प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने महान क्रांतिकारी शहीद उधम सिंह को उनके बलिदान दिवस पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उधम सिंह के जीवन में समाहित साहस और शौर्य की गाथा मातृभूमि के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।
प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा किया-
“न जातु शौर्यं पुरुषस्य भानुरस्तं गतो भवति कदापि शश्वत्।
यथा पुनस्तपति दिवाकरोऽयं तथा पुनर्विक्रमते स वीरः॥”
सुभाषित का संदेश है कि पराक्रम का सूर्य कभी हमेशा के लिए अस्त नहीं होता। जिस प्रकार सूर्य पुनः उदित होकर अपने पूर्ण तेज के साथ चमकता है, उसी प्रकार वीर पुरुष भी अपने शौर्य से हर विपत्ति पर विजय प्राप्त करता है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट में लिखा;
“महान क्रांतिकारी शहीद उधम सिंह को उनके बलिदान दिवस पर सादर नमन। हिम्मत और हौसले से भरी उनकी जीवनगाथा देश की हर पीढ़ी को मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
न जातु शौर्यं पुरुषस्य भानुरस्तं गतो भवति कदापि शश्वत्।
यथा पुनस्तपति दिवाकरोऽयं तथा पुनर्विक्रमते स वीरः॥”
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