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अंतरिक्ष स्टार्ट-अप्स को सहयोग

भारत में डीपीआईआईटी स्टार्ट-अप इंडिया पोर्टल के अनुसार लगभग 440 अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप पंजीकृत हैं। इन-स्पेस ने 52 गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीई) को विभिन्न अंतरिक्ष गतिविधियों को संचालित करने के लिए 113 प्राधिकरण प्रदान किए हैं, जिनमें से 18 स्टार्ट-अप हैं। विवरण इस प्रकार हैं:

  1. अग्निकुल कॉसमॉस प्राइवेट लिमिटेड,
  2. अक्षत एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड,
  3. अज़ीस्ता बीएसटी,
  4. बेलैट्रिक्स एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड,
  5. कॉस्मोसर्व स्पेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड,
  6. ध्रुवा स्पेस प्राइवेट लिमिटेड,
  7. दिगांतारा रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड
  8. गैलेक्सआई स्पेस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड,
  9. हेक्‍स20लैब्‍स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड,
  10. इनऑर्बिट स्पेस टेलीकम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड,
  11. मनस्तु स्पेस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड,
  12. एनस्पेस टेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड,
  13. ऑर्बिटएड एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड,
  14. पियरसाइट स्पेस प्राइवेट लिमिटेड,
  15. पिक्सलस्पेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड,
  16. स्काईरूट एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड,
  17. स्पेस किड्ज़ इंडिया,
  18. टेकमी2स्पेस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड,

इसके अतिरिक्त, इन-स्पेस द्वारा स्टार्ट-अप्स को प्रदान की गई सुविधाओं का विवरण, जिसमें लॉन्च स्लॉट और टेस्टिंग एक्सेस शामिल हैं, वर्ष-वार इस प्रकार है:

क्रम संख्यावर्षस्टार्ट-अप्स का विवरणसुविधा प्रदान की गई
12022अग्निकुल कॉसमॉस, स्काईरूट एयरोस्पेस, पिक्सेलफ्लेक्स सील और ध्वनिक परीक्षण, एस/एक्स-बैंड एंटीना आरएफ परीक्षण, सब-ऑर्बिटल लॉन्च एक्सेस (विक्रम-एस), लॉन्च वाहन टीएम रिसेप्शन।
22023ध्रुवा स्पेस, पिक्सल स्पेस, स्काईरूट एयरोस्पेस, अग्निकुल कॉस्मॉस, स्पेसकिड्ज़, अज़िस्ता बीएसटीअग्निबन सॉर्टेड लॉन्च एक्सेस, रमन-I और II इंजन परीक्षण, आज़ादीसैट-2 पर्यावरणीय परीक्षण, स्थैतिक चरण परीक्षण, ग्राउंड स्टेशन सहायता।
32024स्काईरूट एयरोस्पेस, पिक्सल स्पेस, मनस्तु स्पेस, पियरसाइट स्पेस, एन स्पेस टेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड।स्टेज-1 कास्टिंग और प्रणोदक आपूर्ति, हार्डवेयर-इन-लूप सिमुलेशन, पीओईएम पेलोड ईएमआई/ईएमसी और शॉक परीक्षण।
42025अग्निकुल कॉसमॉस, ध्रुव स्पेस, पियर्साइट, गैलेक्सआई, सैटलियो लैब्स, स्काईरूट एयरोस्पेसक्रायोजेनिक पंप पीडीआर समीक्षा, एक्स/यूएचएफ-बैंड डाउनलिंक समर्थन, टीवीएसी/आउटगैसिंग परीक्षण, प्रक्षेपवक्र सत्यापन, शीतलन अम्बिलिकल आपूर्ति।
52026टेकमी2स्‍पेस, बेलाट्रिक्स एयरोस्पेस, स्काईरूट एयरोस्पेस, ऑर्बिटएड एयरोस्पेस, ध्रुव स्पेस प्राइवेट लिमिटेड,विक्रम-1 के लिए प्रथम प्रक्षेपण पैड (एफएलपी) का उपयोग, डॉकिंग तंत्र का प्रयोगशाला परीक्षण, एसआरएस शॉक परीक्षण, माइक्रो-थ्रस्टर्स के लिए सिलिसाइड कोटिंग।

इन-स्पेस के पास राज्य-वार मान्यता प्राप्त स्पेस स्टार्ट-अप्स की संख्या का विवरण उपलब्ध नहीं है।

31 जुलाई, 2026 तक पिछले पांच वर्षों के दौरान इन-स्पेस द्वारा स्वीकृत और वितरित की गई धनराशि का विवरण निम्नलिखित है:

(लाख रुपये में)

क्रम संख्यायोजना का नामपरियोजना/योजना का दायरा संचयी
वित्तीय वर्ष2022-23वित्तीय वर्ष2023-24वित्तीय वर्ष2024-25वित्तीय वर्ष2025-26वित्तीय वर्ष2026-27 
1इन-स्पेस सीड फंड स्कीम/पीआईई6500शून्य5688.322520389.30
2वेंचर कैपिटल फंड100000एसईबीआई की मंजूरी: 31-10-2025605.6418287.4018893.04
3प्रौद्योगिकी अडोप्‍सन फंड5000003 एनजीई को प्रौद्योगिकी विकास के लिए चुना गयाशून्यशून्यशून्य
4सैटेलाइट बस एज़ ए सर्विस (एसबीएएएस)750003 एनजीई को विकास के लिए चुना गयाशून्य750750
5सामान्य तकनीकी सुविधाएं50000गुजरात और तमिलनाडु सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गएशून्यशून्यशून्य
कुल214000088.356830.6413077.1520032.34
          

इन-स्पेस ने स्टार्ट-अप्स को विभिन्न योजनाओं और सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा प्रदान करने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्‍च किया है। यह प्लेटफॉर्म भारत के अंतरिक्ष स्टार्ट-अप्स के विकास को सक्षम और सहयोग देने के लिए एक एकल-खिड़की इंटरफ़ेस के रूप में कार्य करता है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्टार्ट-अप्स प्राधिकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं, वित्तपोषण के अवसरों का लाभ उठा सकते हैं, मेंटरशिप प्राप्त कर सकते हैं,  इसरो/ इन-स्पेस सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण प्राप्त कर सकते हैं, प्रक्षेपण और मिशन सहायता प्राप्त कर सकते हैं और कौशल विकास और क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों में भाग ले सकते हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री  डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज यह जानकारी राज्यसभा में लिखित उत्तर में दी।

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