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रक्षा सचिव ने आर्मेनिया की दो दिवसीय यात्रा पूरी की

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 17-18 अगस्त, 2026 को आर्मेनिया की आधिकारिक यात्रा की। इस दौरान उन्होंने आर्मेनिया के उप रक्षा मंत्री श्री कारेन ब्रुट्यान और प्रथम उप रक्षा मंत्री एवं जनरल स्टाफ के प्रमुख श्री एडवर्ड अस्र्यान के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने तथा आपसी हित के विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

बातचीत के दौरान रक्षा और सैन्य-तकनीकी सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा हुई। इसमें क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण, सैन्य-तकनीकी सहयोग तथा रक्षा अनुसंधान एवं विकास पर विशेष जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने भारतीय और अर्मेनियाई सशस्त्र बलों के बीच ‘संयुक्त सेवा स्टाफ वार्ता’ को संस्थागत रूप देने के लिए ‘कार्य-शर्तों’ का भी आदान-प्रदान किया।

रक्षा सचिव ने आर्मेनिया के उच्च-प्रौद्योगिकी उद्योग मंत्री श्री डेविड ट्रेडवोस्यन से मुलाकात की और रक्षा अनुसंधान एवं विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया। यात्रा के दौरान, संयुक्त सहयोग, नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों के रक्षा मंत्रालयों के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने आर्मेनिया के रक्षा मंत्री श्री सुरेन पापिक्यान से भी मुलाकात की। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भारत और आर्मेनिया के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, सैन्य-तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के नए तरीकों और आपसी हित के विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

अपनी यात्रा के दौरान रक्षा सचिव ने वाज़गेन सरगस्यान के नाम पर स्थापित अर्मेनियाई सैन्य अकादमी का दौरा किया। उन्होंने अकादमी के प्रमुख और संकाय सदस्यों से मुलाकात कर विभिन्न विषयों पर चर्चा की। भारत की सहायता से स्थापित अकादमी की सूचना प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला के दौरे के दौरान उन्होंने भारत और आर्मेनिया के बीच रक्षा सहयोग में क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।

रक्षा सचिव ने येरेवन में आर्मेनिया के उप-विदेश मंत्री श्री म्नात्साकन सफार्यान के साथ सार्थक बैठक की। बातचीत में भारत और आर्मेनिया के बीच लगातार मजबूत होती रक्षा साझेदारी पर विशेष रूप से चर्चा हुई। आर्मेनिया द्वारा अपनी रक्षा खरीद के स्रोतों में विविधता लाने के प्रयासों के बीच, भारत सैन्य-तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में एक प्रमुख साझेदार के रूप में उभरा है। दोनों देशों ने बहुपक्षवाद और रणनीतिक स्वायत्तता से जुड़े मुद्दों पर समान विचार साझा किए और इन क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

इस दौरे से द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भारत और आर्मेनिया के विचारों में बढ़ती समानता का विस्तार हुआ। साथ ही, दोनों पक्षों ने अपनी पहले से ही सशक्त द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को और आगे ले जाने के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को भी दोहराया।

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