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प्रधानमंत्री ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय दल के प्रदर्शन को सराहा
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 में…
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ग्रामीण युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय पहचान, DDU-GKY के छह लाभार्थी बनेंगे 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के विशेष अतिथि
ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास और सशक्तिकरण की दिशा में एक उल्लेखनीय…
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भारत में सौर ऊर्जा का विकास एक नए युग में प्रवेश कर रहा है
भारत के सौर ऊर्जा क्षेत्र को प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY) के अनुमोदन के…
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया; प्रत्येक नागरिक से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया
100 सप्ताह के ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा संकल्प अभियान’…
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आईआईटी दिल्ली में आयोजित हैंडलूम हैकाथॉन 2.0 का सफल समापन हुआ, जिसमें भारत के हथकरघा क्षेत्र के लिए प्रौद्योगिकी आधारित नवाचारों का प्रदर्शन किया गया
वस्त्र मंत्रालय ने हथकरघा क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए प्रौद्योगिकी, स्थिरता…
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‘कपड़े के भीतर की दुनिया: बुनाई के नए क्रम’ प्रदर्शनी राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय और हस्तकला अकादमी में शुरू होगी
यह प्रदर्शनी 6 से 19 अगस्त तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी…
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नई दिल्ली में 5 अगस्त को “जीआई एंड बियॉन्ड 2.0 समिट” का आयोजन होगा
शिखर सम्मेलन में भारत के जीआई-टैग प्राप्त हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों का…
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ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के प्रमुखों की बैठक
“परिवर्तन के प्रेरक के रूप में गुणवत्तापूर्ण सांख्यिकी” ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालयों (एनएसओ) के प्रमुखों की बैठक भारत की अध्यक्षता में 3 से 4 अगस्त 2026 को भारत के राज्य उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आयोजित होने वाली है। ब्रिक्स देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) शामिल हैं। वर्ष 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता “सुदृढ़शीलता, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण (ब्रिक्स)“ के व्यापक विषय द्वारा निर्देशित है। ब्रिक्स सांख्यिकी ट्रैक के अंतर्गत, भारत ने “परिवर्तन के प्रेरक के रूप में गुणवत्तापूर्ण सांख्यिकी” विषय को अपनाया है। यह डेटा की गुणवत्ता, नवाचार, प्रभावी प्रसार और जन-केंद्रित सांख्यिकीय प्रणालियों के लिए अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह तीव्र तकनीकी प्रगति, उच्च आवृत्ति एवं विस्तृत डेटा की बढ़ती मांग और साक्ष्य-आधारित, टिकाऊ और समावेशी विकास का समर्थन करने के लिए आधिकारिक सांख्यिकी पर बढ़ती निर्भरता के प्रति उत्तरदायी हैं। आधुनिक ब्रिक्स नीति निर्माण विकास पर नज़र रखने, निर्णयों का मार्गदर्शन करने और आपसी समझ बनाने के लिए मज़बूत आंकड़ों पर निर्भर करता है। वर्ष 2010 से, सदस्य देशों ने सुलभ, सामंजस्यपूर्ण डेटा प्रदान करने के लिए संयुक्त सांख्यिकी प्रकाशन (जेएसपी) और स्नैपशॉट ब्रिक्स जेएसपी (2020 में प्रस्तुत) प्रकाशित किए हैं। समय के साथ, ब्रिक्स सांख्यिकी सहयोग बुनियादी डेटा संग्रह से आगे बढ़कर नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और आम जनता के लिए डेटा मानकों, सामंजस्य और नवाचार पर गहन समन्वय की ओर विकसित हुआ है। सांख्यिकी मामलों पर दो मुख्य कार्यक्रम प्रति वर्ष आयोजित किए जाते हैं, इसके साथ ही निम्नलिखित सहायक कार्यक्रम भी होते हैं: (i) एनएसओ की तकनीकी बैठक…
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पीएम-अजय आदर्श ग्राम कंपोनेंट के तहत देश भर में 47,328 गांवों का चयन, तेलंगाना में 435 गांव
इस योजना के अंतर्गत 3.28 लाख से अधिक विकास कार्य चिन्हित किए…