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महाराष्ट्र के नागपुर में “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” विषय के तहत 11वां आयुर्वेद दिवस 2026 मनाया जाएगा
परंपरा से लेकर नवाचार तक, आयुर्वेद एक स्वस्थ भविष्य का निर्माण कर…
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33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के राजनीतिक नेतृत्व के लिए नए रास्ते खोलेगा: लोकसभा अध्यक्ष
वह दिन दूर नहीं जब सार्वजनिक सेवाओं में महिलाओं की हिस्सेदारी 50…
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मुंबई में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एनआईएक्सआई द्वारा आयोजित एपीएनआईसी 62 वैश्विक इंटरनेट समुदाय को एक साथ लाता है
एआई, साइबर सुरक्षा और भविष्य के लिए तैयार इंटरनेट अवसंरचना नेतृत्व करेगा…
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महत्वाकांक्षी जिले से अकादमिक उत्कृष्टता तक: एनएफएससी ने डॉ. अबिनाश मंडल को कैसे सशक्त बनाया
सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े समुदायों के अध्येताओं के लिए, वित्तीय रूकावटों…
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सरकार ने अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए छात्रवृत्तियों की पारदर्शिता और समयबद्ध वितरण को सुदृढ़ किया है
प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और आधार-लिंक्ड बैंक खाते पात्र छात्रों को केंद्र सरकार…
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स्वच्छता की सजग प्रहरी: दिल्ली की सैनिटेशन स्क्वाड
आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) 2.0 के अंतर्गत हमारे शहर न सिर्फ कचरा मुक्त (Garbage Free) और जल संपन्न (Water Plus) बनने की ओर अग्रसर हैं, बल्कि स्वच्छता की दिशा में निरंतर नए प्रयासों से सभी को प्रेरित भी कर रहे हैं। राजधानी दिल्ली में भी स्वच्छता से जुड़े अभिनव प्रयासों से दिल्ली नगर निगम (MCD) और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। शहरी स्वच्छता को समर्पित इन निकायों ने मिशन के लक्ष्यों को वास्तविक स्वरूप देने के लिए एक बहुत ही असरदार तरीका अपनाया है, जिसे ‘सैनिटेशन स्क्वॉड’ यानी ‘स्वच्छता दस्ता’ का नाम दिया गया है। ये स्वच्छता दस्ते वास्तव में देश की राजधानी में साफ-सफाई व्यवस्थाओं के सजग प्रहरी बनकर उभर रहे हैं। क्या हैं ये स्वच्छता दस्ते? : सैनिटेशन स्क्वॉड सफाई की पुरानी व्यवस्था से एक कदम आगे की सोच है। ये केवल सफाईमित्रों की टीम नहीं हैं, बल्कि स्वच्छता के नियमों को सख्ती से लागू कराने वाले अधिकारियों (Enforcement Officers) सहित लोगों को जागरूक करने वाले दूतों की एक टीम हैं। इस टीम का मुख्य काम सार्वजनिक जगहों पर गश्त करना, गैर-कानूनी तरीके से कूड़ा फेंकने वालों का तुरंत चालान काटना और आम जनता को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है। हालांकि जहां कहीं, स्वच्छता लक्षित इकाइयां (CTUs) या कोई नया ऐसा स्पॉट दिखाई देता है, जहां खुले में कचरा डंपिंग हो रही है, वहां त्वरित स्वच्छता सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी भी ये स्वच्छता दस्ते उठा रहे हैं। स्वच्छता के लिए NDMC का स्मार्ट मॉडल : NDMC को देश के सबसे साफ शहरी निकायों में गिना जाता है। वायु प्रदूषण कम करने और शहर में साफ-सफाई का उच्च स्तर बनाए रखने के लिए NDMC ने 3 सैनिटेशन स्क्वॉड्स बनाकर तैनात किए हैं। ये स्वच्छता दस्ते NDMC के तीनों जोन और उसके तहत आने वाले सभी 14 सैनिटेशन सर्कल्स को पूरी तरह से कवर करते हैं। ये खास दस्ते मुख्य स्वच्छता निरीक्षक (CSI) की देखरेख में काम करते हैं और उन संवेदनशील जगहों पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं जहां कचरे की समस्या लगातार बनी रहती है। यह सैनिटेशन स्क्वॉड्स ऐसी संवेदनशील जगहों पर कभी अचानक, तो कभी पूर्व निर्धारित समय के अनुसार भी निरीक्षण करते हैं। साथ ही, ये स्वच्छता दस्ते कूड़ा फैलाने, कचरा अलग न करने और गलत तरीके से कूड़ा डालने पर नए ठोस कचरा प्रबंधन नियमों (New SWM Rules) के तहत तुरंत मौके पर ही चालान या जुर्माना लगाते हैं। फील्ड के काम पर लगाए गए हर सैनिटेशन स्क्वॉड वाहन में एक खास किट होती है, जिसमें नगर पालिका परिषद सहायकों के लिए जरूरी सफाई उपकरणों के साथ-साथ व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) किट, जैसे चमकने वाली जैकेट, दस्ताने, मास्क और टोपी शामिल हैं। नागरिकों की आदतों में बदलाव लाने और उन्हें सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) के माध्यम से जागरूक करने के मकसद से इन गाड़ियों में बिना तार वाला पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, स्वच्छता के बैनर और पोस्टर भी लगाए जाते हैं। MCD ने अपनाया सभी विभागों का सहयोग : दिल्ली के बहुत बड़े और घनी आबादी वाले इलाके में सफाई सुनिश्चित करने के लिए MCD ने भी अपने सभी जोन में खास सैनिटेशन स्क्वॉड्स बनाए हैं। ये स्वच्छता दस्ते मुख्य सड़कों, बाजारों, सरकारी संस्थानों, नालों, ट्रांसपोर्ट के प्रमुख रास्तों और बहुत ज्यादा भीड़ वाली जगहों पर बड़े स्तर पर सफाई अभियान चला रहे हैं। MCD ने यह समझते हुए कि कई बड़ी सार्वजनिक जगहें, वहां की सुविधाएं एवं व्यवस्थाएं अलग-अलग एजेंसियों के अधिकार क्षेत्र में आती हैं, एक अनोखा संपूर्ण सरकारी सहयोग (Whole-of-Government) का तरीका अपनाया है, जिसमें सभी सरकारी विभाग मिलकर काम करते हैं।…
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केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों की अधिक भागीदारी के माध्यम से कृषि विज्ञान केन्द्रों को मजबूत करने के लिए कार्य योजना की समीक्षा की
मार्च 2027 तक 300 कृषि विज्ञान केन्द्रों के उन्नयन और दिसंबर 2028…
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प्रधानमंत्री 8 सितंबर को गुजरात और महाराष्ट्र का दौरा करेंगे
प्रधानमंत्री वडोदरा में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की…
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प्रधानमंत्री ने केंद्रीय राज्य मंत्री का एक लेख साझा किया जिसमें शिक्षण को एक रचनात्मक कार्य के रूप में और शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण में योगदानकर्ता के रूप में मान्यता देने पर प्रकाश डाला गया है
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी द्वारा…