केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने “ऑपरेशन परिवर्तन” के तहत 5,165 एकड़ में फैली अवैध गांजे की खेती नष्ट की
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के अधिकारियों ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में एक महीने तक चलाए गए बड़े अभियान ‘ऑपरेशन परिवर्तन’ के तहत 5,165 एकड़ (2,070 हेक्टेयर) भूमि पर की जा रही अवैध भांग (गांजा) की खेती को नष्ट किया।
इस अवैध खेती की पहचान जमीनी सर्वेक्षण और ड्रोन तकनीक की सहायता से की गई तथा वन और पुलिस विभागों के सहयोग से इसे नष्ट करने का अभियान चलाया गया। हिमालयी क्षेत्र की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद, CBN की टीमों ने लगभग 3,500 मीटर की अधिकतम ऊंचाई तक उन सभी स्थानों पर अवैध खेती को नष्ट किया, जहां भांग उगाई जा रही थी। अवैध खेती को शीघ्र नष्ट करने के लिए अधिकारियों ने प्रतिदिन पैदल दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचकर अभियान को गति दी।

अभियान के समापन पर केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के अधिकारियों ने मलाणा गांव के निवासियों के साथ जन-संवाद किया। इसका उद्देश्य वैकल्पिक विकास रणनीतियों को बढ़ावा देना था, जिनमें वैकल्पिक फसलों की खेती को प्रोत्साहित करना भी शामिल है। यह एनडीपीएस नीति, 2012 के तहत ब्यूरो के अधिदेश का हिस्सा है।
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अंतर्गत कार्यरत मादक पदार्थों से संबंधित कानूनों को लागू करने और विनियमन करने वाली सर्वोच्च एजेंसी है। यह अवैध भांग और अफीम की खेती की पहचान करने तथा उसे नष्ट करने के लिए जिम्मेदार है। अवैध फसलों को उनके मूल स्रोत पर ही नष्ट करके ब्यूरो मादक पदार्थों की आपूर्ति शृंखला की एक प्रमुख कड़ी को समाप्त करता है।
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो पूरे देश में अवैध खेती को नष्ट करने के ऐसे अभियान जारी रखेगा। ब्यूरो ने अवैध मादक पदार्थों के व्यापार पर अंकुश लगाने तथा भविष्य के लिए नशामुक्त और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
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