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उपराष्ट्रपति ने दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव को ‘मिनी इंडिया’ बताया, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और प्रशासक श्री प्रफुल्ल पटेल के नेतृत्व में हुए विकास की सराहना की


दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव जन-केंद्रित विकास के एक मॉडल के रूप में उभर रहा है जिसमें लोगों की सक्रिय भागीदारी है: उपराष्ट्रपति

 “दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव में हो रहा बदलाव विकसित भारत 2047 के विज़न में योगदान दे रहा है”: उपराष्ट्रपति

केंद्र शासित प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, पर्यटन और कनेक्टिविटी से बदलाव आ रहा है: उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव की अपनी पहली यात्रा के दौरान सिलवासा स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम गवर्नमेंट कॉलेज में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित किया।

Vice-President Shri C. P. Radhakrishnan addressed a public function at Dr. A.P.J. Abdul Kalam Government College, Silvassa today, during his maiden visit to the Union Territory of Dadra and Nagar Haveli and Daman and Diu. The Vice-President said that the Union Territory is a remarkable example of how innovative governance and people’s participation can drive transformative development. The Vice-President appreciated the Union Territory’s social diversity, cultural heritage and spirit of harmony and described it as a “mini India”. He said that people from different parts of the country are contributing to the region’s growth and living together in harmony.— Vice-President of India (@VPIndia) September 11, 2026

इस अवसर पर, उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन को माननीय प्रशासक श्री प्रफुल्ल पटेल और माननीय सांसद श्रीमती कालाबेन मोहनभाई डेलकर सहित जिला पंचायतों, नगर परिषदों, उद्योग एवं होटल संघों के प्रतिनिधियों, विभिन्न कॉलेजों के मेधावी छात्रों और तमिल संगम द्वारा सम्मानित किया गया। उन्होंने पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों को टूलकिट तथा नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए।

उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह केंद्र शासित प्रदेश इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण है कि किस प्रकार अभिनव शासन और लोगों की भागीदारी परिवर्तनकारी विकास को गति दे सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व तथा प्रशासक श्री प्रफुल्ल पटेल के अथक प्रयासों और लोगों की सक्रिय भागीदारी से पिछले एक दशक में हुई प्रगति की सराहना की।

श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि पिछले एक दशक के दौरान केंद्र शासित प्रदेश में 13,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 450 से अधिक अवसंरचना परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिनमें 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली लगभग 800 किलोमीटर की सड़कें भी शामिल हैं।

स्वास्थ्य सेवा में बदलावों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि जिस केंद्र शासित प्रदेश में 2019 से पहले एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं था, वहां अब 177 सीटों वाला एक मेडिकल कॉलेज है। साथ ही सिलवासा में 450 बिस्तरों वाला नमो अस्पताल और दमन में हाल ही में उद्घाटित 350 बिस्तरों वाला नमो अस्पताल भी है। पिछले तीन वर्षों में टीबी के मामलों में 57 प्रतिशत और कुपोषण में 58 प्रतिशत की गिरावट आई है। केंद्र शासित प्रदेश ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत सभी के पंजीकरण के साथ-साथ हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों और संस्थागत प्रसव में भी शत-प्रतिशत का लक्ष्य हासिल कर लिया है।

शिक्षा के मामले में, उपराष्ट्रपति ने सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम के अलावा, 700 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से 21 नए स्कूलों के निर्माण और 16 अन्य स्कूलों के निर्माण कार्य का उल्लेख किया। उन्होंने निफ्ट, गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और अन्य पेशेवर संस्थानों के परिसरों की स्थापना का भी जिक्र किया, जिससे केंद्र शासित प्रदेश के युवाओं के लिए अवसर बढ़ रहे हैं।

पर्यटन के बढ़ते महत्व को रेखांकित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने उल्लेख किया कि पर्यटकों संख्या 2021 के लगभग 6 लाख से बढ़कर 2025 में लगभग 50 लाख हो गई है। उन्होंने कहा कि दमन नाइट मार्केट, राम-सेतु सीफ़्रंट, जीर्णोद्धार किए गए विरासत स्थलों, समुद्र तटों, जल क्रीड़ा और इको-टूरिज्म परियोजनाओं जैसी पहल नए अवसर सृजित कर रही हैं और क्षेत्र की समृद्ध विरासत तथा प्राकृतिक सुंदरता को प्रदर्शित कर रही हैं।

उपराष्ट्रपति ने केंद्र शासित प्रदेश की औद्योगिक क्षमता का भी उल्लेख किया, जिसमें एमएसएमई क्षेत्र के माध्यम से 7,500 से अधिक विनिर्माण इकाइयां और 2.8 लाख से अधिक रोजगार के अवसर शामिल हैं। दमन में नमो हवाई अड्डे के उद्घाटन से दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद के साथ हवाई संपर्क और सुदृढ़ हुआ है। उन्होंने सरकारी इमारतों के शत-प्रतिशत सौरकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भी केंद्र शासित प्रदेश की सराहना की, जिसकी स्थापित क्षमता लगभग 12 मेगावाट है।

गुजरात के तीन प्रतिष्ठित नेताओं महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के योगदान का उल्लेख करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि गांधीजी अहिंसा और स्वतंत्रता संग्राम का प्रतिनिधित्व करते हैं, सरदार पटेल भारत की एकता और अखंडता के प्रतीक हैं, और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी विकास का प्रतिनिधित्व करते हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस केंद्र-शासित प्रदेश की सामाजिक विविधता, सांस्कृतिक विरासत और सद्भाव की भावना इसे ‘मिनी इंडिया’ बनाती है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोग यहां के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं और आपसी सद्भाव के साथ रह रहे हैं।

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