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महाराष्ट्र में बंदरगाहों का विकास और आधुनिकीकरण

भारत में विशेष रूप से पश्चिमी तट पर मालवाहक और कंटेनर यातायात में अनुमानित वृद्धि को देखते हुए सरकार ने गहरे पानी के बंदरगाह की आवश्यकता का आकलन किया है। पालघर जिले में हर मौसम के अनुकूल, नए सिरे से निर्मित गहरे पानी के बंदरगाह के रूप में वधावन बंदरगाह का विकास किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 19 जून 2024 को 76,220 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत पर इस परियोजना को स्वीकृति दी थी। निर्माण पूरा होने पर बंदरगाह की कुल माल ढुलाई क्षमता 298 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष होने की उम्मीद है।

वधावन बंदरगाह से महाराष्ट्र में समुद्री अवसंरचना, व्यापार प्रतिस्पर्धा, परिवहन और आपूर्ति संबंधी दक्षता, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। वधावन बंदरगाह के विकास के लिए शुरू की गई आधुनिकीकरण और संपर्क संबंधी परियोजनाओं का विवरण अनुलग्नकमें दिया गया है। महाराष्ट्र राज्य में आधुनिकीकरण और बंदरगाह संपर्क के लिए शुरू की गई अन्य परियोजनाओं का विवरण अनुलग्नकII में दिया गया है।

अनुलग्नक-I

वधावन बंदरगाह के विकास के लिए शुरू की गई आधुनिकीकरण और संपर्क परियोजनाओं का विवरण

क्र.सं.परियोजना/घटकअनुमानित लागतकरोड़ रुपये में
1तटीय क्षेत्र को पुनः उपयोग योग्य बनाना और तट संरक्षण कार्य1648
210.14 किलोमीटर लंबे ब्रेकवाटर का निर्माण5,301.26
3पीपीपी-एचएएम के तहत अपतटीय भूमि सुधार20,647
4एनएचएआई की ओर से समर्पित सड़क संपर्क (32.74 किमी)2,528.76
5पश्चिमी रेलवे की ओर से समर्पित रेल संपर्क (22.22 किमी)1,765
6जल आपूर्ति अवसंरचना328
7विद्युत आपूर्ति अवसंरचना320


अनुलग्नक – II

महाराष्ट्र राज्य में आधुनिकीकरण और बंदरगाह संपर्क के लिए शुरू की गई अन्य परियोजनाओं का विवरण

क्रम संख्यापरियोजनापरियोजना लागतकरोड़ रुपये में
1पीर पाउ ​​में तीसरे रासायनिक बर्थ का निर्माण161
2मैलेट बंडर मछली पकड़ने के बंदरगाह पर नए मछली पकड़ने के घाट का विकास96.60
3इंदिरा डॉक स्थित मुंबई अंतर्राष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल (एमआईसीटी) का आधुनिकीकरण, विकास, संचालन और रखरखाव363.85
4समुद्री तेल टर्मिनल पर एससीएडीए और पीएलसी स्वचालन प्रणाली22.77
5पालघर जिले में खरवाडेश्वरी जेटी तक जाने वाली पहुंच सड़क का निर्माण15.00
6नारंगी जेटी तक जाने वाली सड़क का निर्माण29.41
7मुंबई बंदरगाह के पीर पाउ टर्मिनल पर अग्निशमन सुविधाओं में वृद्धि52.69

सरकार की ओर से महाराष्ट्र के प्रमुख बंदरगाहों के आधुनिकीकरण, मशीनीकरण, क्षमता वृद्धि और संपर्क में सुधार के लिए किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण की कुल क्षमता बढ़कर 175.87 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष और मुंबई बंदरगाह प्राधिकरण की 88.66 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष हो गई है। गैर-प्रमुख बंदरगाहों के संबंध में संबंधित राज्य सरकारों और निजी बंदरगाह संचालकों की ओर से निवेश किया गया है और महाराष्ट्र के अन्य गैर-प्रमुख बंदरगाहों की कुल मिलाकर माल ढुलाई क्षमता 130.75 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष तक पहुंच गई है।

इन पहलों से भारत के आयात-निर्यात व्यापार को मजबूती मिलने, सड़क और रेल संपर्क को बेहतर बनाकर परिवहन और आपूर्ति दक्षता में सुधार होने, तटीय जल परिवहन को बढ़ावा मिलने, विदेशी बंदरगाहों पर निर्भरता कम होने, बंदरगाह आधारित उद्योगों तथा परिवहन और आपूर्ति संबंधी अवसंरचना के विकास में सहायता मिलने और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के पर्याप्त अवसर सृजित होने की उम्मीद है।


केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्यसभा में लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।

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