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कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) भारत के प्रमाणित जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने और वैश्विक बाजार तक पहुंच बढ़ाने के लिए बायोफैच (BIOFACH) इंडिया 2026 का आयोजन कर रहा है


इसमें 200 से अधिक कंपनियां हिस्सा ले रही हैं; एपीईडीए पवेलियन में जैविक विविधता पर प्रकाश डाला गया

35 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों ने भारतीय प्रदर्शकों के साथ खरीदार-विक्रेता बैठकों में भाग लिया

भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) न्यूर्नबर्ग मेसे इंडिया के सहयोग से इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट (आईईएमएल) ग्रेटर नोएडा, दिल्ली-एनसीआर में 6-8 अगस्त 2026 तक बायोफैच इंडिया 2026 का आयोजन कर रहा है। यह प्रदर्शनी जैविक, प्राकृतिक और स्थायी खाद्य क्षेत्रों के भागीदारों को एक साथ लाती है, जो व्यापार, ज्ञान के आदान-प्रदान और बिजनेस नेटवर्किंग के लिए एक व्यापक मंच प्रदान करती है।

इस प्रदर्शनी में 200 से अधिक कंपनियां हिस्सा ले रही हैं, जिनमें एपीईडीए पवेलियन के तहत भाग लेने वाली 60 से ज्यादा कंपनियां भी शामिल हैं। निर्यातकों, महिला उद्यमियों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), किसान उत्पादक कंपनियों (एफपीसी) स्टार्टअप और जैविक उद्यमों का प्रतिनिधित्व करते हुए एपीईडीए पवेलियन अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, तमिलनाडु, उत्तराखंड, महाराष्ट्र और देश भर के अन्य जैविक उत्पादक क्षेत्रों से प्रमाणित जैविक उत्पादों की एक विस्तृत शृंखला को प्रदर्शित करता है। इस प्रदर्शनी में अनाज, दालें, मोटे अनाज (मिलेट्स), मसाले, चाय, कॉफी, ताजे फल और सब्जियां, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, जड़ी-बूटियां, औषधीय पौधे, तिलहन, खाद्य तेल, शहद, कोको उत्पाद, प्राकृतिक सामग्री, जैविक पोषण के अलावा अतिरिक्त स्वास्थ्य देने वाली पोषण  सामग्री (न्यूट्रास्युटिकल्स) और अन्य मूल्य वर्धित खाद्य उत्पाद शामिल हैं, जो भारत की कृषि-जलवायु विविधता और प्रमाणित जैविक उत्पादन में बढ़ती ताकत को दर्शाते हैं।

भारतीय जैविक उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार पहुंच बढ़ाने के लिए एपीईडीए ने ताइवान, दक्षिण कोरिया, जापान, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, मंगोलिया और मिस्र सहित 13 प्रमुख विदेशी बाजारों के 35 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी सुनिश्चित की  है।  प्रमुख आयातकों, वितरकों, थोक विक्रेताओं और खुदरा शृंखलाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए ये खरीदार व्यावसायिक साझेदारी को बढ़ावा देने, नए स्रोत अवसरों का पता लगाने और दीर्घकालिक निर्यात सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारतीय प्रदर्शकों के साथ व्यवस्थित खरीदार-विक्रेता बैठकों (बीएसएम) में भाग ले रहे हैं।

तीन दिवसीय प्रदर्शनी में टेक्निकल कॉन्फ्रेंस, इंटरैक्टिव नॉलेज सेशन, प्रोडक्ट डेमोंस्ट्रेशन और ट्रेंड शोकेस भी शामिल हैं। इनमें जैविक प्रमाणन, पता लगाने की क्षमता (ट्रेसिबिलिटी), व्यापकता, बाजार तक पहुंच, उपभोक्ता प्राथमिकताओं का विकास और वैश्विक जैविक व्यापार में उभरते अवसर जैसे विषयों पर जानकारी दी जाएगी। इन सत्रों में प्रतिभागियों को अंतर्राष्ट्रीय नियामक आवश्यकताओं, गुणवत्ता मानकों और निर्यात बाजार की अपेक्षाओं के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है।

उद्घाटन सत्र में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के सचिव श्री कटिकिथला श्रीनिवास मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। मुख्य अतिथियों में वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री नितिन कुमार यादव और जर्मनी के संघीय गणराज्य के दूतावास में मिशन के उप-प्रमुख श्री जॉर्ज एन्जवीलर शामिल थे। एपीईडीए के अध्यक्ष श्री अभिषेक देव, भारतीय मसाला बोर्ड के सचिव श्री एमएस मणिवन्नन, न्यूर्नबर्ग मेसे इंडिया बोर्ड की अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक सुश्री सोनिया पराशर और आईएफओएएम-ऑर्गेनिक्स इंटरनेशनल के वाइस प्रेसिडेंट श्री मार्को श्लूटर भी उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए श्री कटिकिथला श्रीनिवास ने कहा कि जैविक क्षेत्र किसानों और उद्यमों के लिए अधिक से अधिक बाजार के अवसर पैदा करते हुए भारत के कृषि निर्यात को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि बायोफैच इंडिया जैसे मंच भारत के प्रमाणित जैविक उत्पादों की विविध शृंखला को प्रदर्शित करने, अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों के साथ जुड़ाव को सुविधाजनक बनाने, वैश्विक जैविक बाजारों में भारत की उपस्थिति को मजबूत करने, टिकाऊ खेती के तरीकों को बढ़ावा देने और जैविक मूल्य शृंखला में अधिक मूल्य प्राप्ति का समर्थन करने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं।

वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री नितिन कुमार यादव ने कहा कि भारत का ऑर्गेनिक सेक्टर विविध और तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय बाजारों में महत्वपूर्ण संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि बायोफैच इंडिया भारतीय निर्यातकों और जैविक उद्यमों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने, वैश्विक खरीदारों के साथ जुड़ने और बाजार की उभरती आवश्यकताओं को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। उन्होंने क्वालिटी एश्योरेंस (गुणवत्ता आश्वासन), बाजार तक पहुंच और अंतर्राष्ट्रीय जुड़ाव के माध्यम से देश के जैविक निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताई।

बायोफैच इंडिया 2026 एपीईडीए, न्यूर्नबर्ग मेसे इंडिया  और आईएफओएएम-ऑर्गेनिक्स इंटरनेशनल की एक संयुक्त पहल है। इसका उद्देश्य भारत के जैविक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना, अंतर्राष्ट्रीय बाजार संबंधों का विस्तार करना और भारत के प्रमाणित जैविक उत्पादों की वैश्विक पहचान को बढ़ाते हुए भारतीय जैविक उद्यमों के लिए नए व्यापार के अवसर पैदा करना है।

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