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पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग 1 से 30 नवंबर, 2026 तक ‘राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) अभियान-5’ आयोजित कर रहा है

देश भर के 2000 जिलों/शहरों में शिविर लगाए जाएंगे; यह अब तक का सबसे बड़ा डीएलसी अभियान है

चेहरे की पहचान (फेस ऑथेंटिकेशन) तकनीक का उपयोग कर पेंशनभोगियों के डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जाएगा

2.30 करोड़ डीएलसी (जिसमें 1.50 करोड़ फेस ऑथेंटिकेटेड डीएलसी शामिल हैं) के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूर्ण कवरेज मॉडल (‘सैचुरेशन मॉडल’) अपनाया गया है

एक महीने तक चलने वाले इस अभियान में 19 बैंक, 785 जिला डाकघर, 56 कल्याण संघ, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और यूआईडीएआई की टीमें, सीजीडीए, रेलवे, डीओटी, ईपीएफओ ​​एवं राज्य सरकारें मिलकर काम करेंगी

पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग 1 से 30 नवंबर, 2026 तक पूरे भारत के 2000 शहरों/जिलों में 5वां राष्ट्रव्यापी ‘डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट’ (डीएलसी) अभियान चलाएगा। विभाग ने 13 अगस्त, 2026 के एक आधिकारिक ज्ञापन (ओएम) के जरिए इसके दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। यह अब तक का सबसे बड़ा डीएलसी अभियान है।

इस अभियान का उद्देश्य देश के सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनभोगियों तक पहुंचना है। इसके लिए पेंशन वितरण करने वाले बैंकों, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, पेंशनभोगी कल्याण संघों, सीजीडीए, डीओटी, रेलवे, ईपीएफओ, राज्य सरकारों, यूआईडीएआई तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ मिलकर संपूर्ण सरकार के दृष्टिकोण को अपनाया जाएगा।

इस अभियान में मुख्य रूप से चेहरे से पहचान करने वाली तकनीक (‘फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी’) को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा यूआईडीएआई तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे। डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के लिए ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ एक बहुत ही आसान और तेज़ तरीका है। इसे एंड्रॉइड और आईओएस दोनों पर इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे बुजुर्ग पेंशनभोगियों को काफी सुविधा होगी।

दूरदर्शन,ऑल इंडिया रेडियो और पत्र सूचना कार्यालय की टीमें इस अभियान के प्रचार-प्रसार (ऑडियो, विज़ुअल और प्रिंट) में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं। अभियान के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एसएमएस, ट्वीट (#डीएलसीसी कैंपेन5), जिंगल और लघु फिल्मों का भी सहारा लिया जाएगा।

यह अभियान एक ‘उत्सव’ की तरह मनाया जाएगा, जिसमें पेंशनभोगियों के लिए स्वास्थ्य जांच और आधार अपडेट जैसी कई सेवाएं उपलब्ध होंगी। जहां जरूरत होगी, वहां पेंशनभोगियों को उनके घर पर ही सेवाएं दी जाएंगी। डीएलसी से जुड़ी शिकायतों को सुलझाने के लिए ‘शिकायत निवारण अधिकारी’ तैनात रहेंगे जो तुरंत समाधान करने पर ध्यान देंगे।

पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस अभियान की निगरानी करेंगे और चिन्हित राज्यों में जाकर ज़मीनी स्तर पर समीक्षा करेंगे। जिन इलाकों में पेंशनभोगियों की संख्या अधिक है वहां संबंधित संस्थाओं द्वारा ‘मेगा कैंप’ लगाए जाएंगे, जिनमें पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।

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