संकलन पंचायती राज मंत्रालय द्वारा सीपीग्राम्स के माध्यम से शिकायतों के प्रभावी निवारण को रेखांकित करता है जिससे नागरिकों का पंचायतों में भरोसा मजबूत होता है
केंद्रीय पंचायती राज तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री, प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने आज नई दिल्ली में “51 कहानियां बदलाव की, पंचायत सुराज की” नामक संकलन जारी किया। इस अवसर पर श्री विवेक भारद्वाज, सचिव पंचायती राज मंत्रालय और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रो. बघेल ने कहा कि यह संकलन पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े सभी हितधारकों के लिए सीखने और प्रेरणा का एक मूल्यवान स्रोत बनेगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि हल की गई हर शिकायत एक उत्तरदायी, सहभागी और नागरिक-केंद्रित शासन को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।
श्री विवेक भारद्वाज ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप, पंचायती राज मंत्रालय ने ‘सीपीग्राम्स’ के माध्यम से जनशिकायतों के समयबद्ध निवारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने आगे कहा कि देश के सुदूर इलाकों की शिकायतों सहित सभी शिकायतों को हल करने के निरंतर प्रयासों ने एक उत्तरदायी एवं नागरिक-अनुकूल शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत किया है और संस्थाओं में जनता के विश्वास को बढ़ावा दिया है। विभिन्न राज्यों के पंचायती राज विभागों के सहयोग से पंचायती राज मंत्रालय द्वारा तैयार किया गया यह संकलन, विकेंद्रीकृत सार्वजनिक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीग्राम्स) पर प्राप्त जनशिकायतों के सफल निवारण के 51 प्रेरक केस स्टडीज को प्रस्तुत करता है। ये कहानियां दर्शाती हैं कि किस प्रकार नागरिकों की समस्याओं का समय पर और प्रभावी समाधान सेवाओं की आपूर्ति में सुधार करता है, जवाबदेही को मजबूत करता है, बुनियादी नागरिक अवसंरचना को बेहतर बनाता है और ज़मीनी स्तर पर लोगों के जीवन में एक प्रत्यक्ष बदलाव लाता है।

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