प्रधानमंत्री ने शताब्दी वर्ष श्री विजयादशमी उत्सव के दौरान डॉ. मोहन भागवत जी के प्रेरणादायी संबोधन को साझा किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज आरएसएस स्थापना दिवस के विशेष अवसर पर सभी स्वयंसेवकों को शुभकामनाएँ दीं और नागपुर में शताब्दी वर्ष श्री विजयादशमी उत्सव के दौरान सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी द्वारा दिए गए प्रेरणादायी संबोधन को साझा किया।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट की एक श्रृंखला में कहा:
“आज आरएसएस स्थापना दिवस के विशेष अवसर पर सभी स्वयंसेवकों को मेरी शुभकामनाएँ। मैं उन सभी महान विभूतियों को भी नमन करता हूँ, जिन्होंने वर्षों से आरएसएस को पोषित किया है।
आरएसएस ने सेवा, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सद्भाव के उल्लेखनीय सौ वर्ष पूरे किए हैं। अनगिनत स्वयंसेवकों ने कर्तव्य की गहरी भावना और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ समाज के लिए कार्य किया है।
आने वाले समय में भी यह भावना राष्ट्रीय विकास को निरंतर सशक्त करती रहे।”
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस के विशेष अवसर पर सभी स्वयंसेवकों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं! मैं उन सभी विभूतियों को भी नमन करता हूं, जिन्होंने अपने अथक परिश्रम और सेवाभाव से संघ को सींचा और संवारा है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सेवा, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक प्रतिबद्धता का गौरवशाली शताब्दी वर्ष पूर्ण किया है। अनगिनत स्वयंसेवकों ने अपने समर्पण, कर्तव्य-निष्ठा और राष्ट्र-प्रथम की भावना से सदैव समाज के उत्थान के लिए कार्य किया है।
मुझे विश्वास है कि यह भावना आने वाले समय में भी देश को और सशक्त एवं सुदृढ़ करेगी।”
“नागपुर में शताब्दी वर्ष श्री विजयादशमी उत्सव के दौरान परम पूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का अत्यंत प्रेरणादायी संबोधन।
उन्होंने राष्ट्रीय प्रगति और सामाजिक एकता, आत्मनिर्भरता की आवश्यकता तथा समाज के चरित्र को सुदृढ़ करने सहित अनेक विषयों पर विस्तार से बात की।
विशेष रूप से उल्लेखनीय था सेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता पर उनका जोर, जो प्रत्येक आरएसएस स्वयंसेवक का अभिन्न अंग है।
उन्होंने पंच परिवर्तन के बारे में भी बात की और बताया कि ये सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन में किस प्रकार सार्थक योगदान दे सकते हैं।”
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