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हिमाचल प्रदेश में बल्क ड्रग पार्क (विशेष औद्योगिक क्षेत्र) की स्थिति

निर्माणाधीन प्रमुख सामान्य अवसंरचना सुविधाओं में जल आपूर्ति प्रणाली, विद्युत अवसंरचना, शून्य तरल निर्वहन (जेडएलडी) वाला सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र (सीईटीपी), भाप उत्पादन प्रणाली, गोदाम, उत्कृष्टता केंद्र, विलायक रिकवरी प्रणाली, आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाएं शामिल हैं।

(बल्क ड्रग पार्क – एक ऐसा विशेष औद्योगिक क्षेत्र जहां दवाओं में इस्तेमाल होने वाले मुख्य कच्चे माल यानी एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट्स (एपीआई) का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाता है।)

हिमाचल प्रदेश बल्क ड्रग पार्क की भौतिक और वित्तीय प्रगति की वर्तमान स्थिति घटकवार इस प्रकार है:

क्रम संख्यासामान्य अवसंरचना सुविधा केंद्रस्वीकृत लागत (करोड़ रुपये में)व्यय (करोड़ रुपये में)स्थिति
1सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र (सीईटीपी), ठोस अपशिष्ट प्रबंधन49.73निविदा जारी कर दी गई है।
2भस्मक की लागत18.00निविदा तैयार की जा रही है
3संग्रहण और लैंडफिल स्थल की लागत37.00निविदा तैयार की जा रही है
4तूफानी जल निकासी नेटवर्क86.719.6812 प्रतिशत कार्य पूर्ण हुआ
5सामान्य विलायक भंडारण प्रणाली, विलायक रिकवरी और आसवन30.00निविदा तैयार की जा रही है
6सामान्य गोदाम 60.71निविदा तैयार की जा रही है
7पार्क के भीतर आंतरिक विद्युत वितरण नेटवर्क65.0014.26निविदा तैयार की जा रही है
8आंतरिक सड़क नेटवर्क, परिसर की दीवार149.4415.0310 प्रतिशत काम पूरा हो गया
9कच्चा, पीने योग्य और खनिज रहित पानी141.9555.660 प्रतिशत काम पूरा हो गया
10भाप उत्पादन और वितरण प्रणाली312.30निविदा जारी कर दी गई है।
11उन्नत प्रयोगशाला परीक्षण केंद्र22.73निविदा तैयार की जा रही है
12आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र20.17निविदा तैयार की जा रही है
13सुरक्षा/खतरनाक संचालन लेखापरीक्षा केंद्र14.43निविदा तैयार की जा रही है
14उत्कृष्टता का केंद्र110.29निविदा तैयार की जा रही है

भारत सरकार के औषधि विभाग (डीओपी) ने हिमाचल प्रदेश में ऊना जिले के हारोली में ‘बल्क ड्रग पार्क प्रोत्साहन योजना’ के तहत बल्क ड्रग पार्क के विकास के लिए 11.10.2022 को 1000 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की थी, जिसमें से 20.02.2023 को 225 करोड़ जारी किए गए थे। राज्य सरकार ने भी साझा अवसंरचना सुविधाओं (सीआईएफ) के विकास के लिए वित्त वर्ष 22-23 में 118.46 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है और राज्य के हिस्से के रूप में 35.53 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

संबंधित राज्य सरकारों से प्राप्त अभ्यावेदनों, परियोजनाओं की स्थिति, निधि के उपयोग के स्तर और वित्त वर्ष 2026-27 में परियोजनाओं के अपेक्षित पूर्ण होने के आधार पर योजना की अवधि वित्त वर्ष 2026-27 तक बढ़ा दी गई है।

हिमाचल प्रदेश में विकसित किए जा रहे बल्क ड्रग पार्क की प्रगति की समीक्षा नियमित रूप से “बल्क ड्रग पार्क प्रोत्साहन” योजना की संचालन समिति, औषधि विभाग के सचिव और संयुक्त सचिव तथा हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार समिति द्वारा की जाती है। देरी के मुख्य कारण पर्यावरण मंजूरी का मिलना है, जो 25.09.2025 को दी गई थी, साथ ही वृक्षों की कटाई की अनुमति और खरीद के लिए बोलियों से संबंधित प्रक्रियात्मक आवश्यकताएं भी लंबित हैं। राज्य सरकार और कार्यान्वयन एजेंसियां ​​परियोजना के क्रियान्वयन पर कड़ी निगरानी रख रही हैं और महत्वपूर्ण अवसंरचना घटकों के लिए वैधानिक मंजूरियों, निविदाओं और अनुबंधों के आवंटन में तेजी ला रही हैं। पर्यावरण मंजूरी मिलने के बाद परियोजना गतिविधियों में तेजी आई है और बल्क ड्रग पार्क के समय पर पूरा होने और संचालन को सुनिश्चित करने के लिए कई अवसंरचना पैकेज कार्यान्वयन के अधीन हैं या खरीद के उन्नत चरणों में हैं।

यह जानकारी रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज राज्यसभा में लिखित जवाब में दी।

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