प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन के अनुरूप सहकारिता और डेयरी के माध्यम से पशुपालकों, किसानों और मातृशक्ति की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है
गोपालकों का यह विराट सम्मेलन मध्य प्रदेश में श्वेत क्रांति के लिए शुभ संकेत है
स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय की मांग को विपक्षी पार्टी ने 75 वर्षों तक अनसुना किया, जबकि मोदी जी ने इसे बनाकर गोपालकों को सबसे बड़ा लाभ पहुंचाया
मोहन यादव सरकार ने मध्य प्रदेश में दैनिक दूध संकलन को 12 लाख लीटर से बढ़ाकर 52 लाख लीटर करने का लक्ष्य रखा है
2014-15 में देश का कुल दूध उत्पादन 14 करोड़ 6 लाख टन था, जिसे मोदी जी ने 10 वर्षों में बढ़ाकर 25 करोड़ टन तक पहुंचा दिया
प्रति व्यक्ति दूध उत्पादन 2014-15 के 307 ग्राम से 58% बढ़कर आज 485 ग्राम प्रतिदिन हो गया है और भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बन चुका है
उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र — दूध उत्पादन में शीर्ष पांचों राज्य भाजपा शासित हैं, कांग्रेस के राज्यों में पशुपालकों का कभी भला नहीं हुआ
श्वेत क्रांति 2.0 के तहत 75 हजार नई सहकारी डेयरियां बनेंगी और 46 हजार मौजूदा डेयरियां मजबूत होंगी, इसका सबसे अधिक लाभ मध्य प्रदेश को होगा
गोबर प्रोसेसिंग में तकनीक के इस्तेमाल पर आधारित पांच मॉडल तैयार किए गए हैं, जिनसे आने वाले दिनों में किसानों की आय में बढ़ोत्तरी होगी
सहकारी व्यवस्था से जुड़ने पर पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य मिलने के साथ प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन का लाभ भी मिलेगा: श्री अमित शाह
मध्य प्रदेश में गौवंश और भैंस की नस्ल सुधार के लिए 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने पर सैद्धांतिक सहमति; देसी नस्लों के संवर्धन और आधुनिक प्रजनन तकनीकों को मिलेगा बढ़ावा
डेयरी सहकारिता महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण विकास, किसानों की आर्थिक समृद्धि और कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई का महत्वपूर्ण माध्यम: श्री अमित शाह
नई न्याय संहिताओं का मूल मंत्र ‘न्याय’ है, ‘दंड’ नहीं; पूर्ण क्रियान्वयन के बाद भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली दुनिया की सबसे आधुनिक प्रणालियों में होगी: केंद्रीय गृह मंत्री
मोदी जी के नेतृत्व में बनी नई न्याय संहिताएं FIR से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक तीन वर्षों में न्याय सुनिश्चित करेंगी और पूर्ण क्रियान्वयन
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि विकास, पशुपालकों की आय वृद्धि और महिला सशक्तीकरण का प्रभावी माध्यम बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित दशहरा मैदान में आयोजित गौपालक सम्मेलन को संबोधित किया और नवीन न्याय संहिताओं पर आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा और श्री राजेंद्र शुक्ला, राज्य सरकार के अनेक मंत्री, सांसद, विधायक, सहकारिता क्षेत्र के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में पशुपालक और दुग्ध उत्पादक उपस्थित थे।
कार्यक्रम की शुरुआत में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने नवीन न्याय संहिताओं पर आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और इनके क्रियान्वयन से संबंधित मध्य प्रदेश पुलिस की उपलब्धियों तथा विभिन्न प्रदर्शनी खंडों का अवलोकन किया।
अपने संबोधन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने औपनिवेशिक काल की दंड-केंद्रित आपराधिक न्याय व्यवस्था से आगे बढ़कर नागरिकों को न्याय प्रदान करने वाली नई व्यवस्था की दिशा में ऐतिहासिक परिवर्तन किया है। उन्होंने कहा कि नए कानूनों का मूल उद्देश्य शासन की रक्षा के बजाय भारत के नागरिकों के सम्मान, संपत्ति और शरीर की रक्षा करना है और इनका मूल मंत्र ‘न्याय’ है, ‘दंड’ नहीं। उन्होंने कहा कि पूर्ण क्रियान्वयन के बाद नई व्यवस्था के अंतर्गत एफआईआर दर्ज होने से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक की न्यायिक प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
