एआई-संचालित सीवी बिल्डर, अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम और सीएससी एकीकरण युवाओं के लिए अवसरों तक पहुंच को बढ़ाते हैंयुवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, एआई-सक्षम डिजिटल सेवाओं, अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम और ग्रामीण एवं दूरस्थ भारत में जमीनी स्तर पर पहुंच का विस्तार करके ‘माई भारत‘ प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवा सशक्तीकरण को मजबूत कर रहा है। शुरू होने के बाद से, 24 लाख से अधिक युवाओं ने ‘माई भारत’ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कराया है, जबकि 12 लाख से अधिक युवाओं ने लगभग 25,000 अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रमों (ईएलपी) में नामांकन किया है । राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के अनुसार कुल पंजीकरणों का विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।
इस प्लेटफॉर्म ने एआई-संचालित सुविधाओं जैसे कि एआई-सक्षम सीवी बिल्डर को भी प्रस्तुत किया है और यह 780 से अधिक जिला युवा कार्यालयों और सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) के राष्ट्रव्यापी नेटवर्क का लाभ उठा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि युवा, विशेष रूप से ग्रामीण और आकांक्षी जिलों में, स्वयंसेवा, कौशल विकास, इंटर्नशिप और नेतृत्व के अवसरों तक अधिक पहुंच प्राप्त कर सकें।
माय भारत सरकारी विभागों, सार्वजनिक संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों और सहयोगी संगठनों के सहयोग से अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम (ईएलपी) प्रदान करता है। प्रमुख कार्यक्रमों में इंडिया पोस्ट ईएलपी, जन औषधि ईएलपी, सेवा से सीखें ईएलपी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) ईएलपी, सड़क सुरक्षा मित्र ईएलपी, रेडियो निर्माण और प्रस्तुति ईएलपी, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) ईएलपी, केयर होम में वरिष्ठ नागरिकों के साथ युवा सहभागिता ईएलपी और सेमीकंडक्टर प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। ये कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों में संरचित, अल्पकालिक व्यावहारिक शिक्षण के अवसर प्रदान करते हैं, जिनकी अवधि 20 से 360 घंटे तक होती है । माय भारत प्लेटफॉर्म शुरू होंने के बाद से, 1.22 लाख से अधिक युवाओं ने लगभग 25,000 अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रमों में नामांकन किया है और माय भारत पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से मान्य प्रमाणपत्र प्राप्त किए हैं।
इसके अलावा, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) के तहत युवाओं को संगठित करने के लिए समर्पित स्वयंसेवी अवसर के माध्यम से माय भारत प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहा है। 16.07.2026 तक, 98,632 युवाओं को पंजीकरण और आवेदन के लिए माय भारत पोर्टल से पीएमआईएस पोर्टल पर भेजा जा चुका है ।
डिजिटल सेवा वितरण और प्लेटफॉर्म विकास को बेहतर बनाने के लिए माय भारत प्लेटफॉर्म में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) क्षमताओं का उपयोग किया जा रहा है। उत्पादकता और सेवा वितरण में सुधार के लिए सॉफ्टवेयर विकास, दस्तावेज़ीकरण, ज्ञान प्रबंधन और कार्यक्रम निगरानी में AI-सहायता प्राप्त उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। यह प्लेटफॉर्म भाषिनी के समन्वय से एक स्वचालित AI-सक्षम CV बिल्डर सुविधा भी प्रदान करता है ।
सरकार देशव्यापी फिजीटल (फिजिकल + डिजिटल) दृष्टिकोण के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे शहरों और आकांक्षी जिलों में माय भारत प्लेटफॉर्म की पहुंच का विस्तार कर रही है। माय भारत के पास 780 से अधिक जिला युवा कार्यालयों का देशव्यापी नेटवर्क है , जो जमीनी स्तर पर कार्यक्रमों के कार्यान्वयन और पहुंच को सुगम बनाता है। यह प्लेटफॉर्म युवा क्लबों, शैक्षणिक संस्थानों, राष्ट्रीय सामाजिक सेवा (एनएसएस) इकाइयों, सरकारी विभागों, गैर-सरकारी संगठनों, गैर-लाभकारी संगठनों (एनपीओ) और व्यवसायों के साथ मिलकर काम करता है ताकि देशभर में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। डिजिटल पहुंच में सुधार के लिए, माय भारत प्लेटफॉर्म को कॉमन सर्विस सेंटर्स (सीएससी) नेटवर्क के साथ एकीकृत किया गया है, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के युवा ग्राम स्तरीय उद्यमियों (वीएलई) की सहायता से पंजीकरण और भागीदारी कर सकें। इसके अलावा, पोर्टल जिला, ब्लॉक, पंचायत और ग्राम स्तर पर स्थान-आधारित स्वयंसेवा और अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रमों को सक्षम बनाता है , जिससे युवाओं को अपने निवास स्थान के निकट अवसरों में भाग लेने की सुविधा मिलती है, जिससे देशभर में नेतृत्व विकास और सामुदायिक सेवा तक संतुलित पहुंच को बढ़ावा मिलता है।
परिशिष्ट
माय भारत प्लेटफॉर्म पर राज्य/केंद्र शासित प्रदेशवार पंजीकरण
| राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | कुल पंजीकरण |
| अंडमान और नोकोबार द्वीप समूह | 28794 |
| आंध्र प्रदेश | 814350 |
| अरुणाचल प्रदेश | 46277 |
| असम | 646655 |
| बिहार | 691531 |
| चंडीगढ़ | 77271 |
| छत्तीसगढ | 565384 |
| दिल्ली | 680862 |
| गोवा | 52322 |
| गुजरात | 928092 |
| हरियाणा | 755169 |
| हिमाचल प्रदेश | 303408 |
| जम्मू और कश्मीर | 862526 |
| झारखंड | 346639 |
| कर्नाटक | 817057 |
| केरल | 586790 |
| लद्दाख | 39653 |
| लक्षद्वीप | 6452 |
| मध्य प्रदेश | 1432089 |
| महाराष्ट्र | 1518436 |
| मणिपुर | 42648 |
| मेघालय | 50376 |
| मिजोरम | 69977 |
| नगालैंड | 45104 |
| ओडिशा | 592246 |
| पुदुचेरी | 85275 |
| पंजाब | 625705 |
| राजस्थान | 2039230 |
| सिक्किम | 47643 |
| तमिलनाडु | 1502286 |
| तेलंगाना | 403426 |
| दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव | 23005 |
| त्रिपुरा | 123306 |
| उत्तर प्रदेश | 2506907 |
| उत्तराखंड | 317906 |
| पश्चिम बंगाल | 849514 |
| राज्य का उल्लेख नहीं किया गया है | 4127831 |
| कुल | 24652142 |
यह जानकारी युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने गुरुवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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