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नशा मुक्त भारत अभियान की छठी वर्षगांठ पर नशा मुक्ति की राष्ट्रीय प्रतिज्ञा; इस महीने के अंत में भव्य राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन


तीसरी उच्च स्तरीय समन्वय बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों के अनुरूप राष्ट्रव्यापी प्रतिज्ञा में 10 करोड़ से अधिक नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना और व्यापक रणनीति पर चर्चा की गई

एनएमबीए ई-प्रतिज्ञा https://nashamukt.dosje.gov.in/epledge पर उपलब्ध है

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय का लक्ष्य नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) की छठी वर्षगांठ के अवसर पर इस महीने के अंत तक निर्धारित राष्ट्रीय सामूहिक मादक द्रव्यों के दुरुपयोग विरोधी प्रतिज्ञा लेने के लिए व्यक्तिगत और ऑनलाइन दोनों माध्यम से 10 करोड़ से अधिक नागरिकों को जुटाना है।

चल रही तैयारियों के तहत, आज राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित तीसरी उच्च स्तरीय समन्वय बैठक में मंत्रालय के संयुक्त सचिव (नशीली दवाओं की रोकथाम) डॉ. संदीप रेवाजी राठौड़ की अध्यक्षता में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा उल्लिखित नशा मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों के अनुरूप, व्यक्तिगत और ऑनलाइन माध्यमों से राष्ट्रव्यापी शपथ ग्रहण में 10 करोड़ से अधिक नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना और व्यापक रणनीति पर चर्चा की गई।

देश भर में विभिन्न वर्गों को गहराई से प्रभावित करने वाले मादक द्रव्यों के दुरुपयोग से उत्पन्न खतरों और चुनौतियों के बारे में आम लोगों को जागरूक करने के लिए सभी हितधारकों को एकजुट करने हेतु डॉ. राठौड़ ने प्रतिभागियों को ‘संपूर्ण सरकार’ और ‘संपूर्ण समाज’ के दृष्टिकोण के महत्व की जानकारी दी।

इस बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवहन विभाग (डीओएसजेई) के निदेशक श्री अस्तिक कुमार पांडे, अवर सचिव श्री अरुण कुमार कर्ण और मंत्रालय के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुई बैठक में व्यापक कार्यान्वयन रणनीति के लिए चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। राष्ट्रव्यापी प्रतिज्ञा के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्रों, अभिभावकों, स्वयंसेवकों और अन्य हितधारकों को जुटाने में संबंधित मंत्रालयों और विभागों की भूमिका पर चर्चा और समीक्षा की गई।

बैठक में रेलवे, रक्षा, नागरिक सुरक्षा, युवा मामले और खेल, स्कूल और उच्च शिक्षा, डाक, पुलिस, सीएपीएफ, एनसीसी, आयुष, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राजस्व सहित संबंधित मंत्रालयों और विभागों के अंतर्गत सभी संबद्ध कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वायत्त निकायों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और क्षेत्रीय इकाइयों के साथ-साथ सामाजिक, स्वैच्छिक, आध्यात्मिक संगठनों और सामाजिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने पर चर्चा की गई।

बैठक में सहभागिता संबंधी विवरण और प्रचार-प्रसार प्रस्तुत करने के लिए समान रिपोर्टिंग तंत्र पर भी चर्चा की गई।

योजना और समन्वित रणनीति पर एक पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें संबंधित विभागों और मंत्रालयों के सभी प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से विचार-विमर्श किया।

एनएमबीए प्रतिज्ञा मादक पदार्थों के पीड़ितों तक पहुँचने की स्वयं की जाने वाली एक पहल है  इस प्रतिज्ञा का उद्देश्य लोगों में ज़िम्मेदारी की भावना पैदा करने और उन्हें नशे से दूर रखने के लिए प्रोत्साहित करना है, साथ ही हितधारकों को एक साझा लक्ष्य की ओर मिलकर काम करने के लिए प्रेरित करने हेतु एकता और प्रतिबद्धता की भावना को बढ़ावा देना है। यह प्रतिज्ञा युवाओं को नशामुक्त समाज के विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए सशक्त बनाने का भी प्रयास करती है।

एनएमबीए ई-प्रतिज्ञा का लिंक यह है: https://nashamukt.dosje.gov.in/epledge

बैठक में हेल्पलाइन नंबर 14446 के माध्यम से नशामुक्ति को बढ़ावा देने और प्रोत्साहित करने के महत्वपूर्ण संदेश पर ध्यान केंद्रित करने पर भी प्रकाश डाला गया ।

बैठक में नागरिकों के बीच विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से नशा मुक्ति मित्र के रूप में पंजीकरण कराकर स्वयंसेवक के रूप में कार्य करने की भावना पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।

https://nashamukt.dosje.gov.in/nasha-mukti-mitr

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने देश में मादक पदार्थों की मांग से निपटने के लिए 15 अगस्त 2020 को नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) की शुरुआत की। सामूहिक कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता को समझते हुए, मंत्रालय रोकथाम, मूल्यांकन, उपचार, पुनर्वास, उपचार के बाद  देखभाल, जन सूचना प्रसार और सामुदायिक जागरूकता सहित विभिन्न पहलों का समन्वय करता है।

मंत्रालय राष्ट्रीय नशीली दवाओं की मांग में कमी लाने की कार्य योजना (एनएपीडीडीआर) के तहत एक व्यापक और साक्ष्य-आधारित रणनीति लागू कर रहा है। यह रणनीति नई दिल्ली स्थित एम्स के राष्ट्रीय नशीली दवाओं पर निर्भरता उपचार केंद्र (एनडीडीटीसी) द्वारा भारत में मादक पदार्थों के उपयोग की सीमा और पैटर्न पर किए गए पहले राष्ट्रीय सर्वेक्षण के निष्कर्षों पर आधारित है।

एनएपीडीडीआर के तहत, मंत्रालय राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, गैर सरकारी संगठनों और सरकारी अस्पतालों को निवारक शिक्षा, जागरूकता पैदा करने, परामर्श, उपचार और पुनर्वास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

आज तक, राष्ट्रव्यापी जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से यह अभियान 34.42 करोड़ से अधिक नागरिकों तक पहुँचा है, जिनमें 13.64 करोड़ से अधिक युवा और 10.58 करोड़ महिलाएं शामिल हैं । सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए 1.65 लाख से अधिक नशा मुक्ति मित्र (एनएमएम) भी इस अभियान में शामिल हुए हैं।

एनएमबीए पोर्टल का पता https://www.dosje.gov.in/organisation/nasha-mukt-bharat-abhiyaan/ है।

उपचार सेवाओं तक पहुंच में सुधार लाने के लिए, मंत्रालय ने एनएमबीए 2.0 मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया है , जिससे नागरिक निकटतम नशा मुक्ति केंद्र का पता लगा सकते हैं।

प्रतिज्ञा का अंतिम अद्यतन

इस लिंक के माध्यम से ऐप को Google Play Store से डाउनलोड किया जा सकता है: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.dosje.nmba_app&hl=en_IN

सरकार नशा मुक्त और सामाजिक रूप से समावेशी भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने के लिए पुनर्वास अवसंरचना का विस्तार कर रही है, निवारक उपायों को बेहतर बना रही है, कार्यान्वयन प्रक्रियाओं को सरल बना रही है और केंद्र प्रायोजित योजनाओं का कुशल संचालन सुनिश्चित कर रही है। सतत सामुदायिक भागीदारी, बेहतर शासन और प्रौद्योगिकी-आधारित सेवा वितरण के माध्यम से, मंत्रालय कमजोर समुदायों की सुरक्षा और सभी के लिए सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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