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नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम

भारत का पहला 82.15 किलोमीटर लंबा नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर, यानी दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर (जिसमें उसी इंफ्रास्ट्रक्चर पर 23 किलोमीटर का मेरठ मेट्रो नेटवर्क भी शामिल है), फरवरी 2026 से पूरी तरह शुरू हो गया है।

नमो भारत आरआरटीएस की कार्यान्वयन एजेंसी, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम लिमिटेड (एससीआरटीसी) ने सूचित किया है कि संचालन शुरू होने से लेकर अब तक 3.8 करोड़ से अधिक यात्री नमो भारत सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं, जिसमें समयबद्धता का स्तर 99 प्रतिशत से अधिक रहा है। इसके अलावा, दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर पर दिल्ली विकास प्राधिकरण के एकीकृत यातायात एवं परिवहन बुनियादी ढांचा (योजना एवं इंजीनियरिंग) केंद्र (यूटीटीआईपीईसी) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप, 03 मेट्रो लाइनों, 02 रेलवे स्टेशनों और 04 बस टर्मिनलों के साथ प्रभावी मल्टी-मॉडल एकीकरण स्थापित किया गया है।

चरण-I में, तीन नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर को प्राथमिकता दी गई है, जिनके नाम हैं – (i) दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ, (ii) दिल्ली-गुरुग्राम-अलवर और (iii) दिल्ली-पानीपत। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर फरवरी 2026 से पूरी तरह शुरू हो चुका है। इसके अलावा, एनसीआरटीसी ने दिल्ली से करनाल, दिल्ली से बावल, बावल से बहरोड़ और गाजियाबाद से नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे तक के नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट सौंप दी हैं। नमो भारत आरआरटीएस परियोजनाएं अत्यधिक लागत वाली प्रस्तावनाएं हैं, इसलिए केंद्र सरकार में विभिन्न स्तरों पर इनका गहन परीक्षण किया जाता है। ऐसे परीक्षण के बाद ही, केंद्र सरकार प्रस्ताव की व्यवहार्यता और संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर आरआरटीएस परियोजनाओं को वित्तीय सहायता देने पर विचार करती है।

एनसीआरटीसी ने सूचित किया है कि उसने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर में कई विशिष्ट कदम उठाए हैं, जैसे, (i) दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ के टीओडी क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है और गाजियाबाद तथा मेरठ के मास्टर प्लान में टीओडी के लिए विशेष क्षेत्रों के साथ अधिसूचित किया गया है, (ii) दिल्ली टीओडी नीति, 2021 के तहत, एनसीआरटीसी ने जंगपुरा और सराय काले खां में टीओडी नोड्स के लिए इन्फ्लुएंस जोन प्लान (आईजेडपी) तैयार किया है। इसके अलावा, दिल्ली टीओडी नीति, 2026 के प्रावधानों के अनुसार, किसी भी नए आरआरटीएस कॉरिडोर को दिल्ली में स्वचालित रूप से टीओडी के तहत माना जाएगा। एनसीआरटीसी ने आगे सूचित किया है कि हरित ऊर्जा के उपयोग के लिए 7.8 MWp की कुल रूफटॉप सोलर क्षमता सफलतापूर्वक स्थापित की गई है। किराया संरचना के संबंध में, एनसीआरटीसी ने सूचित किया है कि सभी यात्रियों को मूल किराए पर 35 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, एनसीआरटीसी ने लॉयल्टी पॉइंट्स का कॉन्सेप्ट भी शुरू किया है, जो यात्रियों द्वारा आरआरटीएस नेटवर्क पर यात्रा करके अर्जित किए जाते हैं, जिसका उपयोग छूट प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

यह जानकारी आज लोकसभा में आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने एक लिखित उत्तर में दी।

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