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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत ‘द आर्ट ऑफ लिविंग’ के साथ समझौता ज्ञापन की अवधि बढ़ाई


केन्द्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार की उपस्थिति में नई दिल्ली में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए

मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता, रोकथाम और सामुदायिक एकजुटता को मजबूत करने हेतु नवीनीकृत साझेदारी

भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत सामाजिक न्याय एवं  अधिकारिता विभाग ने आज ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ (एनएमबीए) के तहत गैर-लाभकारी, आध्यात्मिक, शैक्षिक एवं मानवीय संगठन ‘द आर्ट ऑफ लिविंग’ के साथ अपने समझौता ज्ञापन (एमओयू) की अवधि बढ़ा दी। इस एमओयू पर राष्ट्रीय राजधानी में मंत्रालय के कार्यालय में हस्ताक्षर किए गए।

यह हस्ताक्षर समारोह केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव श्री सुधांश पंत, संयुक्त सचिव डॉ. संदीप आर. राठौड़, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और ‘द आर्ट ऑफ लिविंग’ के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित किया गया।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से जहां निदेशक (मादक पदार्थों की रोकथाम) श्री आस्तिक कुमार पांडेय ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए, वहीं ‘द आर्ट ऑफ लिविंग’ की ओर से ट्रस्टी एवं अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता श्री पंकज नरूला ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

‘द आर्ट ऑफ लिविंग’ की राज्य शीर्ष सदस्य श्रीमती शबनम अवस्थी और स्वयंसेवक श्री विनय शर्मा ने गवाह के तौर पर इस समारोह में भाग लिया।

इस नवीनीकृत सहयोग के जरिए, विभाग और ‘द आर्ट ऑफ लिविंग’  मादक पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने हेतु समग्र समाज एवं समग्र सरकार वाले दृष्टिकोण को बढ़ावा देंगे और ‘नशा मुक्त भारत’ के विजन को आगे बढ़ाना जारी रखेंगे।

यह नवीनीकृत साझेदारी ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत विभाग के उन निरंतर प्रयासों  का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य मादक पदार्थों के सेवन के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने, रोकथाम और समुदाय को एकजुट करने के कार्यों में आध्यात्मिक व मूल्यों पर आधारित संगठनों को शामिल करना है।

आध्यात्मिक संगठन अपने व्यापक सामुदायिक नेटवर्क एवं जमीनी स्तर पर उपस्थिति के जरिए मूल्यों पर आधारित जीवन को बढ़ावा देने, व्यक्ति एवं परिवार की कठिनाइयों से उबरने की क्षमता को मजबूत करने, मादक पदार्थों के सेवन से जुड़ी समस्याओं या कलंक को कम करने और प्रभावित लोगों को समय पर समर्थन एवं पुनर्वास संबंधी सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

प्रासंगिक रूप से, मंत्रालय ने 12 आध्यात्मिक संगठनों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें ‘द आर्ट ऑफ लिविंग’, ब्रह्मा कुमारी, संत निरंकारी मिशन, इस्कॉन, श्री राम चंद्र मिशन, अखिल विश्व गायत्री परिवार, शिवानंद योग वेदांत धनवंतरी आश्रम, पतंजलि विश्वविद्यालय, दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान, हरे कृष्ण आंदोलन, आध्यात्मिक विज्ञान सत्संग केन्द्र और चिन्मय मिशन शामिल हैं।

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