स्वच्छता को अधिक संस्थागत बनाने और लंबित मामले निपटाने के लिए 2 से 31 अक्टूबर, 2026 तक कई गतिविधियां आयोजित होंगी
पाचवें विशेष अभियान में अंतर-मंत्रालयी समिति, राज्य और पीएमओ संदर्भ मामलों के निपटान में विभाग की शत-प्रतिशत और सार्वजनिक शिकायतों के निपटान में 99 प्रतिशत सफलता रही
प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीन ग्रामीण विकास विभाग 2 से 31 अक्टूबर, 2026 तक स्वच्छता और लंबित मामले निपटान हेतु आयोजित विशेष छठे अभियान में भाग लेगा। इस अभियान का उद्देश्य विभाग और इसके अधीन कार्यरत स्वायत्त निकायों/संगठनों में स्वच्छता को अधिक संस्थागत रूप देना तथा लंबित मामलों में कमी लाना है।
ग्रामीण विकास विभाग ने पिछले वर्ष, विशेष पाचवें अभियान (2-31 अक्टूबर, 2025) के तहत कई गतिविधियां आयोजित की, जिनमें लंबित मामले, जैसे सांसद संदर्भ, राज्य संदर्भ, प्रधानमंत्री कार्यालय संदर्भ, सार्वजनिक शिकायतें, सार्वजनिक शिकायत अपील और अंतर-मंत्रालयी समिति मामलों के निपटारे पर विशेष ध्यान दिया गया। अभियान पूर्ण होने तक विभाग ने प्रधानमंत्री कार्यालय संदर्भों, राज्य संदर्भों और अंतर-मंत्रालयी समिति मामले में शत-प्रतिशत तथा सार्वजनिक शिकायतों का 99 प्रतिशत, सांसद संदर्भों का 96 प्रतिशत और सार्वजनिक शिकायत अपीलों के 80 प्रतिशत मामलों का सफलतापूर्वक निपटान किया। विभाग ने इस अवसर का सदुपयोग कार्यालय परिसर की साफ-सफाई, सार्वजनिक क्षेत्रों की स्वच्छता और कार्यालय कक्षों के रखरखाव के लिए किया। अभियान की उपलब्धियों को प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के लंबित मामलों के निपटान हेतु विशेष अभियान पोर्टल पर भी अपलोड किया गया। अभियान से संबंधित जानकारी देने के लिए विशेष अभियान प्रयासों को नियमित रूप से सोशल मीडिया पर साझा किया गया।
पाचवें विशेष अभियान के प्रयास, अभियान अवधि समाप्त होने के बाद भी नवंबर 2025 से अगस्त 2026 तक जारी रहे। इस अवधि में लंबित मामलों के निपटान की प्रमुख उपलब्धियां निम्नानुसार रहीः
i. सांसद संदर्भ मामलों में निपटान – 124
ii. संसद द्वारा दिए गए आश्वासन मामलों में निपटान – 32
iii. अंतर-मंत्रालयी समिति संदर्भों मामलों में निपटान – 112
iv. राज्य संदर्भों मामलों में निपटान – 62
v. सार्वजनिक शिकायत मामलों में निपटान – 55,256
vi. पीएमओ संदर्भ मामलों में निपटान – 13
vii. सार्वजनिक शिकायत अपील मामलों में निपटान– 34
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