श्री अमित शाह ने कहा कि नई आपराधिक न्याय प्रणाली में आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी का व्यापक उपयोग किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, ऑनलाइन समन, ऑनलाइन सुनवाई, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और फॉरेंसिक साइंस से जुड़े प्रावधानों सहित अनेक आधुनिक वैज्ञानिक व्यवस्थाओं को इसमें शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, गुमशुदा बच्चों, आतंकवाद और मॉब लिंचिंग जैसे अपराधों से निपटने के लिए भी नए कानूनों में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इनके पूर्ण क्रियान्वयन के बाद भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली दुनिया की सबसे आधुनिक प्रणालियों में शामिल होगी।
सहकारिता क्षेत्र का उल्लेख करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि देश में लंबे समय से स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय की मांग थी और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अलग सहकारिता मंत्रालय की स्थापना कर सहकारिता क्षेत्र को नई ऊर्जा और गति दी। उन्होंने कहा कि इस मंत्रालय की स्थापना का सबसे बड़ा लाभ किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े लोगों तक पहुंच रहा है।
श्री अमित शाह ने कहा कि खुले बाजार में दूध बेचने वाले पशुपालकों को कई बार बिचौलियों के कारण अपने उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पाता, जबकि सहकारी व्यवस्था पशुपालकों को बेहतर मूल्य के साथ-साथ उनके दूध की प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन से उत्पन्न आर्थिक लाभ से भी जोड़ती है। उन्होंने कहा कि दूध से आइसक्रीम, मक्खन, घी, चीज और मावा जैसे मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने के लिए मजबूत प्रोसेसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर आवश्यक है और सरकार इसी दिशा में तेजी से काम कर रही है।
नस्ल सुधार को डेयरी क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार से गौवंश और भैंस की नस्ल सुधार से संबंधित कार्यक्रमों के लिए 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का आग्रह किया था और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसके लिए सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि आधुनिक नस्ल सुधार तकनीकों से पशुओं के स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादकता में सुधार के साथ-साथ भारतीय देसी नस्लों के संवर्धन को भी बढ़ावा मिलेगा। सेक्स-सॉर्टेड सीमन जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से पशुपालकों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।
मध्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के राज्य सरकार के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए श्री अमित शाह ने कहा कि यह एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य है और केंद्र सरकार इसे हासिल करने में राज्य सरकार तथा मध्य प्रदेश के पशुपालकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करेगी।
देश में डेयरी क्षेत्र की प्रगति का उल्लेख करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014-15 में देश का कुल दुग्ध उत्पादन लगभग 14.60 करोड़ टन था, जो अब बढ़कर लगभग 24.80 करोड़ टन हो गया है। उन्होंने कहा कि इसी अवधि में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता लगभग 307 ग्राम प्रतिदिन से लगभग 58 प्रतिशत बढ़कर 485 ग्राम प्रतिदिन हो गई है। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है।
श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत को वर्ष 2047 तक हर क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र बनाने के संकल्प के अनुरूप कृषि, पशुपालन और सहकारिता क्षेत्रों को भी आधुनिक तथा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के डेयरी उत्पादों का निर्यात बढ़कर लगभग ₹4,666 करोड़ तक पहुंच गया है और संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश, अमेरिका, सऊदी अरब तथा भूटान सहित अनेक देशों में भारतीय डेयरी उत्पाद निर्यात किए जा रहे हैं।
श्वेत क्रांति 2.0 का उल्लेख करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि इसके अंतर्गत देशभर में 75 हजार नई सहकारी डेयरियां स्थापित करने और 46 हजार मौजूदा डेयरियों को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में नई सहकारी डेयरियां स्थापित की जाएंगी, जिससे राज्य के पशुपालकों को संगठित बाजार, बेहतर मूल्य, आधुनिक प्रोसेसिंग और सहकारी नेटवर्क का लाभ मिलेगा।
