एनसीपीसीआर ने वर्ष 2025-26 के दौरान 7,000 से अधिक फाइलों का निस्तारण किया; वर्ष 2026-27 में 10,000 से अधिक फाइलों के निस्तारण का लक्ष्य
बाल यौन शोषण एवं दुर्व्यवहार संबंधी सामग्री (सीएसईएएम) का सक्रिय रूप से पता लगाने के लिए एआई-आधारित उपकरण के विकास में तेजी लाई जाए — श्रीमती अन्नपूर्णा देवी
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री ने शिकायतों को संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और तत्परता के साथ निपटाने का निर्देश दिया
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने 13 अक्टूबर, 2026 को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के कार्यालय का दौरा किया। यह दौरा स्वच्छता अभियान के अंतर्गत किया गया, जिसका कार्यान्वयन चरण 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक चल रहा है। उन्होंने जनपथ स्थित चंद्रलोक भवन में एनसीपीसीआर के कार्यालय का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अभिलेख प्रबंधन की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि सभी भौतिक फाइलों का डिजिटलीकरण किया जाना चाहिए और केवल उन्हीं फाइलों को हार्ड कॉपी के रूप में सुरक्षित रखा जाना चाहिए, जिन्हें संरक्षित करना आवश्यक है। उन्होंने अनुपयोगी अभिलेखों को हटाने की प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल कार्यालय अधिक व्यवस्थित होगा, बल्कि अतिरिक्त स्थान भी उपलब्ध होगा, जिसका उपयोग अन्य उपयोगी कार्यों के लिए किया जा सकेगा।
श्रीमती अन्नपूर्णा देवी को बताया गया कि एनसीपीसीआर ने वर्ष 2025-26 के दौरान 5.3 लाख से अधिक पृष्ठों को स्कैन करके 7,000 से अधिक फाइलों का निस्तारण किया। वर्ष 2026-27 के लिए आयोग ने 8 लाख से अधिक पृष्ठों को स्कैन करने और 10,000 से अधिक फाइलों का निस्तारण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मंत्री ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को कुशल और त्वरित बनाने के लिए 31 दिसंबर, 2026 तक सभी लंबित फाइलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कार्यस्थल पर स्वच्छता और साफ-सफाई बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित किया।

मंत्री ने एनसीपीसीआर के कर्मचारियों से बातचीत की और उनके कार्यक्षेत्र तथा योगदान के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कार्यालय के सामान्य रखरखाव और स्वच्छता की स्थिति पर संतोष व्यक्त किया।
निरीक्षण के बाद श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने एनसीपीसीआर के अध्यक्ष श्री वी. प्रेम चंद और सदस्य सचिव डॉ. संजीव शर्मा के साथ बैठक कर आयोग की विभिन्न पहलों की प्रगति की समीक्षा की। अध्यक्ष ने मंत्री को प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए सोशल मीडिया संबंधी दिशानिर्देश विकसित करने के आयोग के प्रयासों से अवगत कराया।
मंत्री को यह भी बताया गया कि एनसीपीसीआर, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के सहयोग से इंटरनेट पर प्रसारित होने वाली बाल यौन शोषण एवं दुर्व्यवहार संबंधी सामग्री (सीएसईएएम) का सक्रिय रूप से पता लगाने के लिए एक एआई-आधारित उपकरण विकसित कर रहा है। मंत्री ने कहा कि इन दोनों पहलों को शीघ्रता से लागू किया जाना चाहिए, क्योंकि ये अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों को संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और तत्परता के साथ निपटाया जाए। माननीय प्रधानमंत्री के इस कथन का उल्लेख करते हुए कि “एक प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली ही लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति है,” उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ताओं को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी जानी चाहिए।
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