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रेलवे ने ऋण सेवा को स्थिर रखा है; लगातार मूलधन पुनर्भुगतान और पट्टे शुल्क ब्याज हिस्‍सेदारी में कमी पिछले पांच वर्षों के वित्तीय अनुशासन को दर्शाता है


बुनियादी अवसंरचना और रोलिंग स्टॉक में सकल बजटीय समर्थन से अतिरिक्त बजटीय संसाधनों पर निर्भरता में कमी

भारतीय रेलवे वित्त निगम (आईआरएफसी) भारतीय रेलवे (आईआर) की समर्पित बाजार ऋण लेने वाली समर्पित संगठन है। इसका प्राथमिक व्यवसाय रोलिंग स्टॉक परिसंपत्तियों, रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं का वित्तपोषण और उन्हें रेलवे को पट्टे पर देना है। इसके अलावा, आईआरएफसी के पास अन्य संस्थाओं को ऋण देने का अधिकार है, जिनके पास रेलवे के लिए विद्युत उत्पादन और पारेषण, खनन, र्इंधन, कोयला, वेयरहाउसिंग, दूरसंचार, होटल और खानपान सेवा आदि फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज हैं।

सरकार ने हाल के वर्षों के दौरान सकल बजटीय सहायता से रेलवे को पर्याप्त सहायता प्रदान की है, जिसका उपयोग अवसंरचना परियोजनाओं और चल स्टॉक के लिए किया गया है। इन्‍हें पहले अतिरिक्त बजटीय संसाधनों के माध्यम से वित्तपोषित किया जाता था।

भारतीय रेल द्वारा पिछले 5 वर्षों के दौरान आईआरएफसी और वित्त मंत्रालय को पट्टे शुल्क के मूलधन पुनर्भुगतान और ब्याज के भुगतान का विवरण इस प्रकार है:

(करोड़ रुपये में)

वित्त वर्षमूलधन पुनर्भुगतानब्याज भुगतानकुल
2021-2214,19214,51028,702
2022-2316,92217,26734,189
2023-2420,08417,94638,030
2024-2523,93821,63045,568
2025-2624,85321,68546,538

कोविड महामारी के बावजूद पिछले कुछ वर्षों में ऋण सेवा स्थिर रखी गई है।

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