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पिछले एक वर्ष में सार्वजनिक प्रसारकों की सम्‍पादकीय स्वायत्तता या कार्यप्रणाली के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है

सरकार ने प्रसार भारती के प्रसारण अवसंरचना के विकास, आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए वर्ष 2021-26 के लिए प्रसारण अवसंरचना एवं नेटवर्क विकास (बीआईएनडी) केंद्रीय क्षेत्र योजना को मंजूरी दी है। इस योजना को 31.3.2027 तक बढ़ा दिया गया है। बजट में आवंटित धनराशि, वास्तविक व्यय और राजस्व सृजन की जानकारी प्रसार भारती की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

मुख्य सम्‍पादक और वरिष्ठ सम्‍पादकीय टीम द्वारा सम्‍पादकीय मामलों की नियमित रूप से समीक्षा की जाती है। आवश्यकता पड़ने पर, प्रसार भारती की सम्‍पादकीय नीतियों और कार्यक्रम संहिता का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए समाचारों की गुणवत्ता, सटीकता, संतुलन और प्रस्तुति में सुधार के लिए मार्गदर्शन और सुधारात्मक उपाय किए जाते हैं। सम्‍पादकीय सामग्री से संबंधित शिकायतों सहित दर्शकों की शिकायतों या प्रतिक्रियाओं को नियमानुसार उचित कार्रवाई के लिए संबंधित सम्‍पादकीय दल को भेजा जाता है।

पिछले एक वर्ष में, सार्वजनिक प्रसारकों की स्वायत्तता, नियुक्तियों या सम्‍पादकीय कार्यप्रणाली के संबंध में पत्रकारों, कर्मचारियों या मीडिया निकायों से कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि, आवेदकों से नियुक्ति संबंधी 7 शिकायतें प्राप्त हुई हैं।

आकाशवाणी देश की लगभग 98 प्रतिशत आबादी और क्षेत्रफल के हिसाब से लगभग 90 प्रतिशत हिस्से को कवर करता है। डीडी फ्री डिश पूरे देश में बिना किसी सब्सक्रिप्शन शुल्क के उपलब्ध है। प्रसार भारती नियमित सम्‍पादकीय प्रक्रिया के तहत दर्शकों के आंकड़े, श्रोताओं की प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया विश्लेषण की समीक्षा करता है और इन जानकारियों का उपयोग समाचारों की गुणवत्ता, विषयवस्तु और प्रस्तुति में निरंतर सुधार करने के लिए करता है।

सूचना एवं प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने आज लोकसभा में अधिवक्ता प्रिया सरोज और श्री पुष्पेंद्र सरोज द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी प्रदान की।

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