सड़क एवं सड़क परिवहन क्षेत्र पर भारत-जापान संयुक्त कार्य समूह(जेडब्ल्यूजू) का 12वां सत्र 15 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया गया। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा आयोजित इस बैठक में भारत सरकार और जापान सरकार के प्रतिनिधियों के साथ-साथ संबंधित संस्थानों तथा उद्योग जगत के हितधारकों ने भाग लिया।
यह बैठक दोनों देशों के बीच सड़क परिवहन क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए एक महत्त्वपूर्ण मंच प्रदान करती है। इसमें उन्नत निर्माण प्रौद्योगिकियों, सुरंग एवं पुल इंजीनियरिंग, सतत बुनियादी ढांचे के विकास तथा सड़क प्रबंधन में नवीन और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के अनुप्रयोग पर जोर दिया गया है। इस विचार-विमर्श से दोनों देशों के बीच तकनीकी ज्ञान, अनुभव और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिला है। साथ ही, सड़क बुनियादी ढांचे की योजना, निर्माण, संचालन और रखरखाव के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के अवसरों का भी पता लगाया गया।
यह बैठक माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा व्यक्त ‘विकसित भारत @2047’ के विजन के अनुरूप है, जिसके तहत स्वतंत्रता की शताब्दी तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना की गई है। यह विजन आर्थिक विकास को बढ़ावा देने, कनेक्टिविटी में सुधार करने, लॉजिस्टिक्स की दक्षता को सुदृढ़ करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में अवसरों तक पहुंच को सुगम बनाने पर जोर देता है। केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने पुलों और सुरंगों सहित विश्व स्तरीय, सुरक्षित, कुशल, टिकाऊ और प्रौद्योगिकी-संचालित सड़क बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया है जो भारत की आर्थिक वृद्धि का समर्थन करता है और इसके नागरिकों के जीवन की सुविधा और गुणवत्ता को बेहतर बनाता है।

संपूर्ण सरकार की मंजूरी के तहत, रेल मंत्रालय और विद्युत मंत्रालय ने भी इस बैठक में सक्रिय रूप से भाग लिया।
भारतीय और जापानी तकनीकी संस्थानों तथा उद्योग जगत के विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने तकनीकी प्रस्तुतियों एवं संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्रों के दौरान अपने ज्ञान और अनुभवों को भी साझा किया। इन चर्चाओं से सड़क अवसंरचना की गुणवत्ता, कार्यक्षमता और प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए नवीन तकनीकों और टिकाऊ तौर-तरीकों को अपनाने के संबंध में विचारों के आदान-प्रदान का अवसर मिला।
इस बैठक में प्रौद्योगिकीय नवाचार, सतत निर्माण कार्यप्रणालियों और तकनीकी विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के माध्यम से सड़क एवं परिवहन अवसंरचना को आगे बढ़ाने में भारत-जापान सहयोग के महत्त्व को दोहराया गया।
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