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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने राष्ट्रीय तटीय मिशन 2.0 के लिए दिशानिर्देश जारी किए।


767 करोड़ रुपये की केंद्रीय क्षेत्र योजना को नौ तटीय राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों में 2030-31 तक लागू किया जाएगा

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय तटीय मिशन (एनसीएम 2.0) के कार्यान्वयन के लिए दिशानिर्देश जारी किए।

767 करोड़ रुपये के स्वीकृत परिव्यय वाली यह केंद्रीय क्षेत्र योजना, देश के नौ तटीय राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों में 2030-31 तक लागू की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य भारत के तटीय क्षेत्रों की मजबूती और स्थिरता को बढ़ाना तथा नीली अर्थव्यवस्था की क्षमता को उजागर करना है। इसे तटीय राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और हितधारकों की सक्रिय भागीदारी और सहयोग के माध्यम से कार्यान्वित किया जाएगा।

दिशा-निर्देशों का शुभारंभ करते हुए श्री यादव ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह मिशन तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जोखिम आकलन, पारिस्थितिकी तंत्र बहाली, प्रदूषण प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण, सतत पर्यटन, स्थानिक योजना, अनुसंधान और क्षमता निर्माण जैसे कार्यों को करेगा। इसके अतिरिक्त, यह एक स्पष्ट और सुव्यवस्थित कार्यान्वयन ढांचे के माध्यम से व्यापार करने में सुगमता को बढ़ावा देगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि भारतीय राष्ट्रीय ध्वज में नीला चक्र भारत की नीली अर्थव्यवस्था की अपार संभावनाओं का प्रतीक है। उनके इस दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, एनसीएम 2.0 देश के तटीय क्षेत्रों के सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में योगदान देगा।

ये दिशानिर्देश एनसीएम 2.0 के प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए एक स्पष्ट और सहायक ढांचा प्रदान करते हैं, जिससे चल रही सरकारी योजनाओं के साथ तालमेल सुनिश्चित होता है। समग्र सरकारी दृष्टिकोण को बढ़ावा देकर, प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करके, संस्थागत जिम्मेदारियों को स्पष्ट करके और निगरानी एवं जवाबदेही को मजबूत करके, ये दिशानिर्देश केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वित कार्यान्वयन को सुगम बनाएंगे।

( एनसीएम 2.0 योजना के दिशानिर्देशों का लिंक: https://moef.gov.in/storage/tender/1790775612.pdf )

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