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कोयला मंत्रालय ने ‘विशेष अभियान 6.0’ के लिए तैयारी बैठक आयोजित की; स्वच्छता और दक्षता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई
कोयला मंत्रालय ने ‘विशेष अभियान 6.0’ के लिए एक तैयारी बैठक आयोजित की। इस बैठक…
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नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अहमदाबाद से ‘हब एंड स्पोक’ इंटरनेशनल फ़्लाइट ऑपरेशन शुरू किया
भारत की इंटरनेशनल एविएशन हब स्ट्रैटेजी के तहत अहमदाबाद तीसरा ‘स्पोक’ एयरपोर्ट…
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प्राकृतिक खेती के विस्तार, किसानों की आय वृद्धि एवं टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए समग्र प्रयास आवश्यक : श्री शिवराज सिंह चौहान
दुनिया में प्राकृतिक खेती उत्पादों की बढ़ती मांग भारत के किसानों के…
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मोदी सरकार का किसान कल्याण संकल्प: श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 5 राज्यों को कृषि विकास के लिए 1,183 करोड़ रु. से अधिक की दूसरी ‘मदर सैंक्शन’ जारी
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने खेती और किसान की…
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अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान ने आयुर्वेद दिवस से पहले ‘आयुर्वार्ता’ डिजिटल संवाद श्रृंखला की शुरुआत की
पहली कड़ी में 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस की निश्चित तिथि पर…
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लोक सभा अध्यक्ष ने पूर्व लोक सभा अध्यक्ष, श्री पी.ए. संगमा को पुष्पांजलि अर्पित की
लोक सभा अध्यक्ष, श्री ओम बिरला ने आज पूर्व लोक सभा अध्यक्ष, श्री पी.ए. संगमा की जयंती के अवसर पर संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। राज्य सभा के उपसभापति, श्री हरिवंश; संसद सदस्यों; पूर्व सदस्यों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी श्री संगमा को पुष्पांजलि अर्पित की। लोक सभा के महासचिव, श्री उत्पल कुमार सिंह; राज्य सभा के महासचिव, श्री पी.सी. मोदी ; तथा लोक सभा और राज्य सभा सचिवालयों के अधिकारियों ने भी श्री संगमा को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री संगमा मेघालय के एक सुविख्यात सांसद, प्रशासक और नेता थे जिन्होंने सार्वजनिक जीवन और पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया । 1977 में संसद में प्रवेश करने के बाद उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में केन्द्रीय मंत्री और मेघालय के मुख्य मंत्री के रूप में कार्य किया। वर्ष 1996 में उन्हें सर्वसम्मति से 11वीं लोक सभा के अध्यक्ष पद के लिए चुना गया और वह विपक्ष के पहले ऐसे सदस्य बने जिन्होंने इस कार्यभार को संभाला। अध्यक्ष के रूप में, संसदीय नियमों के ज्ञान, सदन की गरिमा एवं सुचारू संचालन के प्रति प्रतिबद्धता, और संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने के प्रयासों के लिए उनका व्यापक रूप से सम्मान किया जाता था। उन्होंने विधानमंडलों में महिलाओं के अधिक प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देने और अंतर-संसदीय संबंधों को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्री संगमा नौ बार लोक सभा के सदस्य रहे और पूर्वोत्तर क्षेत्र, विशेष रूप से जनजातीय और वंचित समुदायों के उत्थान से गहराई से जुड़े रहे । श्रमिक वर्ग तथा उपेक्षित वर्गों के कल्याण में उनके योगदान के लिए उनकी व्यापक रूप से सराहना की गई। श्री संगमा का निधन 4 मार्च 2016 को नई दिल्ली में हुआ। श्री संगमा का चित्र श्री विजेंद्र शर्मा द्वारा तैयार किया गया । इसे संविधान सदन की बाहरी लॉबी में लगाया गया है और इसका अनावरण भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी ने 10 फरवरी 2014 को किया था।
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प्रधानमंत्री ने एक सच्चे बुद्धिमान व्यक्ति के विवेक, संयम, दूरदर्शिता और गंभीरता जैसे श्रेष्ठ गुणों का उल्लेख करने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया।…
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प्रधानमंत्री ने 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि हासिल करने पर देश को बधाई दी, बढ़ते आर्थिक आत्मविश्वास पर बल दिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वित्त वर्ष की पहली तिमाही में…
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26th SCO Summit के दौरान प्रधानमंत्री का बयान
किर्गिज़स्तान के प्रेसिडेंट, Excellencies, नमस्कार! SCO की 25वीं वर्षगांठ के इस विशेष…