महाराष्ट्र के अंकुश करांडे के आत्मनिर्भर बनने की कहानी
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कालवा निवासी अंकुश करांडे के लिए आत्मनिर्भरता की यात्रा उद्यमशीलता के सपने और उसे साकार करने के दृढ़ संकल्प से शुरू हुई। उन्होंने एनएसएफडीसी की सावधि ऋण योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त की और इससे वे अपना खुद का जूता व्यवसाय स्थापित करने और आजीविका का स्थिर स्रोत बनाने में सक्षम हुए।
श्री करांडे को एनएसएफडीसी योजना के बारे में एक समाचार पत्र से पता चला। उन्होंने अपने खुद के उद्यम शुरू करने के अवसर को पहचानते हुए एलआईडीकॉम के माध्यम से वित्तीय सहायता के लिए आवेदन किया।
30 अगस्त 2024 को उन्हें 3.75 लाख रुपये का ऋण मिला। इससे उन्होंने ठाणे के कोर्ट नाका में एक जूते की दुकान खोलने में सफलता प्राप्त की। कड़ी मेहनत, लगन और निरंतर प्रयासों से उनका व्यवसाय लगातार बढ़ता गया और अब सफलतापूर्वक चल रहा है।

आज श्री करांडे अपने व्यवसाय से प्रति माह 30,000 रुपये से 40,000 रुपये की सकल आय अर्जित करते हैं। एनएसएफडीसी टर्म लोन योजना के तहत प्रदान की गई वित्तीय सहायता ने उन्हें स्वतंत्र आजीविका स्थापित करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद की है।
श्री करांडे ने योजना के माध्यम से प्राप्त समर्थन पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि वित्तीय सहायता उद्यमशीलता के सपनों को साकार करने और आय का एक स्थिर स्रोत स्थापित करने में सहायक है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी) वित्तीय सहायता के माध्यम से महत्वाकांक्षी उद्यमियों को सहयोग देना जारी रखता है। इससे लाभार्थियों को स्थायी आजीविका प्राप्त करने और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम उठाने में मदद मिलती है।
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