सीटूएस कार्यक्रम के तहत 68,000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षित किया गया और 254 चिप डिजाइनों पूरा किया गया
भारत को सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन का वैश्विक केंद्र बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, सरकार ने सेमीकंडक्टर शिक्षा, अनुसंधान और डिजाइन अवसंरचना में लक्षित नीतिगत कार्यक्रम लाए और निरंतर निवेश किया है। इससे देश के सेमीकंडक्टर डिजाइन परितंत्र और प्रतिभा आधार को मजबूती मिली है।
सेमीकंडक्टर डिज़ाइन क्षेत्र में देश भर में क्षमता निर्माण और कार्यबल प्रतिभा की कमी तथा चिप डिज़ाइन अवसंरचना की समस्या के समाधान हेतु चिप्स टू स्टार्ट-अप्स (सी2एस) कार्यक्रम शुरू किया गया है। सी2एस कार्यक्रम का उद्देश्य सेमीकंडक्टर चिप डिज़ाइन क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त बी.टेक, एम.टेक और पीएचडी स्तर के 85,000 उद्योग-योग्य मानव संसाधन तैयार करना है।
सी2एस कार्यक्रम के अंतर्गत:
i. इस कार्यक्रम के तहत अब तक 68,000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
ii. देश भर के 332 शैक्षणिक संस्थानों को सिनॉपसिस, कैडेन्से, सिएमिन्स ईडीए, एनसिस, कीसाइट, सिल्वैको, रेनेसास-एल्टियम, एएमडी-जीलिन्क्स, एस्टरक्वांटा, कॉम्पकार्टा, कैडर और एएमडी-जिलिन्क्स के उन्नत इलेक्ट्रॉनिक डिज़ाइन ऑटोमेशन (ईडीए) टूल तक पहुंच प्रदान की गई है।
iii. सहभागी संस्थानों ने सफलतापूर्वक 254 चिप डिजाइन तैयार किए हैं, जिनमें एससीएल, मोहाली में 180 एनएम प्रौद्योगिकी नोड पर 175 डिजाइन और विदेशी सेमीकंडक्टर फाउंड्री में 79 डिजाइन शामिल हैं।
आंध्र प्रदेश राज्य में:
(i) सी2एस कार्यक्रम के अंतर्गत 23 शैक्षणिक संस्थानों को उन्नत ईडीए उपकरणों तक पहुंच प्रदान की गई है, जिनका संचयी उपयोग नीचे दी गई सूची के अनुसार 4.34 लाख उपकरण-घंटे से अधिक है:
| क्रमांक | संस्था का नाम |
| 1 | भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, तिरुपति |
| 2 | भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी डिजाइन और विनिर्माण संस्थान, कुरनूल |
| 3 | राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, आंध्र प्रदेश |
| 4 | श्री विष्णु इंजीनियरिंग कॉलेज फॉर वुमेन, भीमावरम |
| 5 | विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं अनुसंधान फाउंडेशन, गुंटूर |
| 6 | वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (वीआईटी-एपी) विश्वविद्यालय, अमरावती, आंध्र प्रदेश |
| 7 | एसआरएम विश्वविद्यालय, एपी |
| 8 | जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जेएनटीयू), काकीनाडा |
| 9 | जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जेएनटीयू), अनंतपुर |
| 10 | वीआर सिद्धार्थ इंजीनियरिंग कॉलेज, विजयवाड़ा |
| 11 | अनिल नीरुकोंडा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज (एएनआईटीएस), विशाखापत्तनम |
| 12 | विष्णु प्रौद्योगिकी संस्थान, आंध्र प्रदेश |
| 13 | सागी राम कृष्णम राजू (एसआरकेआर) इंजीनियरिंग कॉलेज, आंध्र प्रदेश |
| 14 | जीएमआर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (जीएमआरआईटी), आंध्र प्रदेश |
| 15 | जी. पुल्लैया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, कुरनूल |
| 16 | कोनेरू लक्ष्मैया एजुकेशन फाउंडेशन, गुंटूर |
| 17 | विज्ञान सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, विशाखापत्तनम |
| 18 | मोहन बाबू विश्वविद्यालय, तिरुपति, आंध्र प्रदेश |
| 19 | नारायण इंजीनियरिंग कॉलेज, गुडुर, आंध्र प्रदेश |
| 20 | श्री वासवी इंजीनियरिंग कॉलेज, ताडेपल्लीगुडेम, आंध्र प्रदेश |
| 21 | गायत्री विद्या परिषद कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, विशाखापत्तनम |
| 22 | शांतिराम इंजीनियरिंग कॉलेज, नंद्याल, कुरनूल |
| 23 | राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, तिरुपति |
(ii) निम्नलिखित अनुसंधान परियोजनाओं को चार शैक्षणिक संस्थानों में सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन अनुसंधान को बढ़ावा देने और क्षमता निर्माण को मजबूत करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की गई है:
क) क्रिप्टोग्राफिक अनुप्रयोगों के लिए एक सुरक्षित आरआईएससी-वी प्रोसेसर का विकास – भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) तिरुपति।
ख) उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग और साइबर-फिजिकल सिस्टम के लिए कंप्यूटिंग प्रदर्शन में सुधार हेतु हार्डवेयर एक्सेलेरेटर का विकास – भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी डिजाइन और विनिर्माण संस्थान (आईआईआईटीडीएम) कुरनूल।
ग) एज इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) अनुप्रयोगों के लिए ऊर्जा-कुशल न्यूरोमॉर्फिक प्रोसेसर का विकास – राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) आंध्र प्रदेश।
घ) एज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अनुप्रयोगों के लिए मेमोरी-कुशल सह-प्रसंस्करण इकाई का विकास – श्री विष्णु इंजीनियरिंग कॉलेज फॉर विमेन, भीमावरम।
ये परियोजनाएं वर्तमान में डिजाइन और विकास के विभिन्न चरणों में हैं। इनके दायरे और परिपक्वता के आधार पर, जहां भी लागू हो, सेमीकंडक्टर फाउंड्री में टेप-आउट सहित प्रोटोटाइप सत्यापन की ओर बढ़ने की उम्मीद है।
यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने 12.08.2026 को लोकसभा में दी।
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