केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने नई दिल्ली में मंत्रालय के संवाद सम्मेलन कक्ष में अभिलेख प्रबंधन पर एक व्याख्यान आयोजित किया। यह कार्यक्रम स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और लंबित मामलों को कम करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान 6 का हिस्सा था।
सचिवालय प्रशिक्षण और प्रबंधन संस्थान (आईएसटीएम) के पूर्व संकाय सदस्य श्री पी. के. जायसवाल ने व्याख्यान दिया।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सत्र का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों को व्यवस्थित अभिलेख प्रबंधन, सरकारी दस्तावेजों के उचित रखरखाव और संरक्षण, फाइलों की समय पर समीक्षा तथा अभिलेखों को सुरक्षित रखने और अनुपयोगी अभिलेखों को हटाने की निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
सत्र के दौरान प्रतिभागियों को सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, अभिलेख प्रतिधारण अनुसूची, अभिलेखों के वर्गीकरण तथा उनके रखरखाव और निस्तारण से संबंधित विभागीय निर्देशों की जानकारी दी गई। व्याख्यान में सरकारी दस्तावेजों के प्रभावी प्रबंधन के लिए व्यवस्थित अभिलेख रखरखाव और निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन की आवश्यकता पर बल दिया गया।
अधिकारी ने बताया कि प्रभावी अभिलेख प्रबंधन से कार्यालय में उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग, सरकारी सूचनाओं तक आसान पहुंच और प्रशासनिक दक्षता में सुधार होता है। उन्होंने कहा कि कागजी और इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों का प्रभावी प्रबंधन सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के साथ-साथ समय पर निर्णय लेने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यह व्याख्यान विशेष अभियान 6 के अंतर्गत विभाग की पहलों का हिस्सा है। इनका उद्देश्य कार्यालय परिसरों में स्वच्छता को बढ़ावा देना, अभिलेख कक्षों को व्यवस्थित करना, लंबित मामलों को कम करना और कार्यालय प्रबंधन की प्रभावी कार्यप्रणाली को संस्थागत रूप देना है।
इन पहलों के माध्यम से सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग विशेष अभियान 6 के उद्देश्यों के अनुरूप प्रशासनिक दक्षता को मजबूत करने के साथ-साथ स्वच्छ, सुव्यवस्थित और उत्तरदायी कार्य वातावरण को बढ़ावा दे रहा है।
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