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पूर्वोत्तर क्षेत्र में बदलाव के लिए पहल

एक्ट ईस्ट नीति के अन्तर्गत पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) को दक्षिण पूर्व एशिया के साथ भारत की सहभागिता के केंद्र में रखा गया है। एक्ट ईस्ट नीति का प्रमुख उद्देश्य  सीमा पार संपर्क अवसंरचना का विकास है। भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग और बहु-माध्यम पारगमन परिवहन परियोजना इस नीति की प्रमुख परियोजनाएं हैं।

एक्ट ईस्ट नीति के अंतर्गत एकीकृत जांच चौकियों (आईसीपी) और सीमा हाटों के विकास के माध्यम से पूर्वोत्तर और दक्षिण पूर्व एशिया के बीच व्यापार संबंधों को भी मजबूत किया है।

कलादान बहु-माध्यम पारगमन परिवहन परियोजना में जलमार्ग और सड़क घटक शामिल हैं।

  • जलमार्ग घटक पूरा हो चुका है और मई 2023 में इसका उद्घाटन किया गया है।
  • सड़क घटक में पलेटवा (म्यांमार) से ज़ोरिनपुई, मिजोरम तक दो लेन का राजमार्ग (109 किमी) शामिल है।

भारत-म्यांमार-थाईलैंड (आईएमटी)  त्रिपक्षीय राजमार्ग के दो भाग हैं:

  • तामू-कलेवा राजमार्ग में सड़क निर्माण पूरा हो गया है और 2009 में म्यांमार सरकार को सौंप दिया गया है।
  • कालेवा-यार्गी राजमार्ग के 112 से 60 किलोमीटर खंड का निर्माण पूरा कर अक्टूबर 2025 में म्यांमार सरकार को सौंप दिया गया।

पूर्वोत्तर आर्थिक गलियारे (एनईईसी) पर 2025 में एक उच्च-स्तरीय कार्यबल (एचएलटीएफ) का गठन किया गया था। इसका उद्देश्य एनईआर में वर्त्तमान आर्थिक, बुनियादी ढांचे और निवेश इकोसिस्टम का आकलन करना था; भौतिक संपर्क, व्यापार सुविधा और क्षेत्रीय निवेश में महत्वपूर्ण अंतराल की पहचान करना; और एनईईसी परियोजनाओं में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के निवेश को आकर्षित करने के लिए रणनीतियां तैयार करना। इस कार्यबल की रिपोर्ट जून 2026 में पूर्वोत्तर परिषद के 73वें पूर्ण अधिवेशन में प्रस्तुत की गई।

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (एम-डोनर) ने एनईआर में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए मई 2025 में राइजिंग नॉर्थईस्ट इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया। निवेश आकर्षित करने के लिए जिन प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की गई, उनमें पर्यटन और आतिथ्य, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, हथकरघा और हस्तशिल्प, स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास, सूचना प्रौद्योगिकी/आईटीईएस, मनोरंजन और खेल, अवसंरचना और लॉजिस्टिक्स तथा ऊर्जा क्षेत्र शामिल हैं। इस सम्मेलन और इसके पूर्व आयोजित रोड शो के माध्यम से निजी निवेशकों, सार्वजनिक उपक्रमों और प्रमुख औद्योगिक समूहों से समझौता ज्ञापनों (एमओयू), आशय पत्रों और अन्य निवेश प्रस्तावों के जरिए लगभग 4 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपये के निवेश में रुचि प्राप्त हुई।

पूर्वोत्तर विकास वित्त निगम लिमिटेड (एनईडीएफआई) औद्योगिक, बुनियादी ढांचे, कृषि-संबद्ध परियोजनाओं, सरकारी योजनाओं और संस्थागत सहायता के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करके सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र को मजबूत करने और पूर्वोत्तर क्षेत्र में उद्यमिता विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एनईडीएफआई नॉर्थ ईस्ट वेंचर फंड के माध्यम से एनईआर के स्टार्टअप इकोसिस्टम का भी समर्थन करता है।

यह जानकारी पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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