श्री अमित शाह ने कहा कि डेयरी क्षेत्र को नेट जीरो और चक्रीय अर्थव्यवस्था के मॉडल से जोड़ने के लिए भी अनेक कदम उठाए जा रहे हैं। नस्ल सुधार, टीकाकरण, गुणवत्तापूर्ण पशुधन, चारा प्रबंधन, कृत्रिम गर्भाधान और सेक्स-सॉर्टेड सीमन जैसी व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरदार पटेल कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड की स्थापना भी की गई है।
गोबर आधारित अर्थव्यवस्था की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि गोबर का वैज्ञानिक संग्रह, मीथेन उत्सर्जन में कमी, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, पोषक तत्वों का पुनर्चक्रण और ग्रामीण रोजगार सृजन—इन सभी को एकीकृत रूप से आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न मॉडल विकसित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ऐसी व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा जिससे मध्य प्रदेश में गोबर भी पशुपालकों और किसानों के लिए आय का अतिरिक्त स्रोत बन सके।
डेयरी सहकारिता में महिलाओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए श्री अमित शाह ने कहा कि सहकारी डेयरी से बड़ा महिला सशक्तीकरण का माध्यम शायद ही कोई दूसरा हो सकता है। डेयरी के माध्यम से महिलाओं के हाथ में सीधे आय पहुंचती है और इससे महिला सशक्तीकरण के साथ-साथ ग्रामीण विकास, किसानों की आर्थिक प्रगति और परिवार की समृद्धि भी जुड़ती है। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र देश में कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने मध्य प्रदेश को नशीले पदार्थों से मुक्त बनाने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विषय पर मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों के साथ विस्तृत बैठक की जा रही है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश को नारकोटिक्स और नशीले पदार्थों से मुक्त बनाने के लिए विस्तृत और सूक्ष्म कार्ययोजना तैयार कर उसे लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि राज्य के युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।
श्री अमित शाह ने पशुपालकों के हित में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए विभिन्न निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्रियों और राज्य सरकार की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादन और सहकारी डेयरी नेटवर्क को व्यापक स्तर पर बढ़ाने का लक्ष्य कठिन अवश्य है, लेकिन केंद्र सरकार राज्य सरकार और पशुपालकों के साथ मिलकर इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरा सहयोग करेगी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि डेयरी और गौपालन के माध्यम से मध्य प्रदेश समृद्ध हो, प्रदेश का किसान समृद्ध हो और विशेष रूप से मातृशक्ति समृद्ध हो, इसी संकल्प के साथ केंद्र और राज्य सरकार सहकारिता तथा डेयरी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए कार्य कर रही हैं।
इस अवसर पर भोपाल में ‘मोरवन प्रोजेक्ट’ के तहत नगर वन विकसित करने के लिए KRIBHCO और मध्य प्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान श्री अमित शाह ने उज्जैन में ₹255 करोड़ की लागत से स्थापित किए जाने वाले 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का डिजिटल माध्यम से भूमिपूजन किया। इसके साथ ही भोपाल में लगभग ₹16.5 करोड़ की लागत से तैयार 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट तथा ₹12.42 करोड़ की लागत से तैयार अत्याधुनिक राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का लोकार्पण किया गया। शिवपुरी में ₹6.5 करोड़ की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का भी डिजिटल माध्यम से लोकार्पण किया गया। इन परियोजनाओं से मध्य प्रदेश में दुग्ध प्रसंस्करण, गुणवत्ता परीक्षण और डेयरी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को और मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ से जुड़े पशुपालकों को बोनस तथा गौशालाओं को सहायता राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदान की गई। दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को लाभांश वितरित किया गया और पशुपालकों का सम्मान किया गया। महिला पशुपालकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए ‘गौपालक दीदियों’ को भी सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।
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