केंद्र प्रायोजित योजना राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) के तहत, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों से उनकी राज्य वार्षिक कार्य योजनाओं (एसएएपी) के माध्यम से प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार, 12500 मौजूदा आयुष औषधालयों और उप स्वास्थ्य केंद्रों (एससी) को आयुष स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों के रूप में उन्नत किया गया है। इनका नाम अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) [(एएएम(आयुष)] रखा गया है। राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के अनुसार अनुमोदित और कार्यरत एएएम (आयुष) की स्थिति अनुलग्नक-I में दी गई है। इसके अलावा, देश में आयुष ओपीडी सेवाएं प्रदान करने वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के अनुसार स्थिति अनुलग्नक-II में दी गई है ।
परिचालनात्मक दिशा-निर्देशों के अनुसार, आयुष (एएएम) को आयुष सिद्धांतों और तौर-तरीकों (योग चिकित्सा, आयुर्वेद परामर्श, प्राकृतिक चिकित्सा उपचार आदि) पर आधारित एक समग्र स्वास्थ्य मॉडल स्थापित करने के उद्देश्य से अनुमोदित किया गया था। इसका उद्देश्य निवारक, प्रोत्साहक, उपचारात्मक और पुनर्वास स्वास्थ्य देखभाल पर ध्यान केंद्रित करना है। इसके लिए मौजूदा सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के साथ एकीकरण स्थापित किया गया है। इसका लक्ष्य जरूरतमंद जनता को सूचित विकल्प प्रदान करना है, इसके लिए आयुष सेवाओं को टीम आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है, इसमें क्षेत्र स्तर के कार्यकर्ताओं, विशेष रूप से आशा कार्यकर्ताओं आदि की भागीदारी शामिल है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आयुष औषधालयों/उप स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष (एएएम) में उन्नत किए जाने के बाद आयुष (एएएम) में आने वाले लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि हुई है। ओपीडी सेवाओं के अलावा, ये केंद्र प्रकृति परीक्षण, योग सम्बंधी गतिविधियां, केंद्र स्तर पर और समुदाय स्तर पर सामान्य औषधीय पौधों के उपयोग के बारे में जागरूकता आदि जैसी विभिन्न अन्य सेवाएं भी प्रदान कर रहे हैं।
गुणवत्ता, मान्यता सुनिश्चित करने के लिए इन केंद्रों पर तैनात आयुष चिकित्सकों के प्रशिक्षण और विभिन्न गतिविधियों/सेवाओं के कार्यान्वयन की प्रगति की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय टीम द्वारा विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा करने के अलावा एनएबीएच मूल्यांकन और तृतीय-पक्ष समीक्षा भी की जाती है। साथ ही, दौरा करने वाली टीम ने राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को एएएम (आयुष) टीम के लिए उचित प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ रेफरल सम्बंधों को मजबूत करने, विशेष रूप से आशा जैसी जमीनी स्तर की कार्यकर्ताओं की प्रभावी भागीदारी आदि के लिए सुझाव दिए हैं। इसका उद्देश्य एएएम (आयुष) के माध्यम से संचालित गतिविधियों के बेहतर परिणाम प्राप्त करना है।
एनएएम के तहत, एसएएपी के माध्यम से प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर, एनएएम दिशानिर्देशों के प्रावधानों के अनुसार, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को समेकित निधि जारी की जाती है। आयुष औषधालयों को एएएम (आयुष) में उन्नत करने के लिए, प्रत्येक औषध औषधालय के लिए 16.22 लाख रुपये और प्रत्येक उप-केंद्र के लिए 15.744 लाख रुपये की प्रति इकाई लागत पर वित्तीय सहायता आवंटित की जाती है।
