LIVE

एनएचआरआईएमएच, कोट्टायम में संस्थान वित्त समिति ने अनुसंधान और अवसंरचना को मजबूत करने के उपायों की समीक्षा की


समिति ने उन्नत अनुसंधान, प्रयोगशाला की गुणवत्ता, शैक्षिक सहयोग और अवसंरचना विकास के उपायों की समीक्षा की

राष्ट्रीय होम्योपैथी मानसिक स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान (एनएचआरआईएमएच), कोट्टायम की संस्थान वित्त समिति (आईएफसी) की छठी बैठक 14 सितंबर, 2026 को भारत सरकार के आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती अलार्मेलमंगाई डी. की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

सुश्री अलार्मेलमंगई डी. ने एनएचआरआईएमएच में स्नातकोत्तर छात्रों के लिए कौशल प्रयोगशाला का उद्घाटन किया और ओपीडी तथा आईपीडी सुविधाओं का दौरा किया। उन्होंने स्नातकोत्तर छात्रों, कर्मचारियों और मरीजों के साथ बातचीत की तथा संस्थान की शैक्षणिक, अनुसंधान एवं मरीज-देखभाल गतिविधियों का जायज़ा लिया।

संस्थान वित्त समिति (आईएफसी) ने संस्थान के वित्तीय, शैक्षिक, अनुसंधान, अवसंरचना और प्रशासनिक विकास से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों की समीक्षा की। समिति ने पिछली बैठक के दौरान लिए गए निर्णयों की प्रगति की भी समीक्षा की और संस्थागत अवसंरचना, वित्तीय प्रबंधन, मानवशक्ति की आवश्यकताओं, शैक्षिक सुविधाओं एवं अनुसंधान क्षमताओं से संबंधित प्रस्तावों पर विचार किया।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/2026/sep/image001_20260916160142_c3896d.gif

बैठक में एनएचआरआईएमएच में अनुसंधान इकोसिस्टम को मजबूत करने को प्राथमिकता देने पर सहमति हुई, जिसमें अनुसंधान कार्यक्रमों के विस्तार, प्रयोगशाला अवसंरचना के उन्नयन और तंत्रिका विज्ञान (न्यूरोलॉजिकल) तथा मनोचिकित्सा (साइकियाट्रिक) संबंधी विकारों में उन्नत प्रयोगात्मक एवं यांत्रिक अनुसंधान सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान देने पर विचार किया गया।

समिति ने एनएचआरआईएमएच की नैदानिक, शैक्षिक और अनुसंधान संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप संस्थागत क्षमता को मजबूत करने के प्रस्तावों की भी समीक्षा की। समिति ने शैक्षिक आदान-प्रदान, अनुसंधान साझेदारी और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त समझौता ज्ञापनों (एमओयू) के माध्यम से प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और राज्य-स्तरीय संस्थानों के साथ बेहतर सहयोग को प्रोत्साहित किया। समिति ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने की भी सिफारिश की।

प्रयोगशाला सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाना चर्चा का एक और अहम विषय था। समिति ने गुणवत्ता सुनिश्चित करने के तरीकों को बेहतर बनाने और प्रयोगशाला  सुविधाओं के मान्यता प्राप्त करने की दिशा में उचित कदम उठाने के उपायों पर विचार किया। ऊर्जा दक्षता, सुरक्षा प्रणालियों, रखरखाव और अन्य आवश्यक अवसंरचना की ज़रूरतों से जुड़े उपायों पर भी विचार किया गया।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/2026/sep/image002_20260916160154_d77548.jpg

समिति ने वित्तीय समझदारी, गुणवत्ता और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर ज़ोर देते हुए, प्रभावी समन्वय और निरंतर निगरानी के माध्यम से स्वीकृत कार्यों को समय पर पूरा करने पर बल दिया।

इस बैठक में आयुष मंत्रालय की सलाहकार (होम्योपैथी) डॉ. प्रीथा किझाक्कुटिल और सीसीआरएच, नई दिल्ली के महानिदेशक डॉ. सुभाष कौशिक शामिल हुए। बैठक में आयुष मंत्रालय के संयुक्त सलाहकार (होम्योपैथी) डॉ. श्रीनिवास राव चिंता, एकीकृत वित्त प्रभाग (आईएफडी) के प्रतिनिधि और निदेशक श्री अमरेंद्र सिंह और आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी आभासी माध्यम से शामिल हुए।

बैठक का समापन उन्नत अवसंरचना, गुणवत्तापूर्ण प्रयोगशाला सेवाओं, संस्थागत सहयोग और स्वीकृत पहलों के समयबद्ध कार्यान्वयन के माध्यम से एनएचआरआईएमएच की अनुसंधान, शैक्षिक एवं नैदानिक क्षमताओं को मजबूत करने पर बल देने के साथ हुआ।

Comments

Comments (0)

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »