विद्युत और नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्रीपद नाइक ने 24 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में यूरोपीय संसद की उद्योग, अनुसंधान और ऊर्जा समिति (आईटीआरई) के प्रतिनिधिमंडल के साथ द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में विद्युत क्षेत्र में भारत और यूरोपीय संघ के बीच जारी सहयोग की समीक्षा की गई और इसे और मजबूत करने पर चर्चा हुई।

बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, विद्युत क्षेत्र में बदलाव, कम कार्बन विकास, परमाणु ऊर्जा, कार्बन बाजार और नई प्रौद्योगिकियों सहित कई विषयों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने जारी पहलों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में जारी मजबूती और सहयोग बढ़ाने के अवसर तलाशे गए। इसमें भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते में हुई महत्वपूर्ण प्रगति भी शामिल है।
श्रीपद नाइक ने भारत के तेजी से बदलते विद्युत क्षेत्र और मजबूत, भरोसेमंद तथा भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा प्रणाली विकसित करने के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ने गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता बढ़ाने, इस संबंध में राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) के लक्ष्यों को निर्धारित समय से काफी पहले हासिल करने, ट्रांसमिशन और वितरण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, ऊर्जा भंडारण और स्मार्ट ग्रिड समाधान अपनाने तथा परमाणु ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता और हरित हाइड्रोजन को आगे बढ़ाने में प्रगति की है।
दोनों पक्षों ने उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। इनमें दीर्घ अवधि के ऊर्जा भंडारण, डिजिटल बिजली प्रणाली प्रौद्योगिकियां, हरित हाइड्रोजन, कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण तथा छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों सहित परमाणु प्रौद्योगिकियां शामिल हैं। दोनों पक्षों ने कार्बन बाजार और बदलते कार्बन मूल्य निर्धारण परिदृश्य पर भी विचार साझा किए। कार्बन सीमा समायोजन तंत्र (सीबीएएम) भी चर्चा हुई।
बैठक में भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी के प्रमुख स्तंभ के रूप में ऊर्जा और बिजली क्षेत्र में सहयोग के महत्व को दोहराया गया। दोनों पक्षों ने सुरक्षित, मजबूत और टिकाऊ ऊर्जा प्रणालियों के लिए निरंतर संवाद, विशेषज्ञता के आदान-प्रदान तथा तकनीकी और संस्थागत सहयोग को और बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
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