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डॉ. जितेंद्र सिंह ने विशेष अभियान 6.0 की तैयारियों की समीक्षा की

विज्ञान विभागों ने 1,500 स्वच्छता अभियान स्थलों का लक्ष्य निर्धारित किया; पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय 100 स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाएगा


डॉ. जितेंद्र सिंह 2 अक्टूबर को स्वच्छता अभियान, ई-कचरा पृथक्करण और निपटान तथा पुरानी फाइलों को नष्ट करने के अभियान में शामिल होंगे


डॉ. जितेंद्र सिंह ने बजटीय व्यय की समीक्षा की; 50 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए डीएसआईआर और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की सराहना की

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज विज्ञान मंत्रालयों और विभागों के साथ विशेष अभियान 6.0 की तैयारियों, कार्यान्वयन और समयसीमा की समीक्षा की।

विज्ञान मंत्रालयों और विभागों ने विशेष अभियान 6.0 के तहत 1,500 स्वच्छता अभियान स्थलों का लक्ष्य रखा है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने 100 स्वच्छता अभियान स्थलों का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता के प्रत्यक्ष परिणाम प्राप्त करना, उपलब्ध स्थान का अधिकतम उपयोग करना, अनुपयोगी सामग्री का व्यवस्थित निपटान करना और सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग करना है।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ई-कचरे का प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान करना है। समीक्षा में ई-कचरे के पुनर्चक्रण और बेकार उपकरणों से मूल्य सृजित करने के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं का लाभ उठाने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। अभियान में ई-कचरे की व्यवस्थित पहचान और वस्तु-वार रिपोर्टिंग तथा उत्पादकों, पुनर्चक्रणकर्ताओं और मरम्मतकर्ताओं सहित उपयुक्त माध्यमों से इसके निपटान शामिल है।

इस अभियान के तहत अप्रचलित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के वास्तविक निपटान के महत्व को भी दर्शाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य ई-कचरे का उचित निपटान और पुनर्चक्रण सुनिश्चित करना है।

विशेष अभियान 6.0 सितंबर में तैयारी चरण के बाद 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक कार्यान्वित किया जाएगा। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग-डीएआरपीजी एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मंत्रालयों और विभागों में अभियान के लक्ष्यों और प्रगति की निगरानी करने के साथ-साथ इसे पोर्टल पर अद्यतन भी कर रहा है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने अभियान की गति बनाए रखने, निर्धारित समयसीमा का पालन करने और यह सुनिश्चित करने जोर दिया कि इस प्रयास से बेहतर परिणाम प्राप्त हों।

डॉ. जितेंद्र सिंह 2 अक्टूबर को स्वच्छता अभियान में भाग लेंगे, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता, ई-कचरे का पृथक्करण और वैज्ञानिक निपटान, पुरानी फाइलों को नष्ट करना, कार्यालय स्थान का अधिकतम उपयोग, बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन और सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करना है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने समीक्षा के दौरान, बजटीय व्यय का मूल्यांकन किया। डीएसआईआर और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने 30 सितंबर तक निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप लगभग 50 प्रतिशत व्यय पूरा कर लिया था। उन्होंने 50 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए दोनों संगठनों की सराहना की और अभियान की समय-सीमा के अनुसार निरंतर प्रगति सुनिश्चित करने के लिए व्यय और कार्यान्वयन की तिमाहीवार स्थिति की समीक्षा की।

समीक्षा बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के सचिव प्रोफेसर उमेश वी. वाघमारे; वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) की सचिव और सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी; जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) के सचिव डॉ. राजेश एस. गोखले और प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) की सचिव सुश्री निवेदिता शुक्ला वर्मा के अतिरिक्त संबंधित मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और नोडल अधिकारी उपस्थित थे।

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