LIVE

भारतीय नौसेना संयुक्त कार्य बल 154 की कमान सौंपेगी

भारतीय नौसेना 14 अक्टूबर, 2026 को बहरीन के मनामा में आयोजित होने वाले एक समारोह के दौरान संयुक्त कार्य बल 154 (सीटीएफ 154) की कमान सौंपने वाली है। यह समारोह सीएमएफ के किसी कार्यबल की कमान संभालने के भारतीय नौसेना के पहले कार्यकाल के समापन का प्रतीक होगा।

सीटीएफ 154 सीएमएफ का एक समर्पित बहुराष्ट्रीय समुद्री प्रशिक्षण कार्य बल है। यह सीएमएफ की 47 देशों की साझेदारी के अंतर्गत विभिन्न देशों की सेनाओं के बीच अंतरसंचालनीयता और परिचालन तत्परता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पेशेवर प्रशिक्षण तथा क्षमता विकास की गतिविधियों को सुगम बनाता  है। भारत वर्ष 2022 में सीएमएफ में सहयोगी भागीदार के रूप में शामिल होगा और वर्ष 2023 में इसका पूर्ण सदस्य बन गया। भारतीय नौसेना ने 11 फरवरी, 2026 को सीटीएफ 154 की कमान संभाली थी, जो सीएमएफ के किसी कार्य बल की कमान संभालने का उसका पहला अवसर था।

(https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2226776 ).

भारतीय नौसेना के नेतृत्व वाले कार्यकाल के दौरान सीटीएफ 154 ने सीएएमएफ के समुद्री क्षेत्र संवर्धन प्रशिक्षण ढांचे के अंतर्गत बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण का एक निरंतर चलने वाला कार्यक्रम संचालित किया। इस कार्यकाल के दौरान  स्टाफ संवर्धन प्रशिक्षण के 20 कार्यक्रम,  ऑपरेशन कम्पास रोज 26-1, ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2 तथा समुद्री डकेटी और सशस्त्र लूटपाट विषय पर विषय- विशेषज्ञों का पहला आदान-प्रदान कार्यक्रम (एसपीएआर 2026) आयोजित किया गया। इन सभी गतिविधियों के माध्यम से कुल 7,800 से अधिक प्रशिक्षण घंटे पूरे किए गए और सीटीएफ 154 की विभिन्न गतिविधियों में 29 देशों के कर्मियों ने भाग लिया।

(ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2 की समापन संबंधि प्रेस विज्ञप्ति: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2288511 ).

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में समुद्री सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर वर्चुअल, हाइब्रिड और प्रत्यक्ष प्रशिक्षण गतिविधियां शामिल थीं। इसमें भारतीय नौसेना, सीएमएफ के कार्य बलों, भागीदार देशों, क्षेत्रीय समुद्री एजेंसियों और विशिष्ट अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की विशेषज्ञता का लाभ लिया  गया। इस कार्यकाल के दौरान बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण और भावी क्षमता विकास को समर्थन देने के लिए सीटीएफ 154 ने परिचालन कार्य बलों, क्षेत्रीय भागीदारों तथा विशिष्ट संस्थानों के साथ अपने पेशेवर सहयोग का भी विस्तार किया।

 आगामी हैंडओवर समारोह सीएमएफ के साथ भारत के बढ़ती भागीदारी में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि का प्रतीक होगा। यह हिंद महासागर क्षेत्र और उससे परे सहयोगात्मक समुद्री सुरक्षा, बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण तथा क्षमता विकास में भारत के योगदान को भी दर्शाता है।

इस कार्यकाल ने इस क्षेत्र में एक पसंदीदा सुरक्षा एवं प्रशिक्षण भागीदार के रूप में भारतीय नौसेना की भूमिका को और सुदृढ़ किया है।

Comments

Comments (0)

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »