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ग्रामीण डेयरी उद्यमिता को बढ़ावा: अनुसूचित जातियों के लिए उद्यम पूंजी कोष द्वारा एक अनुसूचित जाति के उद्यमी को सफल डेयरी और दुग्ध प्रसंस्करण उद्यम स्थापित करने में मदद


भोपाल, मध्य प्रदेश | सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

जब समय पर वित्तीय सहायता और संस्थागत सहयोग मिलता है, तो उद्यमिता में स्थानीय व्यवसायों को ऐसे स्थायी उद्यमों में बदलने की क्षमता होती है जो रोजगार पैदा करते हैं और क्षेत्रीय आर्थिक विकास में योगदान देते हैं। ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण सीआर इन्फ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड है, यह मध्य प्रदेश के भोपाल में स्थित एक कंपनी है और इसे  अनुसूचित जाति के उद्यमी श्री गोविंद कहारे ने शुरू किया। उनकी उद्यमिता की यात्रा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत अनुसूचित जातियों के लिए उद्यम पूंजी कोष (वीसीएफ-एससी) के परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाती है।

सीआर इन्फ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड ने डेयरी उत्पादों के मूल्यवर्धन, बाज़ार तक पहुंच बढ़ाने, राजस्व बढ़ाने और टिकाऊ रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से एक डेयरी और दुग्ध प्रसंस्करण इकाई स्थापित की। इस परियोजना की विकास क्षमता को देखते हुए, अनुसूचित जातियों के लिए उद्यम पूंजी कोष ने 2021 में इक्विटी और वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर के माध्यम से 1.26 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की। इस वित्तीय सहायता से कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने, कामकाज का विस्तार करने और पूरे क्षेत्र में अपनी बाज़ार उपस्थिति को बेहतर बनाने में सफल हुई।

डेयरी और दुग्ध प्रसंस्करण इकाई

इस वित्तीय सहायता से उद्यम अपने डेयरी प्रसंस्करण के काम को बढ़ाने, उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी करने और एक मज़बूत बाजार नेटवर्क बनाने में कामयाब रहा। आज कंपनी ने पूरे मध्य प्रदेश में अपने व्यवसाय का विस्तार किया है और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी अपने उत्पादों की आपूर्ति भी शुरू कर दी है। उद्यम ने लगभग 7 करोड़ रुपये का वार्षिक कारोबार हासिल किया है। साथ ही रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं और ग्रामीण डेयरी मूल्य श्रृंखला को मज़बूत किया है।

इस पहल का असर काफी अच्छा रहा है। कर्मचारियों की संख्या 10 से बढ़कर 30 हो गई है, जिसमें 10 कर्मचारी अनुसूचित जाति/पिछड़े वर्ग से और 20 कर्मचारी गैर-अनुसूचित जाति/पिछड़े वर्ग से हैं। स्वीकृति मिलने से पहले कंपनी की परिसंपत्ति 1 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 2.56 करोड़ रुपये हो गई है; यह निरंतर बिज़नेस ग्रोथ और बेहतर ऑपरेशनल क्षमता को दर्शाता है।

श्री गोविंद कहारे, प्रमोटर

इस यात्रा के बारे में बात करते हुए, श्री गोविंद कहारे ने कहा: “सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अनुसूचित जातियों के लिए उद्यम पूंजी कोष (वीसीएफ-एससी) योजना से मिली सहायता ने हमें अपने कारोबार को मजबूत करने और डेयरी क्षेत्र में अपनी बड़ी पहचान बनाने में मदद की। इस वित्तीय सहायता से हम मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में अपने व्यवसाय का विस्तार कर पाए, रोज़गार के अवसर पैदा कर पाए और व्यवसाय में अच्छी-खासी तरक्की कर पाए। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि इसने अनुसूचित जाति के उद्यमियों के आत्मविश्वास और छवि को बढ़ाया है तथा युवा पीढ़ी को उद्यमिता अपनाने के लिए प्रेरित किया है।”

सीआर इन्फ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड की सफलता यह दर्शाती है कि अनुसूचित जातियों के लिए उद्यम पूंजी कोष के तहत लक्षित वित्तीय सहायता, अनुसूचित जाति के उद्यमियों को प्रतिस्पर्धी उद्यम स्थापित करने, रोजगार के अवसर पैदा करने और भारत के समावेशी आर्थिक विकास में योगदान देने में किस तरह मदद कर रही है। डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देकर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय निरंतर रोजगार पैदा करने वालों को सशक्त बना रहा है, ग्रामीण आजीविका को मजबूत कर रहा है और एक अधिक आत्मनिर्भर और समावेशी अर्थव्यवस्था का निर्माण कर रहा है।

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