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विद्युत क्षेत्र के लिए कोयले की आपूर्ति की स्थिति पर्याप्त बनी हुई है; जुलाई 2026 में उत्पादन और ढुलाई में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है

जुलाई 2026 के दौरान उत्पादन, ढुलाई और प्राप्ति में मजबूत वृद्धि के कारण विद्युत क्षेत्र के लिए देश की कोयले की आपूर्ति पर्याप्त बनी हुई है। जुलाई 2026 में कुल कोयला उत्पादन 69.75 मिलियन टन (एमटी) रहा, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 64.88 मिलियन टन था। इसमें 7.51 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस माह के दौरान कुल कोयले का ढुलाई और भी अधिक रही, यह पिछले वर्ष की इसी अवधि के 73.58 मिलियन टन की तुलना में 86.85 मिलियन टन थी। यह 18.03 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्शाता है।

जुलाई 2026 में तापीय ऊर्जा संयंत्रों में कोयले की प्राप्ति 68.83 मीट्रिक टन रही, जबकि जुलाई 2025 में यह 60.69 मीट्रिक टन थी, जो 13.41 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। विद्युत क्षेत्र को आपूर्ति में यह निरंतर और पर्याप्‍त वृद्धि, भारतीय रेलवे के निरंतर सहयोग से, देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कोयले की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने पर मंत्रालय के निरंतर ध्यान को रेखांकित करती है।

04.08.2026 तक, तापीय ऊर्जा संयंत्रों में कोयले का भंडार 34.55 मीट्रिक टन था। इसके अतिरिक्त, लगभग 113 मीट्रिक टन कोयला खदानों और परिवहन के दौरान उपलब्ध था। इससे कुल उपलब्ध भंडार लगभग 148 मीट्रिक टन हो गया। यह विद्युत क्षेत्र की लगभग 62 दिनों की कोयला खपत की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त है, इससे एक अच्छा-खासा बफर उपलब्ध है।

कोयला मंत्रालय सभी उपभोक्ताओं, विशेषकर विद्युत क्षेत्र को निर्बाध और पर्याप्त कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसका उद्देश्‍य देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करना है। देश के लिए ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करते हुए यह निरंतर प्रदर्शन आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के दृष्टिकोण के प्रति मंत्रालय की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मंत्रालय विद्युत क्षेत्र की आवश्यकताओं की निर्बाध पूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कोयला आपूर्ति श्रृंखला की निरंतर निगरानी कर रहा है।

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