शिविर के माध्यम से सफाईमित्रों के योगदान को मान्यता देते हुए उन्हें सम्मानित किया गया तथा स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण संबंधी उपायों तक उनकी पहुँच को सुगम बनाया गया
नमस्ते योजना पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन; स्वच्छता और नशा मुक्त भारत अभियान(एनएमबीए) के संकल्प लिए गए
‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ विषय पर आधारित स्वच्छता ही सेवा(एसएचएस) 2026 अभियान के तहत सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने आज यहां राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रीय स्तर के ‘सफाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर’ का आयोजन किया।
शिविर का विषय था- ‘सम्मान सफाईमित्रों का, संकल्प स्वच्छ भारत का’। राष्ट्रीय स्तर के इस कार्यक्रम का आयोजन हाइब्रिड माध्यम से किया गया, जिसमें देशभर के शहरी स्थानीय निकायों(यूएलबी), ग्रामीण स्थानीय निकायों(आरएलबी) और संबंधित विभागों ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।
इस कार्यक्रम में दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता; केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री माननीय डॉ. वीरेंद्र कुमार; केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री माननीय श्री बी. एल. वर्मा; दिल्ली नगर निगम(एमसीडी) के महापौर श्री प्रवेश वाही; दिल्ली नगर निगम(एमसीडी) आयुक्त श्री संजीव खिरवार; सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. संदीप आर. राठौड़; राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम(एनएसकेएफडीसी) के प्रबंध निदेशक श्री प्रभात कुमार सिंह सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और दिल्ली नगर निगम(एमसीडी के अधिकारियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।

डॉ. एस.पी.एम. सिविक सेंटर स्थित केदारनाथ साहनी सभागार में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य सफाईमित्रों और स्वच्छता कर्मियों के योगदान को मान्यता देना और उन्हें सम्मानित करना तथा स्वास्थ्य देखभाल, सुरक्षा, कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा संबंधी उपायों तक उनकी पहुँच को सुगम बनाना था। इस शिविर ने स्वच्छता कर्मियों और उनके परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं के संबंध में जानकारी और सहायता प्राप्त करने के लिए एकल-खिड़की मंच उपलब्ध कराया। साथ ही, जनस्वास्थ्य, स्वच्छता और समुदायों के कल्याण में उनके योगदान के महत्व के बारे में भी बात कहा गया।
उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने जोर देकर कहा कि सफाई कर्मियों को उपयुक्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं और उनके योगदान को गरिमा एवं सम्मान के साथ मान्यता दी जानी चाहिए। उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के लिए दिल्ली सरकार द्वारा की गई विभिन्न पहलों पर प्रकाश डाला, जिनमें महिलाओं को निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा प्रदान करने वाली पिंक कार्ड सुविधा, लखपति बिटिया योजना, विभिन्न स्वास्थ्य जांचों के लिए 450 आरोग्य मंदिर तथा कामकाजी महिलाओं के बच्चों के लिए 611 पालना केंद्र शामिल हैं।

श्रीमती रेखा गुप्ता ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता बनाए रखना केवल सफाई मित्रों और सफाई कर्मियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हरेक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि सफाई कर्मियों को उनके सभी अधिकार एवं हक समय पर प्राप्त हों तथा इस बात पर विशेष बल दिया कि महिला सफाई कर्मियों की सुरक्षा और सम्मान पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे उपायों के बारे में भी बताया, जिनमें हाल ही में 1,000-कचरा उठाने वाली मशीनों और 100-सफाई मशीनों की मंजूरी भी शामिल है। इस कार्य का उद्देश्य हाथ से किए जाने वाले सफाई गतिविधियों से जुड़े जोखिमों को कम करना है। उन्होंने आगे बताते हुए कहा कि मौजूदा ₹5 लाख के आयुष्मान भारत कवरेज के ऊपर ₹5 लाख का अतिरिक्त(टॉप-अप) स्वास्थ्य कवरेज मिलने से लाभार्थियों को मिलने वाला कुल स्वास्थ्य कवरेज बढ़कर ₹10 लाख हो जाएगा।

केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री, माननीय डॉ. वीरेंद्र कुमार ने नमस्ते योजना के तहत सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों तथा कचरा बीनने वालों को सहायता और कल्याणकारी उपाय उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सफाई कर्मियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने आवश्यक हैं।

डॉ. वीरेंद्र कुमार ने आगे बताते हुए कहा कि नमस्ते योजना सिर्फ कल्याणकारी सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सफाई कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान तथा दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक समावेशन पर भी ध्यान केंद्रित करना है। उन्होंने सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों तथा कचरा बीनने वालों तक योजना के लाभों के बारे में विस्तार से बताया और इस बात पर बल दिया कि पात्र कर्मियों को स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा तथा सुरक्षा से संबंधित उपायों से जोड़ा जाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि सफाई कर्मियों को गरिमापूर्ण जीवन जीने में सक्षम बनाया जाना चाहिए और उन्हें समाज की मुख्यधारा का अभिन्न अंग बनाया जाना चाहिए।

केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री, माननीय श्री बी. एल. वर्मा ने वर्ष 2014 से स्वच्छता और सफाई कर्मियों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा निरंतर किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि नमस्ते योजना का दायरा बढ़ाकर मल-कीचड़ उपचार संयंत्रों(एफएसटीपी) और सीवेज उपचार संयंत्रों(एसटीपी) से जुड़े कर्मियों को भी इसमें शामिल किया गया है। साथ ही, इन कर्मियों को आयुष्मान कार्ड और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण(पीपीई) किट जैसी सुविधाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है।

श्री बी. एल. वर्मा ने जोर देकर कहा कि कल्याणकारी लाभों तक पहुंच के साथ-साथ निर्धारित सुरक्षा दिशानिर्देशों और प्रोटोकॉल का पालन भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने स्वच्छता कर्मियों के प्रति नागरिकों की भागीदारी और जिम्मेदाराना व्यवहार के महत्व के बारे में भी बताया तथा इस बात को दोहराया कि स्वच्छता बनाए रखना और स्वच्छता कार्य में लगे व्यक्तियों की का सम्मान सुनिश्चित करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।

दिल्ली नगर निगम(एमसीडी) के महापौर, श्री प्रवेश वाही ने सफाई कर्मियों के अधिकारों और कल्याण की सुरक्षा के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एमसीडी में 3,000 से अधिक सफाई मित्रों को औपचारिक रूप से शामिल किया गया है और इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया है कि सफाई कर्मियों को अपने कर्तव्यों का सुरक्षित रूप से निर्वहन करने में सक्षम बनाने के लिए पीपीई किट सहित उपयुक्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।

दिल्ली नगर निगम(एमसीडी) के आयुक्त, श्री संजीव खिरवार ने स्वच्छता कार्य को मजबूत करने और सफाई कर्मियों के लिए सहायता व्यवस्था में सुधार लाने की दिशा में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय तथा एमसीडी द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सफाई कर्मियों के लिए कल्याणकारी और सहायता संबंधी उपायों को सुगम बनाने में एनएसकेएफडीसी के योगदान की भी सराहना की।

इस शिविर ने सफाई कर्मियों और उनके आश्रितों को विभिन्न स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा सेवाओं का लाभ प्राप्त करने का अवसर भी प्रदान किया। सफाई मित्रों और उनके आश्रितों के लिए निवारक स्वास्थ्य जांच एवं स्क्रीनिंग सेवाओं की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जबकि पीपीई किट और अन्य सुरक्षा उपकरणों का वितरण एवं प्रदर्शन किया गया। पात्र सफाई कर्मियों और उनके परिवारों को केन्द्र एवं राज्य सरकार की कल्याणकारी तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायता प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान पात्रता के आधार पर आयुष्मान भारत/पीएम-जेएवाई, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, स्वच्छता उद्यमी योजना और प्रधानमंत्री जन-धन योजना जैसी विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं के संबंध में जानकारी और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा, विभिन्न कल्याणकारी एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए पात्रता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया और पंजीकरण प्रक्रिया से संबंधित मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।

देशभर में शहरी स्थानीय निकायों द्वारा समानांतर कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का लाइव वेबकास्ट किया गया तथा सफाई कर्मियों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। पात्र सफाई मित्रों, सफाई कर्मियों और कचरा बीनने वालों को पीपीई किट, आयुष्मान कार्ड तथा अन्य कल्याणकारी एवं सामाजिक सुरक्षा उपायों सहित संबंधित लाभों और सेवाओं तक पहुंच प्राप्त करने में सहायता प्रदान की गई।

सभा में उपस्थित सभी लोगों ने स्वच्छता शपथ भी ली, जिसमें स्वच्छता, साफ-सफाई और जिम्मेदार नागरिक भागीदारी के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को दोहराया गया। इस शपथ ने “स्वच्छता में सहभाग” की भावना को मजबूत किया और नागरिकों को स्वच्छ एवं स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
इसके अलावा, ‘नशा मुक्त भारत अभियान‘ की शपथ भी दिलाई गई, जिसमें शामिल सभा लोगों ने नशा मुक्त समाज—नशा मुक्त भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।


इस अवसर पर नमस्ते योजना पर आधारित एक फिल्म का प्रदर्शन किया गया।

इस अवसर पर सफाई मित्रों के बीच 5 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य देखभाल कवरेज वाले आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए।


सफाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर ने स्वच्छता ही सेवा अभियान के केंद्र में सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को रखने के सरकार के संकल्प को दोहराया। कार्यक्रम में देशभर में सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता और समुदायों के जीवन की गुणवत्ता में सफाई मित्रों एवं सफाई कर्मियों के महत्वपूर्ण योगदान के बारे में जानकारी दी गई।
इस अवसर पर विशेषज्ञों ने पीपीई किट और अन्य सुरक्षा उपकरण पहनकर सुरक्षा ड्रिल का प्रदर्शन किया।


इस देशव्यापी आयोजन ने सफाई मित्रों और सफाई कर्मियों के महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता देने और उसकी सराहना करने तथा उनकी सुरक्षा, सम्मान, कल्याण और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में सामूहिक प्रयासों को मजबूत करने का एक अवसर प्रदान किया। इसने इस संदेश को और मज़बूत किया कि ‘स्वच्छ भारत’ और ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है, जब स्वच्छता और सफाई के काम में योगदान देने वाले हरेक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी हो, उन्हें सुरक्षा मिले और उन्हें उचित सम्मान दिया जाए।
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