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अखिल भारतीय सैनिक स्कूल राष्ट्रीय खेल (एआईएसएसएनजी) सैनिक स्कूल बीजापुर में 03 से 07 नवंबर 2026 तक चलेंगे

रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ अखिल भारतीय सैनिक स्कूल राष्ट्रीय खेल-2026 के समापन समारोह में युवा कैडेटों का उत्साहवर्धन करेंगे।

अखिल भारतीय सैनिक स्कूल राष्ट्रीय खेल (एआईएसएसएनजी)-2026 का चौथा आयोजन 03 से 07 नवंबर, 2026 तक कर्नाटक में सैनिक स्कूल बीजापुर, विजयपुरा में जारी है। रक्षा मंत्रालय की सैनिक स्कूल सोसाइटी के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय खेलों का आयोजन देश भर के कैडेटों को अपनी खेल प्रतिभा, प्रतिस्पर्धी भावना और सौहार्द दिखाने के लिए एक साथ लाता है। इस आयोजन में कुल 544 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें 296 पुरुष और 248 महिला कैडेट शामिल हैं, जो 30 पुराने और 13 नए सैनिक स्कूलों का प्रतिनिधित्व करते हैं। टीमों में सभी आठ क्षेत्रों के विजेता शामिल हैं जिन्होंने क्षेत्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया था।

चैंपियनशिप में बास्केटबॉल (जूनियर लड़के और लड़कियां), वॉलीबॉल (जूनियर लड़के), लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए सब-जूनियर और जूनियर श्रेणियों के लिए ट्रैक एंड फील्ड इवेंट के साथ-साथ वाद-विवाद और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं शामिल हैं। ट्रैक स्पर्धाओं में 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर स्प्रिंट, 1500 मीटर दौड़ और 4 गुना 100 मीटर रिले शामिल हैं। सब-जूनियर और जूनियर दोनों श्रेणियों में लड़कों और लड़कियों के लिए लंबी कूद प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

पांच दिवसीय खेलों का समापन 07 नवंबर, 2026 को होगा जिसमें रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे। नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन और सैनिक स्कूल बीजापुर के पूर्व छात्र, श्री एमबी पाटिल, कर्नाटक के बड़े और मध्यम उद्योग और बुनियादी ढांचा विकास मंत्री के साथ अन्य प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रतिष्ठित पूर्व छात्र भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।

“अजीत है अभित है” के आदर्श वाक्य के साथ सैनिक स्कूल बीजापुर ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और राष्ट्र के भविष्य के दिग्गजों को पोषित करने में अपनी विशिष्ट सेवा के 63 गौरवशाली वर्ष पूरे कर लिए हैं। अखिल भारतीय सैनिक स्कूल राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करके संस्थान अनुशासन, सौहार्द, खेल भावना और उत्कृष्टता का प्रदर्शन करते सैनिक स्कूलों की उच्चतम परंपराओं और लोकाचार को बनाए रखने का प्रयास करता है।

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