स्वामित्व योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में संपत्ति के मालिकों को अधिकारों का रिकॉर्ड प्रदान करना है। इस योजना के तहत, गांवों के आबादी वाले क्षेत्रों के उच्च सटीकता वाले मानचित्र बनाने के लिए ड्रोन सर्वेक्षण और सतत संचालन संदर्भ स्टेशन (सीओआरएस) तकनीक का उपयोग करके ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों को सीमांकित किया जाता है। ये अत्यधिक सटीक मानचित्र संपत्ति की सीमाओं को स्पष्ट रूप से सीमांकित करके और अधिकारों का अभिलेख बनाकर संपत्ति से संबंधित विवादों को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, जमीनी सत्यापन और विवाद समाधान की पारदर्शी प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि स्वामित्व रिकॉर्ड निष्पक्ष और सटीक रूप से तैयार किए जाएं। मंत्रालय के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्वामित्व संपत्ति कार्ड के आधार पर 1,713 करोड़ रुपये के 11,147 ऋण वितरित किए गए हैं।
पंचायती राज मंत्रालय, भारतीय सर्वेक्षण विभाग और राज्य सरकारों के सहयोग से, ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों के अत्यधिक सटीक जीआईएस-आधारित मानचित्र तैयार करने के लिए सतत संचालन संदर्भ स्टेशन (सीओआरएस) तकनीक का उपयोग करके ड्रोन सर्वेक्षण कर रहा है। मंत्रालय ड्रोन आधारित मानचित्रण समय पर पूरा करने के लिए राज्यों और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के साथ समीक्षा बैठकों के माध्यम से कार्यान्वयन की नियमित निगरानी करता है।
स्वामित्व योजना के तहत निमित स्थानिक डेटा संबंधित राज्य सरकारों के साथ साझा किया जाता है और पंचायती राज मंत्रालय द्वारा विकसित जीआईएस-आधारित स्थानिक योजना को ग्राम मानचित्र ऐप के माध्यम से इसका उपयोग किया जा रहा है। ग्राम मानचित्र ग्राम पंचायतों को डिजिटल मानचित्र पर आवास क्षेत्रों, सड़कों, सार्वजनिक अवसंरचना, प्राकृतिक संसाधनों, जल निकायों और अन्य सामुदायिक संपत्तियों सहित ग्राम-स्तरीय भू-स्थानिक जानकारी प्रदान करने में सक्षम बनाता है। यह ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (जीपीडीपी) की साक्ष्य-आधारित तैयारी और कार्यान्वयन में सहायता करने के लिए योजना और शासन संबंधी आकड़ों के साथ स्वामित्व योजना सहित कई स्रोतों से भू-स्थानिक डेटा को एकीकृत करता है। यह ऐप अवसंरचनात्मक कमियों की पहचान करने, विकास कार्यों को प्राथमिकता देने, इष्टतम परिसंपत्ति निर्माण, चल रही परियोजनाओं की निगरानी और विभिन्न सरकारी योजनाओं में संसाधनों को एक साथ लाने की सुविधा प्रदान करता है। ग्राम परिसंपत्तियों और संसाधनों का एक व्यापक स्थानिक दृश्य (स्पेशियल व्यू) प्रदान करके, ग्राम मानचित्र विकेंद्रीकृत योजना को मजबूत बनाता है, पारदर्शिता में सुधार करता है और सतत ग्रामीण विकास के लिए ग्राम पंचायतों की जानकारी के आधार पर फैसले लेने में सक्षम बनाता है।
स्वामित्व योजना के तहत गावों के उन ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों को शामिल किया गया है जो योजना के तहत अनुमोदित किए गए हैं। अब तक, 3.30 लाख गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण का कार्य पूरा किया जा चुका है।
यह जानकारी केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने 05 अगस्त 2026 को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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