अनुलग्नक-I
राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के अनुसार अनुमोदित और कार्यरत एएएम (आयुष) की स्थिति
| क्रम संख्या | राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के नाम | अनुमोदित एएएम (आयुष) | कार्यात्मक एएएम (आयुष) |
| 1 | अंडमान और निकोबार द्वीप समूह | 6 | 6 |
| 2 | आंध्र प्रदेश | 126 | 126 |
| 3 | अरुणाचल प्रदेश | 89 | 89 |
| 4 | असम | 500 | 500 |
| 5 | बिहार | 294 | 294 |
| 6 | चंडीगढ़ | 12 | 12 |
| 7 | छत्तीसगढ | 400 | 400 |
| 8 | दिल्ली | 0 | 0 |
| 9 | दादरा नगर हवेली और दमन दीव | 1 | 1 |
| 10 | गोवा | 100 | 100 |
| 11 | गुजरात | 365 | 365 |
| 12 | हरियाणा | 538 | 538 |
| 13 | हिमाचल प्रदेश | 761 | 761 |
| 14 | जम्मू और कश्मीर | 523 | 523 |
| 15 | झारखंड | 745 | 745 |
| 16 | कर्नाटक | 376 | 376 |
| 17 | केरल | 700 | 700 |
| 18 | लद्दाख | 0 | 0 |
| 19 | लक्षद्वीप | 7 | 7 |
| 20 | मध्य प्रदेश | 800 | 800 |
| 21 | महाराष्ट्र | 390 | 390 |
| 22 | मणिपुर | 15 | 15 |
| 23 | मेघालय | 24 | 24 |
| 24 | मिजोरम | 41 | 41 |
| 25 | नगालैंड | 49 | 49 |
| 26 | ओडिशा | 422 | 422 |
| 27 | पुदुचेरी | 4 | 4 |
| 28 | पंजाब | 158 | 158 |
| 29 | राजस्थान | 2019 | 2019 |
| 30 | सिक्किम | 18 | 18 |
| 31 | तमिलनाडु | 650 | 650 |
| 32 | तेलंगाना | 421 | 421 |
| 33 | त्रिपुरा | 72 | 72 |
| 34 | उत्तर प्रदेश | 1034 | 1034 |
| 35 | उत्तराखंड | 300 | 300 |
| 36 | पश्चिम बंगाल | 540 | 540 |
| कुल | 12500 | 12500 | |
अनुलग्नक-II
देश में आयुष ओपीडी सेवाएं प्रदान करने वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की राज्य/केंद्र शासित प्रदेशवार स्थिति*
| क्रम संख्या | राज्य / केंद्र शासित प्रदेश | अस्पताल | औषधालयों |
| 1 | आंध्र प्रदेश | 8 | 737 |
| 2 | अरुणाचल प्रदेश | 11 | 174 |
| 3 | असम | 4 | 573 |
| 4 | बिहार | 8 | 1590 |
| 5 | छत्तीसगढ | 16 | 1094 |
| 6 | दिल्ली | 6 | 204 |
| 7 | गोवा | 2 | 207 |
| 8 | गुजरात | 40 | 852 |
| 9 | हरियाणा | 17 | 830 |
| 10 | हिमाचल प्रदेश | 35 | 1206 |
| 11 | जम्मू और कश्मीर | 10 | 999 |
| 12 | झारखंड | 1 | 781 |
| 13 | कर्नाटक | 274 | 7641 |
| 14 | केरल | 165 | 2210 |
| 15 | मध्य प्रदेश | 77 | 1773 |
| 16 | महाराष्ट्र | 174 | 486 |
| 17 | मणिपुर | 25 | 12 |
| 18 | मेघालय | 14 | 95 |
| 19 | मिजोरम | 10 | 21 |
| 20 | नगालैंड | 6 | 46 |
| 21 | ओडिशा | 9 | 2676 |
| 22 | पंजाब | 26 | 1032 |
| 23 | राजस्थान | 141 | 4443 |
| 24 | सिक्किम | 6 | 13 |
| 25 | तमिलनाडु | 34 | 1514 |
| 26 | त्रिपुरा | 7 | 101 |
| 27 | उत्तर प्रदेश | 1982 | 3761 |
| 28 | उत्तराखंड | 433 | 562 |
| 29 | पश्चिम बंगाल | 21 | 2668 |
| 30 | अंडमान और निकोबार द्वीप समूह | 3 | 37 |
| 31 | चंडीगढ़ | 2 | 30 |
| 32 | डी एंड एन हवेली और दमन एवं दीव | 4 | 20 |
| 33 | लद्दाख | 0 | 48 |
| 34 | लक्षद्वीप | 2 | 18 |
| 35 | पुदुचेरी | 6 | 81 |
| 36 | तेलंगाना | 11 | 834 |
| 37 | सीजीएचएस और केंद्रीय सरकारी संगठन | 58 | 900 |
| कुल | 3648 | 40269 | |
*आयुष इन इंडिया के 01.04.2024 के आंकड़ों के अनुसार प्रकाशित।
आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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