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17,067 पीएम-एजेएवाई आदर्श ग्राम गांवों में शिक्षा के क्षेत्र में 2.65 लाख से ज़्यादा अनुसूचित जाति के लाभार्थियों को मिला लाभ


पिछले 5 सालों में 90 हॉस्टल मंजूर किए गए, एससी हॉस्टल बनाने के लिए ₹198.50 करोड़ जारी किए गए: डॉ. वीरेंद्र कुमार

केंद्र सरकार अनुसूचित जाति समुदायों के शैक्षिक और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना’ (पीएम-एजेएवाई) लागू कर रही है। इसके तहत आदर्श ग्रामअनुदान-सहायता और हॉस्टल के निर्माण/मरम्मत जैसे घटक शामिल हैं। इस योजना का मकसद शैक्षिक नतीजों को बेहतर बनाना, बुनियादी ढांचे को मज़बूत करना और अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए अच्छी गुणवत्ता वाली आवासीय सुविधाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना है।

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने आज लोकसभा में श्री राव राजेंद्र सिंह के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए सदन को बताया कि आदर्श ग्राम घटक के तहत शिक्षा सहित 50 सामाजिक-आर्थिक संकेतकों वाले 10 क्षेत्रों में विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 29 जुलाई 2026 तक कुल 17,067 गांवों को आदर्श ग्राम घोषित किया गया है, जहां शिक्षा के क्षेत्र में 2,65,509 लाभार्थियों को शामिल किया गया है।

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केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पीएम-एजेएवाई के हॉस्टल घटक के तहत, विभाग अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए नए हॉस्टल बनाने हेतु राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और संस्थानों को केंद्रीय सहायता देता है। इस पहल का मकसद खासकर आकांक्षी जिलों, एससी बहुल ब्लॉकों और देश के अन्य हिस्सों में साक्षरता बढ़ाना, स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले को बढ़ावा देना और रहने की बेहतर सुविधाएँ देना है।

पिछले पाँच वित्तीय वर्षों (वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2025-26) के दौरान, इस योजना के तहत 90 हॉस्टलों को मंज़ूरी दी गई है, जिससे अनुसूचित जाति के 10,649 छात्रों को फायदा मिला है। इसी दौरान अनुसूचित जाति के हॉस्टलों के निर्माण के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ₹198.50 करोड़ की राशि जारी की गई है।

सदन को यह भी बताया गया कि पीएम-एजेएवाई के दिशानिर्देशों में हॉस्टलों में बेहतर गुणवत्ता, सुरक्षा और पहुँच की व्यवस्था है। इनमें लड़कियों के हॉस्टलों में चौबीस घंटे महिला वार्डन और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, इन-हाउस कोचिंग, मेडिकल देखभाल, हेल्थ कैंप, आईटी शिक्षा, खेलों की कोचिंग और दिव्यांग छात्रों के लिए बिना रुकावट पहुँच की सुविधा शामिल है।

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