को साइबर जागरूकता दिवस (सीजेडी)।
पी. सीईआरटी-इन द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम
● सीईआरटी-इन सरकारी, सार्वजनिक और निजी संगठनों में साइबर सुरक्षा कर्मचारियों के कौशल को बढ़ाने के लिए उद्योग भागीदारों के सहयोग से साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है। वर्ष 2025 और 2026 (जून तक) के दौरान क्रमशः 32 और 13 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 20799 और 12109 प्रतिभागियों ने भाग लिया, इनमें केरल से 786 और 411 प्रतिभागी शामिल थे।
● सीईआरटी-इन नियमित रूप से अपनी आधिकारिक वेबसाइटों और फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और लिंक्डइन जैसे सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से सुरक्षा संबंधी सुझाव और जागरूकता पोस्टर, इन्फोग्राफिक्स और वीडियो साझा कर रहा है ताकि इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को साइबर सुरक्षा हमलों और धोखाधड़ी तथा रोकथाम उपायों के बारे में जागरूक किया जा सके।
यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने 12.08.2026 को लोकसभा में दी।
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